BBC दिल्ली हेड रहे मार्क टली का निधन:भिंडरावाले का इंटरव्यू लिया था, इंदिरा से लेकर राजीव तक की हत्या को कवर किया

📅 Published: January 25, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

सीनियर पत्रकार और लेखक मार्क टली का रविवार को दिल्ली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में निधन हो गया। वे 90 साल के थे। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक उनके करीबी मित्र सतीश जैकब ने यह जानकारी मीडिया को दी। मार्क टली पिछले कुछ समय से बीमार थे और पिछले एक हफ्ते से साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। सतीश जैकब ने बताया कि मार्क का रविवार दोपहर साकेत के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। मार्क टली का जन्म कोलकाता में हुआ था। वह 22 साल तक BCC के नई दिल्ली ब्यूरो प्रमुख रहे। वे एक फेमस लेखक भी थे और ‘BBC रेडियो 4’ के प्रोग्राम ‘समथिंग अंडरस्टूड’ के प्रजेंटेटर रहे। उन्होंने 1980 के दशक में खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले का इंटरव्यू लिया था। उन्हें 2002 में नाइट की उपाधि दी गई थी और 2005 में भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था। मार्क टली ने भारत पर कई किताबें लिखीं, जिनमें ‘नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया’, ‘इंडिया इन स्लो मोशन’ और ‘द हार्ट ऑफ इंडिया’ शामिल हैं। पीएम मोदी ने मार्क टली को श्रद्धांजलि दी मार्क टली के निधन पर कई राजनीतिक नेताओं और जानी-मानी हस्तियों ने शोक जताया। सभी ने उन्हें ऐसा पत्रकार बताया, जिनकी आवाज और रिपोर्टिंग ने कई दशकों तक लोगों को भारत को समझने में मदद की। पीएम मोदी ने कहा कि मार्क टली के निधन से उन्हें दुख हुआ है। उन्होंने कहा- पत्रकारिता में मार्क टली की आवाज बहुत बड़ी थी। भारत और यहां के लोगों से उनका गहरा जुड़ाव था, जो उनके काम में साफ दिखाई देता था। टली की रिपोर्टिंग और समझ ने लंबे समय तक सार्वजनिक चर्चा को प्रभावित किया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी मार्क टली के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उपमहाद्वीप की कई पीढ़ियों के लिए उनकी शांत और अलग पहचान वाली आवाज ही खबरों की पहचान थी।हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर लिखा- बीबीसी में लंबे समय तक भारत के संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख रहे कोलकाता में जन्मे मार्क टली ने इस क्षेत्र की कई अहम घटनाओं की रिपोर्टिंग की। 1978 में विदेश मंत्रालय में शामिल होने के बाद उनकी पहली मुलाकात मार्क टली से हुई थी।आपातकाल के दौरान टली की रिपोर्टिंग को साफ, समझदार और भरोसेमंद थी। टली भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे फेमस अंग्रेजी पत्रकार थे मार्क टली भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे फेमस अंग्रेजी पत्रकार माने जाते थे। उन्हें इंग्लैंड की महारानी और भारत के राष्ट्रपति दोनों से सम्मान मिला है। उन्होंने फिल्मों में आवाज दी है और भारत पर तीन लोकप्रिय किताबें लिखी हैं। ब्रिटेन के अखबारों ने उनकी तुलना रुडयार्ड किपलिंग से की और भारत का सबसे पसंदीदा अंग्रेज कहा था। बीबीसी वर्ल्ड सर्विस पर उनकी रिपोर्टें पहले अंग्रेजी में आती हैं और बाद में हिंदी, उर्दू, तमिल, नेपाली और बंगाली में भी सुनाई जाती थीं। मार्क टली कहते थे कि उन्हें पत्रकारिता से ज्यादा भारत में दिलचस्पी है और वह रिटायर होने के बाद भी यहीं रहना चाहते थे। वह साधारण जीवन जीते थे और रेलवे से उन्हें बहुत लगाव था। उनके दोस्त कहते थे कि वे हर खबर को लेकर बहुत चिंतित रहते थे क्योंकि एक गलत खबर दंगे भड़का सकती थी। मार्क टली के करियर से जुड़े तीन बड़े विवाद… बीबीसी से इस्तीफा (1994)- साल 1994 में उन्होंने BBC से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बीबीसी के तत्कालीन डायरेक्टर जनरल जॉन बर्ट की खुलकर आलोचना की थी। टली का कहना था कि बीबीसी अब डर के माहौल में काम कर रही है और यह एक सीक्रेट और कठोर संगठन बन चुका है। अयोध्या रिपोर्टिंग विवाद (1992)- 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान अयोध्या में की गई उनकी रिपोर्टिंग भी विवादों में रही। उस समय हालात बेहद तनावपूर्ण थे और टली को भीड़ की नाराजगी और धमकियों का सामना करना पड़ा। भारत में कुछ मीडिया और अधिकारियों ने भी बीबीसी की रिपोर्टिंग की आलोचना की और कहा कि इससे दंगे भड़क सकते हैं। टली ने हमेशा यह कहा कि उन्होंने वही दिखाया जो उन्होंने देखा और सच को बिना किसी फिल्टर के पेश किया। राजीव गांधी सरकार पर घोटाले की रिपोर्ट- 1989 में राजीव गांधी सरकार के दौरान हुए कुछ घोटालों पर उनकी रिपोर्टिंग भी चर्चा में रही। कई लोगों का मानना था कि इस तरह की रिपोर्टिंग ने उस समय की सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया। टली पादरी बनना चाहते थे लेकिन सफल नहीं हुए कोलकाता से टली का पारिवारिक जुड़ाव 1857 से था मार्क टली का कोलकाता से रिश्ता बहुत पुराना है। एक बार उन्होंने मीडिया को बताया था कि कोलकाता से उनका पारिवारिक जुड़ाव कम से कम 1857 तक जाता है। उस साल उनके ननिहाल के परदादा उत्तर प्रदेश में हुए विद्रोह से बचकर गंगा नदी के रास्ते नाव से कोलकाता पहुंचे थे। उनके नाना कोलकाता में जूट का कारोबार करते थे। वे जूट उस इलाके से खरीदते थे, जो आज बांग्लादेश है। इसी वजह से मार्क टली की मां का जन्म वहां हुआ। बाद में उनकी मां की मुलाकात उनके पिता से कोलकाता में हुई और दोनों ने वहीं शादी की। उनके पिता अपने परिवार में पहले व्यक्ति थे जो भारत आए और बाद में कोलकाता की एक कंपनी गिलैंडर्स आर्बुथनॉट में सीनियर साझेदार बने। मार्क टली ने बताया था कोलकाता में जन्म लेने से उन्हें बचपन में ब्रिटेन के बोर्डिंग स्कूल में खास पहचान मिलती थी। वे बताते हैं कि दस साल की उम्र में, जब वे ब्रिटिश बोर्डिंग स्कूल पहुंचे, तो कोलकाता में जन्म लेना उन्हें दूसरों से अलग बनाता था। वे गर्व से कहते थे कि उनका जन्म ब्रिटिश साम्राज्य के ‘दूसरे सबसे बड़े शहर’ में हुआ था। ————— यह खबर भी पढ़ें… NATO देशों की नाराजगी के बाद ट्रम्प ने बदला सुर:ब्रिटिश सैनिकों की तारीफ की, कहा- अफगानिस्तान में जो शहीद हुए, वे महान योद्धा अफगानिस्तान युद्ध में NATO की भूमिका पर विवादित बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। शनिवार को उन्होंने ब्रिटिश सैनिकों की तारीफ करते हुए अफगानिस्तान युद्ध में उनकी कुर्बानियों को याद किया। 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