AAP विधायक पठानमाजरा को हाईकोर्ट से झटका:पटियाला रेप केस में 'भगोड़ा' घोषित करने का फैसला सही; वारंट रद्द करने की याचिका खारिज

📅 Published: February 12, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

पटियाला जिले में रेप केस में फरार चल रहे आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोट से झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी वारंट जारी करना और भगोड़ा घोषित करने को सही ठराया है। पठानमाजरा ने पटियाला कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने की कार्रवाई को रद्द करवाने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। उनके वकील की ओर से इस संबंध में याचिका दायर की गई है।विधायक ने एडवोकेट निखिल घई के माध्यम से याचिका दाखिल की है। याचिका में 5 सितंबर और 11 सितंबर 2025 को जारी गिरफ्तारी वारंट तथा 16 अक्टूबर और 20 दिसंबर 2025 को पारित घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) के आदेशों को चुनौती दी गई है।याचिका में दी है यह दलीलइससे पहले पटियाला कोर्ट ने पठानमाजरा को तलब किया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे। याचिका में विधायक ने तर्क दिया है कि पुलिस को उनकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट लेने की आवश्यकता ही नहीं थी, क्योंकि गंभीर अपराधों में कानून पुलिस को बिना वारंट, यहां तक कि राज्य से बाहर जाकर भी गिरफ्तारी का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी वारंट जांच में अनुचित सहायता करते हैं और यह प्रक्रिया का दुरुपयोग है। पीड़िता से की थी शादी याचिका में विधायक ने स्वयं बताया है कि वह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के ऐनट्री इलाके में हैं और एक रिश्तेदार के घर रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले रहे हैं और जानबूझकर छिपे नहीं हैं। विधायक ने यह भी बताया कि वर्ष 2021 में उनकी दूसरी शादी, पहली पत्नी और उसके परिवार की सहमति से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज शिकायत झूठी है और यह पैसे व संपत्ति से जुड़ी निजी मांगों के साथ-साथ राजनीतिक विरोधियों के प्रभाव में दर्ज कराई गई है। 2 पॉइंट्स में जानिए पूरा मामला… महिला को धोखा देने और ठगी के आरोप लगे: पटियाला के सिविल लाइन थाने में AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ 3 सितंबर को FIR दर्ज हुई। उन पर आरोप था कि उन्होंने सरकारी नौकरी और योजनाओं का लालच देकर लाखों रुपए वसूले और खुद को तलाकशुदा बताकर एक महिला को धोखा दिया। शिकायत के 3 साल बाद कार्रवाई हुई: महिला का आरोप था कि 2013 में फेसबुक पर हुई पहचान के बाद उसने पठानमाजरा के साथ 2021 में गुरुद्वारा साहिब में शादी की, लेकिन 2022 के चुनावी हलफनामे में पहली पत्नी का नाम सामने आने पर सच उजागर हुआ। महिला ने शारीरिक शोषण, धमकी और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप लगाए। शिकायत के 3 साल बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पठानमाजरा पर धारा 420, 506 और 376 के तहत केस दर्ज किया और विशेष रिपोर्ट अदालत को भेज दी है।

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