सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह सोमवार को हरदोई पहुंचे। एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में चुनाव आयोग और स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए। डॉ. सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा “मानवता की सेवा, सत्य की राह और समाज के कल्याण” के लिए कार्य करना है। डॉ. सिंह ने देश में चल रही SIR प्रक्रिया की प्रकृति पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी नागरिक की नागरिकता तय नहीं कर सकती। यह केवल मृतक और फर्जी मतदाताओं को हटाने तथा नए योग्य मतदाताओं को जोड़ने की तकनीकी प्रक्रिया है। उन्होंने इसे राजनीति का आधार बनाने को गलत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर इस प्रक्रिया का उपयोग “वोट कटवाने” या “किसी विशेष वर्ग को लाभ पहुँचाने” के लिए किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार उठ रहे सवालों पर डॉ. सिंह ने कहा कि यदि ऐसे आरोप बढ़ते हैं, तो लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली में अविश्वास पैदा होगा। डॉ. सिंह ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग से सेवानिवृत्त कई अधिकारी राज्यसभा और विभिन्न सरकारी संस्थानों में उच्च पदों पर नियुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति आयोग की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने जोर दिया कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष, निर्भीक और पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करना चाहिए ताकि उसकी विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने यह भी दोहराया कि SIR का एकमात्र उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना है, न कि किसी मतदाता के अधिकार को प्रभावित करना। डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक रंग देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकता है।
SIR किसी की नागरिकता तय नहीं कर सकती:सीनियर वकील डॉ. एपी ने कहा- यह फर्जी वोटर्स को हटाने, नए जोड़ने की तकनीकी प्रक्रिया
📅 Published: November 23, 2025 |
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