MLA की सदस्यता रद्द करने की याचिका खारिज:हाईकोर्ट के पंजाब स्पीकर को निर्देश- फैसला जल्दी लें, अकाली दल छोड़ आप में शामिल हुए हैं

📅 Published: December 11, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में बंगा सीट के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। 2022 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में सुखविंदर सिंह सुक्खी शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर विधायक चुने गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन थाम लिया। याचिकाकर्ता ने इसे दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन बताया था। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा कि उसे भरोसा है कि पंजाब विधानसभा के स्पीकर इस मामले में “जितनी जल्दी संभव हो” उचित फैसला लेंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही ऐसे मामलों में तीन महीने के अंदर फैसला लेने की समय सीमा तय कर चुका है। इससे पहले याचिकाकर्ता एचसी अरोड़ा ने कोर्ट को बताया कि सुखविंदर सिंह सुक्खी को लोगों ने अकाली दल की टिकट पर चुना था, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी बदल ली। उन्होंने विधानसभा स्पीकर के सामने सुक्खी की सदस्यता रद्द करने की अपील की थी, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई इसलिए उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। हाईकोर्ट ने इस पिटीशन का निपटारा करते हुए स्पीकर को लंबित शिकायत पर नियमानुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए। 2024 में सुक्खी ने बदली थी पार्टी 2022 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान शहीद भगत सिंह नगर जिले की बंगा विधानसभा सीट से शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर चुनाव लड़कर जीतने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खी 14 अगस्त 2024 को आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए थे। उन्हें खुद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पार्टी ज्वाइन करवाई थी। इसके बाद हाईकोर्ट के वकील एचसी अरोड़ा ने अदालत में याचिका दायर कर उनके पार्टी बदलने को दलबदल कानून का उलंघन बताते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की थी।

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