इंडिगो एयरलाइंस की हर 10 में से 9 फ्लाइट्स देरी से उड़ रही या रद्द हो चुकी हैं। इंडिगो का कहना है कि फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी FDTL के नए नियमों को लागू करने में चूक हुई। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इंडिगो के पास पर्याप्त समय था, वो नियमों में रियायत पाने के लिए सरकार को ‘ब्लैकमेल’ कर रही है। फिलहाल DGCA ने नियमों में अस्थायी राहत दे दी, लेकिन हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा। आखिर हजारों फ्लाइट्स थमने की असली वजह क्या है, समस्या की शुरुआत कैसे हुई, इंडिगो को ही सबसे ज्यादा दिक्कत क्यों और अब आगे क्या होगा; भास्कर एक्सप्लेनर में ऐसे 10 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: मौजूदा फ्लाइट संकट की शुरुआत कैसे हुई? जवाबः पायलट यूनियन ने जनवरी 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। इसमें पायलट के ज्यादा काम के घंटे और थकान से फ्लाइट सेफ्टी का मुद्दा उठाया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद DGCA ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी FDTL नियमों में बदलाव किए। 1 जुलाई 2025 को पायलट्स को आराम देने के लिए ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नियम लागू किए गए थे। इसके तहत एयरलाइन कंपनियों के लिए पायलटों को हफ्ते में 36 घंटे के बजाय 48 घंटे आराम, यानी दो दिनों का वीकली रेस्ट देना अनिवार्य कर दिया। इस दौरान किसी छुट्टी को वीकली रेस्ट गिनने पर रोक लगा दी थी। FDTL के दूसरे फेज में 1 नवंबर से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के लगातार नाइट शिफ्ट पर भी पाबंदी लगा दी थी। इन नए नियमों के आने के बाद इंडिगो पायलट्स और दूसरे स्टाफ की कमी दूर नहीं कर पाई और हालात बेकाबू हो गए। सवाल-2: पिछले 3-4 दिनों में हालात बेकाबू कैसे हुए? जवाबः पिछले 4 दिनों में इंडिगो ने 1700 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कीं और हजारों देरी से चल रही हैं… सवाल-3: इंडिगो समाधान करने की बजाय लगातार बहाने क्यों बनाता रहा? जवाबः 2 दिसंबर को इंडिगो ने कहा कि किसी छोटी तकनीकी गड़बड़ी, सर्दियों के शेड्यूल मैनेजमेंट, मौसम, एयरपोर्ट कंजेशन और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों के चलते फ्लाइट्स प्रभावित हो रही हैं। साथ ही यात्रियों से टिकट रिफंड और री-बुकिंग का वादा किया। 3 दिसंबर को इंडिगो ने एयरलाइन से जुड़ी तकनीकी दिक्कत और ऑपरेशनल इश्यूज से फ्लाइट प्रभावित होने की बात कही गई। 4 दिसंबर को हालात बेकाबू हो गए, तो इंडिगो के सीनियर ऑफिसर्स ने DGCA के साथ मीटिंग के बाद नए रोस्टर नियमों के मुताबिक अपनी प्लानिंग में कमी की बात मानी। इंडिगो ने माना कि क्रू रिक्वायरमेंट अनुमान से ज्यादा था। नए क्रू रोस्टरिंग नियमों और बाकी तकनीकी कारणों, मौसम आदि के सम्मिलित प्रभाव के चलते उसकी फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो को नए पायलट्स और बाकी स्टाफ हायर करने के लिए 9 महीने का समय दिया गया था, लेकिन इंडिगो ने जरूरत के मुताबिक नई भर्तियां नहीं कीं। यही बात शक पैदा करती है कि संकट अचानक नहीं हुआ, बल्कि पहले से अनुमानित था। सवाल-4: क्या इंडिगो ने इसे दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया? जवाबः कॉमेडियन अभिजीत गांगुली ने आरोप लगाया कि इंडिगो ने सरकार को ब्लैकमेल करने के लिए फ्लाइट्स रद्द कीं, ताकि यात्रियों को तकलीफ हो और सरकार इंडिगो को FDTL के नियमों में छूट देने के लिए राजी हो जाए। जब नवंबर में दूसरे फेज के रूल्स लागू हुए, तभी बेंगलुरु में फ्लाइट्स प्रभावित होने लगी थीं। इंडिगो का स्टाफ कह रहा था कि अभी यह स्थिति करीब एक महीने तक चलेगी। वही हुआ और आखिरकार सरकार इंडिगो को नए रूल्स से राहत देने को तैयार हो गई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इंडिगो की मोनोपॉली का सवाल उठाया… एविएशन एक्सपर्ट अनंत सेठी कहते हैं, इंडिगो ने एक सोची समझी हड़ताल की है। नए नियमों को अचानक लागू नहीं किया गया था। स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए इंडिगो के पास पर्याप्त समय था, लेकिन इंडिगो के पास भारतीय एविएशन सेक्टर में करीब 65% की हिस्सेदारी है। उसने अपना खर्च कम करने के लिए नए स्टाफ की भर्ती नहीं की और दबाव बनाने के लिए फ्लाइट्स प्रभावित की गईं। सवाल-5: पायलट-क्रू के आराम के लिए बने नए FDTL नियम क्या हैं? जवाबः FDTL के नए नियमों के तहत… सवाल-6: सरकार ने ये नियम क्यों बनाए और इन्हें लागू करना क्यों जरूरी था? जवाबः DGCA ने पायलटों की थकान से जुड़ी रिपोर्ट्स की समीक्षा करने के बाद ये नियम लागू किए हैं। पिछले 3-4 सालों में समय-समय पर कई पायलट्स एसोसिएशन ने DGCA को पत्र लिखकर इन नियमों को लागू करने की मांग की थी, ताकि उन्हें जरूरी आराम मिल सके। DGCA का कहना है कि पायलट्स की थकान बड़े हादसों को जन्म दे सकती है। दुनियाभर की एयरलाइंस भी इसे एक बड़ा जोखिम मानती हैं। थकान की वजह से खराब परिस्थितियों में फैसला लेने और रात के वक्त प्लेन लैंड कराने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, DGCA ने 2023 में 1,622 कॉमर्शियल पायलट्स को लाइसेंस जारी करने की बात कही थी, लेकिन फिर भी अगले 5 सालों में 2,375 पायलटों की कमी रह जाएगी। 2029 तक कुल 22,400 पायलटों की जरूरत होगी, जबकि अभी सिर्फ 11,745 पायलट्स ही हैं। 2022 से 2025 के बीच उड़ानें बढ़ने से पायलट्स खासकर कैप्टन पर काम का बोझ बढ़ा है। भारत के पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स की क्षमता भी कम है। हर साल सिर्फ 1200-1500 पायलट्स को ही ट्रेनिंग के बाद लाइसेंस मिल पाता है। जबकि जरूरत इससे कहीं ज्यादा है। सवाल-7: अमेरिका और यूके में पायलट्स को कितना रेस्ट मिलता है? जवाबः अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FFA) और यूरोप की यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने पायलटों को जरूरी आराम देने के लिए कुछ ऐसे ही नियम बनाएं हैं, जो अमेरिका और यूरोपीय देशों की लगभग सभी एयरलाइंस पर लागू होते हैं… भारत के नए नियम इसी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड पर आधारित हैं। सेफ्टी के लिहाज से ये जरूरी माने जाते हैं। सवाल-8: नए नियमों से सबसे ज्यादा इंडिगो ही क्यों प्रभावित हुआ? जवाबः नए नियमों से इंडिगो सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ क्योंकि… अभी इंडिगो के पास 5,456 पायलट और 10,212 केबिन क्रू मेंबर हैं। 41 हजार से ज्यादा स्थायी कर्मचारी हैं। इंडिगो का कहना है कि नए फ्लाइट टाइम लिमिटेशन नियमों के कारण पायलट और क्रू की कमी हुई है। सवाल-9: क्या सरकार वाकई ‘बेबस’ थी, उसके पास क्या विकल्प थे? जवाबः थ्योरिटिकली सरकार के पास चार विकल्प थे- स्थिति को देखते हुए DGCA ने एयलाइंस को नए नियमों से 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी राहत दी है। पायलट्स को वीकली रेस्ट के बदले कोई भी छुट्टी नहीं देने के फैसले को भी वापस ले लिया है। सवाल-10: इस पूरे मामले में आगे क्या हो सकता है? जवाबः इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स का कहना है, ‘इंडिगो की फ्लाइट्स रद्द होने और देरी से चलने के लिए हम सभी से माफी मांगते हैं। पूरा सिस्टम रिबूट हो रहा है। हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा। 10 से 15 दिसंबर तक हालात सामान्य हो सकेंगे। पिछले कुछ दिनों में ज्यादा दिक्कतें आई हैं। आज 1 हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। कल 1,000 से कम उड़ाने प्रभावित होंगी।’ एविएशन एक्सपर्ट अनंत सेठी कहते हैं ‘अभी सरकार के पास यात्रियों की समस्या दूर करने का विकल्प नहीं है, इसलिए अभी इंडिगो से बात की जा रही है। DGCA ने इंडिगो से पूछा है कि वह कितने फेज में और किस तरह से नए नियम लागू करेंगे। हो सकता है कि कुछ दिनों में इंडिगो नया शेड्यूल जारी करके कुछ फ्लाइट्स कम कर दे, क्योंकि यही एक चारा है, अचानक पायलट्स बढ़ाना आसान काम नहीं है।’ —————— ये खबर भी पढ़ें… हवा में दो विमानों की टक्कर:पहला विमान पिघलकर क्रैश, पायलट की मौत, दूसरा कैसे सुरक्षित लैंड हुआ; 3D और Ai से देखिए ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से 60 किलोमीटर की दूरी पर है NSW स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट क्लब। यहां हर वीकेंड पर पायलट्स हवा में कलाबाजियां करने की प्रैक्टिस करने जाते हैं। 30 नवंबर की दोपहर 4 प्लेन हवा में उड़ान भरते हैं। कलाबाजियां करने के बाद सभी प्लेन जैसे ही रनवे पर लौटने के लिए अलग होते हैं, तभी एक प्लेन दूसरे प्लेन के फ्यूलसेज से टकराता है और क्रैश कर जाता है। 3D मैप, वीडियो और AI के जरिए देखिए पूरी कहानी…
क्या इंडिगो ने जानबूझकर फ्लाइट संकट खड़ा किया:5 महीने में नहीं किया पायलट्स का इंतजाम, सरकार बेबस क्यों हुई; 10 सवालों में पूरी कहानी
📅 Published: December 6, 2025 |
📂 Category: India National
