लखनऊ में सेवानिवृत्त कर्मचारियों का प्रदर्शन:सरकार पर नजरअंदाज करने का लगाया आरोप , आठवें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग

📅 Published: December 15, 2025 | 📂 Category: India Up

लखनऊ में सोमवार को हजरतगंज स्थित कर्मचारी प्रेरणाय स्थल पर प्रदर्शन। 8वें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण की मांग को लेकर प्रदेशभर में पेंशनरों का प्रदर्शन। 8 वें वेतन आयोग के विचारणीय विषयों में जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण सहित अन्य मांगों को शामिल कराने को लेकर पेंशनरों ने आमसभाएं आयोजित कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में सेवारत कर्मचारी व शिक्षक संगठनों सहित विभिन्न विभागों से जुड़े पेंशनरों ने हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि सेवाकाल में अगर कर्मचारियों का वेतन लंबित न रखा गया होता तो सरकार को उसी समय भुगतान के लिए फंड उपलब्ध कराना पड़ता। लंबित वेतन का भुगतान न होना सरकार के लिए भविष्य की बचत बना। इसलिए पेंशन को अनफंडेड कहना पूरी तरह गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि सेवाकाल में न दिए गए वेतन को कर्मचारी का योगदान माना जाना चाहिए, इस प्रकार पेंशन न केवल अंशदायी है बल्कि फंडेड भी है। अमरनाथ ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ गंभीर अन्याय हो रहा है। सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष बी.एल. कुशवाहा ने कहा कि प्रदेशभर में लगभग एक लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी व शिक्षक है। सभी पूरी ताकत से इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि देश में केंद्र व राज्यों के लगभग दो करोड़ पेंशनर हैं, जिनके परिवारों को मिलाकर यह करीब 10 करोड़ लोगों की आजीविका से जुड़ा सवाल है। यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी रूप लेगा।

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *