KGMU लॉरी कार्डियोलॉजी में मरीजों को दिल की जांच के लिए अगले साल की डेट मिल रही हैै। ऐसे में मरीज जांच के लिए भटक रहे हैं। गंभीर मरीजों की भी तत्काल जांच नहीं हो पा रही है। उन्हें भी 24 घंटे बाद का समय दिया जा रहा है। बच्चे की जांच में लंबी वेटिंग बाराबंकी निवासी 4 साल के दीपू को KGMU बाल रोग विभाग के डॉक्टरों ने दिल की बीमारी की आशंका जाहिर की। उन्हें लारी कॉर्डियोलॉजी की ओपीडी में दिखाने की सलाह दी। दीपू को गोद में लेकर उनकी मां व परिवार के अन्य सदस्य सुबह करीब 10 बजे लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग पहुंचे। यहां ओपीडी में डॉक्टर ने बच्चे को देखा। बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टरों ने टूडी ईको जांच लिखी। बच्चे को सांस लेने में तकलीफ है। हालत गंभीर होने के बावजूद जांच के लिए बच्चे को 21 नवंबर की डेट मिली। परिजनों ने कर्मचारियों से गुजारिश की। इसके बावजूद कर्मचारियों ने मरीज की एक भी नहीं सुनी। मां बच्चे को लेकर सड़क के किनारे लेकर बैठी थी। इसी तरह मरीज विमला 55 ने डॉक्टर को ओपीडी में दिखाया। डॉक्टर ने टूडी ईको जांच लिखी। परिजन काउंटर पर जांच के लिए डेट लेने पहुंचे तो उन्हें 27 जनवरी को जांच के लिए बुलाया गया। परिजनों का कहना है कि मरीज की हालत ठीक नहीं है। जांच की जरूरत है। यहां पर ढाई माह बाद की तारीख दी गई है। दिव्यांग को गोद में लेकर इलाज कराने पहुंचे लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में दिल के गंभीर मरीजों काे स्ट्रेचर-व्हीलचेयर तक नहीं मिल पाती है। ऐसे में तीमारदार गोद में उठाकर मरीज को ले जाने को मजबूर हैं। गुरुवार को दिव्यांग मरीज को इमरजेंसी से ओपीडी भेजा गया। मरीज को व्हीलचेयर तक मुहैया कराई गई। नतीजा परिजन गोद में मरीज को उठाकर ले गए। हरदोई निवासी सुरेश एक पैर से दिव्यांग हैं। सुबह उन्हें सीने में दर्द उठा। परिजन पहले स्थानीय अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद मरीज को दिल की बीमारी बताई। मरीज को लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में दिखाने की सलाह दी। आनन-फानन परिवारीजन मरीज को लेकर लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने मरीज को देखा। जांच के बाद मरीज को ओपीडी में दिखाने की सलाह देकर बाहर कर दिया। मरीज को व्हीलचेयर तक नहीं दी गई। परिजनों ने इधर-उधर व्हीलचेयर तलाश किया मगर वह नहीं मिली। इस दौरान मरीज इमरजेंसी के बाहर जमीन पर पड़ा रहा। काफी तलाश के बाद भी व्हीलचेयर न मिलने पर परिजनों ने दिव्यांग मरीज को गोद में उठाकर ओपीडी ले गए। KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है व्हीलचेयर-स्ट्रेचर सभी जगह उपलब्ध है। किस दशा में वह नहीं मिल पाई है। इसकी जांच कराई जाएगी
KGMU में गंभीर मरीजों के इलाज पर संकट:इको की जांच में मिल रही लंबी वेटिंग, दिव्यांग को गोद में लेकर पहुंच रहे परिजन
📅 Published: November 20, 2025 |
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