ट्रांसफार्मर के नाम पर 6.90 लाख की ठगी:रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर ने लिखाई रिपोर्ट, जान से मारने की धमकी भी मिली

📅 Published: December 21, 2025 | 📂 Category: India Up

प्रयागराज के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक रियल एस्टेट कंपनी के साथ ट्रांसफार्मर आपूर्ति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित कंपनी ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर ने लिखाई रिपोर्ट
शेल बिल्डिंग ड्रीम्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अनिल अग्रवाल ने सिविल लाइंस थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उनकी कंपनी का कार्यालय एल्गिन रोड स्थित है और उन्होंने अपने “शेल शॉपिंग मॉल” प्रोजेक्ट के लिए 400 केवीए का ट्रांसफार्मर खरीदने की योजना बनाई थी। कोटेशन देकर लिया पूरा भुगतान
पीड़ित के अनुसार, 21 जून 2025 को एनकेएस इलेक्ट्रिकल कंपनी के मालिक नरेंद्र कुमार शर्मा, निवासी शास्त्रीनगर, कानपुर उनके कार्यालय आए और ट्रांसफार्मर की आपूर्ति का कोटेशन दिया। सहमति बनने के बाद प्रार्थी ने कुल 6,90,300 रुपये दो किस्तों में पंजाब नेशनल बैंक के खाते में ट्रांसफर किए।
03 जून 2025 को 2.50 लाख रुपये और 27 जून 2025 को शेष 4.40 लाख रुपये का भुगतान किया गया। निरीक्षण के बाद भी नहीं हुई डिलीवरी
आरोप है कि आरोपी ने ट्रांसफार्मर की डिलीवरी विद्युत वितरण विभाग के निरीक्षण के बाद होने की बात कही थी। 24 सितंबर 2025 को रक्षण ट्रांसफार्मर लिमिटेड, सोनीपत (हरियाणा) द्वारा ट्रांसफार्मर का निरीक्षण भी पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने ट्रांसफार्मर की डिलीवरी नहीं की। गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि जब प्रार्थी ने बार-बार डिलीवरी की मांग की तो आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा कि “न ट्रांसफार्मर दूंगा और न ही रुपये वापस करूंगा।”
इतना ही नहीं, आरोपी ने यह भी धमकी दी कि ज्यादा दबाव बनाया गया तो जान से मरवा देगा और दावा किया कि वह पहले भी कई लोगों से इसी तरह पैसे हड़प चुका है। आरोपी पर कई लोगों से ठगी करने का आरोप
पीड़ित का कहना है कि जानकारी करने पर पता चला कि नरेंद्र कुमार शर्मा पहले भी कई लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी कर चुका है और खुद को प्रभावशाली बताकर लोगों को डराता है। आर्थिक और मानसिक नुकसान की आशंका
कंपनी ने बताया कि यदि ट्रांसफार्मर की डिलीवरी नहीं हुई या रकम वापस नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिससे उनका प्रोजेक्ट भी प्रभावित होगा। पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने सिविल लाइंस थाना में तहरीर दी कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, छल, आपराधिक विश्वासघात, अपमान और जान-माल की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर ट्रांसफार्मर की डिलीवरी या पूरी रकम वापस कराई जाए। थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है।

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *