‘राहुल के पास हमारे लिए वक्त नहीं, प्रियंका कमान संभालें’:कांग्रेस से सस्पेंड मोहम्मद मुकीम बोले- खड़गे नहीं हटे, तो कुछ नहीं बदलेगा

📅 Published: January 3, 2026 | 📂 Category: India National

‘बहुत रिसर्च करने के बाद मुझे पता चला कि पार्टी (कांग्रेस) के जो हाईकमान हैं, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी और राहुल गांधी जी, अगर वहां सुधार नहीं होगा, तो संगठन में नीचे भी सुधार नहीं होगा।’ ये बात कह रहे मोहम्मद मुकीम लंबे वक्त तक कांग्रेस में रहे। विधायक बने। उनकी बेटी सोफिया फिरदौस कांग्रेस से अब भी विधायक हैं। मोहम्मद मुकीम ने सोनिया गांधी को लेटर लिखकर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की लीडरशिप पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र ज्यादा हो गई है, इसलिए उन्हें बदला जाना चाहिए। उन्होंने शिकायत की थी कि राहुल जमीनी नेताओं से कट गए हैं। इसलिए प्रियंका गांधी को आगे लाना चाहिए। लेटर सामने आने के बाद मोहम्मद मुकीम को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। वे दावा करते हैं कि 6 महीने के भीतर कांग्रेस में बड़ा बदलाव आएगा और बदलाव की जड़ में मोहम्मद मुकीम ही होंगे। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपने लीडरशिप पर सवाल उठाए और पार्टी से निकाल दिए गए। आपने सोनिया गांधी को चिट्ठी क्यों लिखी थी?
जवाब: दुख की बात है कि जो परिवार कांग्रेस से जुड़े रहे, वे आज पार्टी से दूर हो रहे हैं। मेरे परिवार का आजादी की लड़ाई में योगदान रहा है। मेरे बड़े भैया पूर्व मुख्यमंत्री जानकी बल्लभ पटनायक से जुड़े थे। जेबी पटनायक की गाड़ी में ही सिर्फ 42 साल की उम्र में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। इसके बाद भी मेरा परिवार कांग्रेस के लिए हमेशा साथ रहा। आपको एक बात बताता हूं। राहुल जी ने 2023 में हम 18 नेताओं को दिल्ली बुलाया था। इसके बाद PCC अध्यक्ष बदल दिया। ओडिशा में शरत पटनायक जी को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। हम लोग समझ नहीं पाए कि किस आधार पर ये फैसला लिया गया। जो व्यक्ति खुद 6 बार इलेक्शन हार चुका हो, उसे प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यहीं से गड़बड़ शुरू हुई। इसका नतीजा यह हुआ कि ओडिशा में कांग्रेस पूरी तरह बिखर गई। वोट शेयर 30% से गिरकर 15% रह गया। प्रदेश अध्यक्ष खुद चुनाव हार गए। उन्हें सिर्फ 15 हजार वोट मिले। केंद्र में उम्मीद जागी थी, जब हम 54 से 99 सीट तक पहुंचे थे। लगा था कि कांग्रेस शायद फिर वापस आ रही है, लेकिन इसके बाद हम 5 राज्यों में बुरी तरह चुनाव हारे। सवाल: ओडिशा में शरत पटनायक को PCC अध्यक्ष बनाने का फैसला राहुल गांधी जी के कहने पर हुआ था?
जवाब: हां, यह फैसला उनकी सहमति से ही लिया गया था। राहुल जी ने सबसे अलग-अलग बात की। फिर ये फैसला लिया। मुझे लगा कि उनके आसपास जो लोग हैं, हमारे राज्य के इंचार्ज हैं, ये लोग सही बात नहीं पहुंचा रहे हैं। इससे गलत फैसले होते हैं। 5 राज्यों में हारने के बाद मुझे लगा कि हम विपक्ष में हैं। विपक्ष के अध्यक्ष का बड़ा रोल होना चाहिए। हमारी पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी अनुभवी नेता हैं, लेकिन उनकी उम्र 83 साल से ज्यादा हो चुकी है। वे उस तरह की दौड़भाग नहीं कर पाते। अगर हम रूलिंग पार्टी से तीन गुना मेहनत नहीं करेंगे तो हम उस पोजिशन में नहीं आ पाएंगे। सवाल: आपको लगता है कि मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र का मुद्दा उठाना सही है?
जवाब: मैंने 7–8 पॉइंट लिखे थे। इसमें ये भी था कि कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए दौड़भाग मुश्किल हो रही है। यहां युवा लीडर को लाना चाहिए। हमारे पास प्रियंका गांधी हैं। हम उन्हें बना सकते हैं। ऐसे लीडर हैं, जिन्होंने खुद को साबित किया है। डीके शिवकुमार, शशि थरूर, सचिन पायलट, रेवंत रेड्‌डी हैं, इनकी एक टीम बनाकर उन्हें पूरे भारत में भेजना चाहिए। मेरी बात कड़वी हो सकती है, लेकिन आज भी मुझे अफसोस नहीं है। भले पार्टी ने मुझे बिना बात किए बाहर कर दिया है। सवाल: आप सोनिया गांधी से क्या उम्मीद कर रहे थे?
जवाब: सोनिया जी कांग्रेस की सुप्रीम लीडर हैं। उनकी मेहनत से कांग्रेस 2004 में सत्ता में आई थी। हमने 10 साल सरकार चलाई। इसलिए मैंने सोचा कि उन्हें अपनी बात बताना चाहिए। अब उनके दखल देने का समय आ गया है, उन्हें कोई उपाय निकालना चाहिए। ऐसा नहीं होता तो कांग्रेस को रूटलेस होने में टाइम नहीं लगेगा। सवाल: आपने लेटर में लिखा कि युवा नेताओं जैसे सचिन पायलट, रेवंत रेड्डी, डीके शिवकुमार और शशि थरूर को मुख्य भूमिका मिलनी चाहिए। क्या ये राहुल की लीडरशिप को चैलेंज करना नहीं होगा?
जवाब: मैंने जिन नेताओं की बात कही, वे दूसरी लाइन के नेता हैं। प्रियंका गांधी अब सांसद हैं। संसद में अच्छा बोल रही हैं। उन्हें सामने आकर लीडरशिप लेनी चाहिए। उनका अंदाज ऐसा है कि लोग उन्हें पसंद करते हैं। अभी हम सिर्फ तीन राज्यों में हैं। बाकी राज्य BJP या रीजनल पार्टियों के पास हैं। हमारे यहां के PCC प्रेसिडेंट ईस्टर्न ओडिशा से हैं। उनकी कोस्टल ओडिशा में कोई पहचान नहीं है। हमने राहुल गांधी को सुझाव दिया कि प्रेसिडेंट के साथ अलग-अलग नेताओं को टीम की तरह सिलेक्ट कीजिए। उनका असर आसपास की तीन-चार सीटों पर होगा। सवाल: ये बात सुनकर राहुल गांधी क्या बोले?
जवाब: कुछ नहीं। 6 महीने हो गए, कुछ नहीं हुआ। आप BJP को देखिए। वे पूरे साल चुनाव की तैयारी करते हैं। अगर संगठन ठीक से काम नहीं करेगा, तो कांग्रेस आगे कैसे बढ़ेगी। हमारे जैसे कार्यकर्ताओं को अगर मौका नहीं मिलता है, तो निराशा होती है। पार्टी गलत फैसला ले रही है। लीडरशिप मेहनत नहीं कर रही है। इसलिए पार्टी चुनाव हार रही है। चुनाव नहीं जीतेंगे तो कुछ नहीं कर पाएंगे। सवाल: आपने लिखा कि राहुल गांधी तक किसी की पहुंच नहीं है। आप उनसे आखिरी बार कब मिले थे?
जवाब: मैं विधायक था, मैंने तीन साल कोशिश की, लेकिन एक बार भी राहुल गांधी से मिलने का अपॉइंटमेंट नहीं मिला। 2019 में हमारी मुलाकात हुई थी। 2019 से 2024 के बीच एक बार 2023 में हमें बुलाया गया था, जब PCC अध्यक्ष चुना गया। बीच में जब भी मिलने का वक्त मांगा, विधायक होने के बाद भी मुझे अपॉइंटमेंट नहीं मिला। अगर पार्टी के सुप्रीम लीडर हमसे बात नहीं करेंगे, तो पार्टी का हाल क्या होगा। इसी भावना के साथ सोनिया गांधी को लेटर लिखा था। CWC मेंबर्स को भी भेजा। वह लेटर लीक होकर मीडिया तक पहुंच गया। सवाल: क्या प्रियंका गांधी, राहुल गांधी से बेहतर नेतृत्व दे सकती हैं?
जवाब: अकेले राहुल गांधी से भी होना मुश्किल है। हम लगातार तीन लोकसभा चुनाव हार चुके हैं। इसलिए पार्टी को सामूहिक नेतृत्व की जरूरत है। राहुल जी पार्टी के अध्यक्ष नहीं हैं। मेरा मानना है कि प्रियंका गांधी जी को आगे लाया जाना चाहिए। पूरी टीम को साथ लेकर काम किया जाए। ऊपर से नीचे तक सर्जरी होनी चाहिए। आगे बढ़ने से पहले इस सवाल पर अपनी राय दीजिए… सवाल: राहुल गांधी से आपको क्या शिकायत है?
जवाब: मैं जो कहना चाहता हूं, उसे राहुल जी के खिलाफ नहीं समझा जाना चाहिए। मैंने उन्हें लीडर माना है। मैं आज भी कांग्रेस की विचारधारा के साथ हूं। राहुल जी को समझना चाहिए था। हम काम करने वाले लोग हैं। मैंने जो सीट जीती, वहां 35 साल से कांग्रेस नहीं जीती थी। पिछले चुनाव में मेरी बेटी लड़ी थीं। वहां PM मोदी आए, अमित शाह आए, तब के चीफ मिनिस्टर भी आए, इसके बावजूद हम जीते। हमारे साथ लोग जुड़े हैं। हम जैसे लोग पार्टी को बचाकर रखे हुए हैं। पार्टी को ये सोचना चाहिए। भारत जोड़ो यात्रा चल रही थी। राहुल जी ओडिशा आए थे। राउरकेला गए थे। हम भी वहां थे। वे तीन दिन रहे, लेकिन सिर्फ सुबह नमस्कार करके चले गए। हमने कहा कि राहुल जी यूथ कांग्रेस और कार्यकर्ताओं से मिलें, पूर्व विधायक-सांसदों से मिलें। इससे उन्हें पता भी चल जाएगा कि स्थिति क्या है, लेकिन वे नहीं मिले। सवाल: बिहार में राहुल गांधी फ्रंट पर थे, फिर भी चुनाव में हार मिली। क्या आपको राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कोई कमी महसूस होती है?
जवाब: वहां हमारा मैनेजमेंट अच्छा नहीं था। हम ग्राउंड पर नहीं गए। यह एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए कई साल की मेहनत चाहिए। यह राहुल गांधी जी के नेतृत्व की बात नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष को राज्य में संगठन मजबूत करना चाहिए था। इसीलिए तो हम 5 राज्यों में हारे हैं। सवाल: पार्टी में प्रियंका गांधी जी को किस तरह की भूमिका निभानी चाहिए?
जवाब: प्रियंका गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाना चाहिए। पार्टी को ऐसा चेहरा चाहिए, जो लोगों का दर्द समझे और कार्यकर्ताओं के साथ काम कर सके। राहुल गांधी जी नेता प्रतिपक्ष हैं। इसलिए प्रियंका जी काे आगे आना चाहिए। सवाल: इससे कांग्रेस को कैसे फायदा हो सकता है?
जवाब: आप मानें या न मानें, कांग्रेस गांधी परिवार से अलग नहीं हो सकती। अगर गांधी परिवार से कोई नेतृत्व करे, चुनाव जीते लोगों की टीम बनाए, भारत को 4–5 जोन में बांटकर ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दे। इससे अपने-आप अच्छा माहौल बनेगा। कांग्रेस में ऐसे लीडर कम हैं, जिन्हें लोग सुनने आएं। हमारे पास युवा नेता थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया और मिलिंद देवड़ा कांग्रेस में नहीं हैं। अब जो नेता बचे हैं, उन्हें अगर सही से सामने नहीं लाएंगे तो कांग्रेस भी डूबेगी और वे लोग भी जाएंगे। सवाल: आपकी बेटी सोफिया फिरदौस अब भी कांग्रेस विधायक हैं। आपकी बगावत का उन पर क्या असर होगा?
जवाब: एक जिम्मेदार कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर मैं वही कर रहा हूं, जो पार्टी के हित में सही है। सोफिया अपने बलबूते पर विधायक है। वह अपना काम करेगी। मुझे मेरा काम करने दीजिए। सवाल: आगे आप क्या करेंगे, क्या नई पार्टी बनाएंगे?
जवाब: मेरे मन में कांग्रेस की विचारधारा है, उसे कांग्रेस मुझसे अलग नहीं कर सकती। उसी विचारधारा में रहते हुए हम ओडिशा के लिए क्या कर सकते हैं, इस पर सोचेंगे। इसके लिए हम लोगों से मिल रहे हैं। ये पहले ही साफ कर चुका हूं कि हम BJP और BJD में नहीं जाएंगे। सवाल: अब आपको लगता है कि लेटर नहीं लिखना चाहिए था, क्या कोई अफसोस है?
जवाब: बिल्कुल भी नहीं। आप देखिए, 6 महीने के भीतर कांग्रेस में बड़ा बदलाव आएगा। बदलाव की जड़ मैं ही होऊंगा। दिल्ली में इस पर चर्चा हो रही है। सवाल: पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद बनवा रहे हैं, आप इसे कैसे देखते हैं?
जवाब: यह सब घिसी-पिटी राजनीति है। भारत सेक्युलर देश है। किसी को ऊपर या नीचे दिखाने की कोशिश करना सही नहीं है। कोई मस्जिद बनवाता है, जैसे बहुत लोग मंदिर भी बनवाते हैं, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *