चित्रकूट में केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा बुंदेलखंड के विकास को लेकर की गई बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बावजूद भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट आज भी बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कई बार चित्रकूट आकर विकास को गति देने की बात कह चुके हैं, लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी जिले में एक बाईपास मार्ग तक नहीं बन पाया है। बड़े प्रोजेक्ट शुरू हुए, फिर ठप पड़े चित्रकूट में रानीपुर टाइगर रिजर्व, स्काई ग्लास ब्रिज और हवाई अड्डा जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू तो किए गए, लेकिन फिलहाल सभी बंद पड़े हैं। इन योजनाओं से पर्यटन और रोजगार बढ़ने की उम्मीद थी, जो अब अधूरी रह गई है। लिंक एक्सप्रेसवे तीन साल से अधर में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चित्रकूट को जोड़ने के लिए प्रस्तावित 15.5 किलोमीटर लंबा फोरलेन लिंक एक्सप्रेसवे भी अब तक धरातल पर नहीं उतर सका है। इसके बावजूद तीन साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। यह लिंक मार्ग प्रयागराज और मध्यप्रदेश से चित्रकूट की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाला था। 10 साल से लटका ओवरब्रिज, रोजाना जाम झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खोह गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज पिछले दस वर्षों से अधर में है। अब तक इसका एक चौथाई काम भी पूरा नहीं हो पाया, जिससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को जाम और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों खर्च, फिर भी सड़कें बदहाल राष्ट्रीय राजमार्गों को छोड़कर जिले की अधिकांश संपर्क सड़कें खस्ताहाल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी गंभीर हैं। पुल बने, लेकिन जरूरतमंद आज भी इंतजार में जिले में पांच नए पुलों का निर्माण हुआ, लेकिन अंग्रेजों के जमाने के मंदाकिनी पुल की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। अब जाकर नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है। वहीं सेमरदहा के खांच का पुरवा गांव आज भी एक छोटे पुल के लिए तरस रहा है। नाले पर पुल न होने के कारण बच्चे और ग्रामीण जुगाड़ के सहारे जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। अपर जिलाधिकारी स्वप्निल यादव के अनुसार भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। संबंधित विभागों को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बाईपास का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, स्वीकृति के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
चित्रकूट में विकास घोषणाओं तक सीमित:आठ साल में नहीं बना बाईपास, बड़े प्रोजेक्ट कागजों में सिमटे
📅 Published: January 4, 2026 |
📂 Category: India Up
