इटावा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राखी चौहान की अदालत ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी बीरू बाल्मीकि को दोषी करार दिया है। अदालत ने बीरू बाल्मीकि को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसका भुगतान न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शिव कुमार शुक्ला के अनुसार, यह घटना 26 मार्च 2023 की है। बकेवर थाना क्षेत्र के गांव अहेरीपुर निवासी बीरू वाल्मीकि बसरेहर थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी रिश्तेदारी में गया था। वहीं से उसने पड़ोस की एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा लिया। किशोरी अपने साथ घर से जेवर और अन्य सामान भी ले गई थी। घटना के बाद किशोरी के पिता की तहरीर पर बसरेहर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की सक्रियता से किशोरी को दिल्ली से बरामद किया गया। न्यायालय में बयान के दौरान किशोरी ने अपने साथ जबरन दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि की। इसके आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएँ बढ़ाईं और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जाँच पूरी होने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। विशेष पॉक्सो अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान, शासकीय अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के अपराध को सिद्ध करने में सफल रहा। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए बीरू बाल्मीकि को यह सज़ा सुनाई।
दुष्कर्म के दोषी को सुनाई 20 साल की कैद:40 हजार जुर्माना, न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास
📅 Published: December 5, 2025 |
📂 Category: India Up
