NIA को 30 नवंबर को मिल सकता है एयरोड्रम लाइसेंस:24 नवंबर को सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर होगी जांच, केलिब्रेशन टेस्ट कर चुका है पास

📅 Published: November 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का संचालन की तैयारियां तेज कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, सभी निरीक्षणों के सफलतापूर्वक पूरा होने की स्थिति में एयरपोर्ट को 30 नवंबर तक एयरोड्रम लाइसेंस मिल सकता है। यह लाइसेंस मिलते ही उत्तर प्रदेश के पहले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से व्यवसायिक उड़ानें शुरू करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। लाइसेंस मिलने के बाद निजी कंसैशनेयर, एयर इंडिया, अकासा एयर और इंडिगो संयुक्त रूप से ऑपरेशन्स शुरू करने की तारीख तय करेंगे। NIAL के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 24 नवंबर को सुरक्षा संबंधी व्यापक जांच निर्धारित है। “यह व्यवसायिक संचालन शुरू होने से पहले की अंतिम बड़ी बाधा है। अगर सभी सिस्टम मानकों के अनुरूप पाए गए, तो एक सप्ताह के भीतर एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा,” 24 नवंबर की जांच तय करेगी लाइसेंस की तारीख
गुरुवार को एयरपोर्ट पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में DGCA, यूपी सिविल एविएशन विभाग, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, NIAL, CISF और विभिन्न एयरलाइंस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर, टर्मिनल बिल्डिंग और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। 3 नवंबर की प्रारंभिक जांच में चिह्नित सुरक्षा से जुड़े मामूली मुद्दों को अब पूरी तरह सुलझा लिया गया है। 24 नवंबर की व्यापक जांच यह तय करेगी कि लाइसेंस जारी होने की प्रक्रिया समय पर आगे बढ़ेगी या नहीं। इन चीजों को परखा जाएगा
एयरोड्रम मैनुअल के अनुसार, लाइसेंस जारी करने से पहले रनवे की क्षमता, सेफ्टी एरिया अनुपालन, टैक्सी वे और एप्रन की कार्य शीलता, लाइटिंग और नेविगेशनल एड्स, अपडेटेड मौसम व एयरोनॉटिकल डेटा समेत कई तकनीकी मापदंड पूरे करना अनिवार्य होता है। साथ ही प्रशिक्षित कर्मचारी, फायर एवं रेस्क्यू कवरेज, आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना, वन्यजीव प्रबंधन और ग्राउंड-हैंडलिंग व्यवस्था भी जांच का हिस्सा होती हैं। ये टेस्ट हो चुके पूरे
DGCA ने 31 अक्टूबर और 4 नवंबर को दो चरणों में फ्लाइट केलिब्रेशन टेस्ट पूरे किए। BCAS पहले ही 15 सितंबर को सुरक्षा तैयारी को मंजूरी दे चुका है। AAI ने कम्युनिकेशन, नेविगेशन और सर्विलांस/एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना की निगरानी की है।
टर्मिनल की रुफिंग पूरी हो चुकी है और ORAT कार्यक्रम के तहत बैगेज सिस्टम, सुरक्षा उपकरण, चेक-इन और बोर्डिंग गेट्स सहित सभी प्रणालियों के ट्रायल जारी हैं।

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