बंगाल में बाबरी विवाद- जमीन नहीं, तो मस्जिद कहां बनेगी:हुमायूं का जवाब- 6 दिसंबर को दिखाऊंगा, TMC विधायक बोले- वो झूठा, BJP का एजेंट

📅 Published: December 5, 2025 | 📂 Category: India National

‘हुमायूं कबीर ने मस्जिद के लिए जो जमीन खरीदी है, उसका एग्रीमेंट दिखाए। उसने कोई जमीन खरीदी ही नहीं है, न ही वो कुछ बनाने वाला है। सिर्फ राजनीति कर रहा है। अब उसने मेरा और दूसरे विधायकों का नाम लेना शुरू कर दिया है कि हम अड़ंगा लगा रहे हैं। जब उसने घोषणा की थी, तभी से तय था कि वो सिर्फ इसे राजनीतिक मुद्दा बनाएगा। जब मस्जिद नहीं बन पाएगी तो कहेगा इन विधायकों ने नहीं बनने दी।’ मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से TMC विधायक हसनुज्जमां शेख बाबरी के नाम पर मस्जिद बनाने के हुमायूं कबीर के ऐलान को बस चुनावी तैयारी बताते हैं। उनका मानना है कि हुमायूं खुद इस ऐलान को लेकर गंभीर नहीं है। ये सिर्फ सियासी फायदे के लिए उठाया गया मुद्दा है। दरअसल, मुर्शिदाबाद के बेलडांगा ब्लॉक के जिस हिस्से में हुमायूं ने 6 दिसंबर को मस्जिद का शिलान्यास करने की बात कही है, वो तीन विधायकों के क्षेत्र में आती है। इसमें हुमायूं के अलावा बेलडांगा के TMC विधायक हसनुज्जमां शेख और रेजिनगर से TMC विधायक रबीउल आलम चौधरी का क्षेत्र भी शामिल है। हुमायूं अब इन दोनों पर जमीन न खरीदने देने का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अब तक मस्जिद के लिए सच में जमीन नहीं मिली है? क्या 6 दिसंबर को बाबरी के नाम पर असल में मस्जिद का शिलान्यास किया जाएगा या फिर ये चुनाव में फायदा लेने के लिए सिर्फ एक सियासी हथकंडा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… हुमायूं के प्लान में सिर्फ ऐलान, वो मस्जिद नहीं बनाएगा
बाबरी के ऐलान और विवाद को लेकर हमने TMC के उन दोनों विधायकों से बात की, जिन पर हुमायूं जमीन न खरीदने देने का आरोप लगा रहे हैं। इनमें पहला नाम मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से विधायक हसनुज्जमां शेख और दूसरा नाम रेजिनगर (मुर्शिदाबाद) से विधायक रबीउल आलम चौधरी का था। हुमायूं का आरोप है कि जिन किसानों से वो जमीन लेने की बात कर रहे हैं, ये दोनों विधायक उन्हें डरा-धमका रहे हैं। जमीन खरीदने में अड़ंगा लगा रहे हैं। इस पर मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से TMC विधायक हसनुज्जमां शेख कहते हैं, ‘वो सिर्फ ऐलान कर रहा है। उसका प्लान राजनीति करना है, मस्जिद बनाना नहीं। अगर होता तो वो जमीन का मुद्दा ही क्यों उठाता। ये बात वो पिछले साल से कह रहा है। वो चुपचाप जमीन खरीदता और नींव रख देता। उसे शोर मचाना है क्योंकि उसे अपनी राजनीति करनी है।’ वो पहले से राजनीति ही तो कर रहे हैं, आखिर वो TMC से विधायक बने, अब और क्या करना है? ‘उसके लिए पार्टी में पहले से ही कुछ ठीक नहीं चल रहा था। तीन अलग-अलग मामलों में नोटिस मिल चुका है। इस मुद्दे पर भी फटकार लगी।’ इस विवाद के बाद TMC ने हुमायूं को पार्टी से सस्पेंड भी कर दिया है। हुमायूं तो कह रहे हैं कि मस्जिद बनाने के लिए वो जान भी दे देंगे? आप समझिए पहले उसने ऐलान किया। फिर कहा कि हम मस्जिद बनाने नहीं दे रहे हैं। अब नहीं बनाएगा और फिर कहेगा मैं जान दे रहा हूं। मस्जिद का दुश्मन हमें ठहराएगा। लोगों के बीच हमें विलेन बनाकर खुद उनका नेता बन जाएगा और दंगा भड़काएगा। उसका बस इतना ही प्लान है। हम पूरी तरह अलर्ट हैं। यहां दंगा नहीं होने देंगे।’ सियासी फायदे उठाने के लिए हुमायूं झूठ बोल रहा
मुर्शिदाबाद के रेजिनगर से TMC विधायक रबीउल्ला आलम चौधरी तो हुमायूं के सारे दावों को खारिज करते हैं। वो हुमायूं के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोलना चाहते हैं। बस इतना कहते हैं, ‘हुमायूं झूठ बोल रहा है और मस्जिद का ऐलान करके सिर्फ राजनीति कर रहा है। वो कुछ नहीं बनाने वाला है, सिर्फ इसी तरह बयान देता रहता है।’ ‘इसके बाद वो मीडिया इकट्ठा करके कहेगा कि दूसरे विधायक उसके काम में टांग अड़ा रहे हैं। फिर कहानी बनाएगा कि वो पार्टी छोड़ देगा। जबकि वो ऐसा करेगा नहीं क्योंकि पार्टी से उसे पहले ही कई नोटिस मिल चुके हैं, लेकिन अब तक उसने कोई कदम नहीं उठाया।’ हुमायूं बोला- मस्जिद मेरी तो नाम भी मैं ही तय करूंगा…
इन दोनों विधायकों से बात करने के बाद हमनें हुमायूं कबीर से भी बात की। जमीन के बारे में पूछने पर वो भड़कते हुए कहते हैं, ‘आपको सब जानने की इतनी जल्दी क्यों है। मैं हर किसी को एग्रीमेंट तो नहीं दिखाऊंगा न। जो देखना या सुनना है, वो 6 दिसंबर को वेन्यू पर आकर देख लीजिएगा। वहीं हम सबकुछ बोलेंगे और दिखाएंगे।’ क्या आपने कुछ जमीन खरीद ली है, क्योंकि आपकी ही पार्टी के विधायकों ने साफ कहा है कि आपके पास कोई जमीन नहीं है? हुमायूं इस पर भड़कते हुए कहते हैं, ‘मैंने जमीन पहले ही ले ली थी, लेकिन मैं किसी को कुछ नहीं दिखाऊंगा। मर जाऊंगा, लेकिन मस्जिद की नींव 6 दिसंबर को रखी ही जाएगी।’ आपने मस्जिद का नाम बाबरी ही क्यों रखा? जवाब में हुमायूं कहते हैं, अरे बच्चा मेरा तो मैं ही नाम रखूंगा। मस्जिद मेरी है तो नाम भी मैं ही तय करूंगा।’ आप कह रहे हैं कि दो विधायक आपको जमीन नहीं खरीदने दे रहे। आपने एक साल पहले मस्जिद बनाने का ऐलान किया था, तब भी ये अड़ंगा लगा रहे थे या अभी शुरू किया है? इस पर हुमायूं भड़कते हुए फिर कहते हैं, ‘आपको इतनी जल्दी क्यों है, आपको इतना परेशान नहीं होना चाहिए? 6 दिसंबर को मैं सब बताऊंगा भी और दिखाऊंगा भी। मस्जिद की नींव रखी जाएगी। मेरी जिम्मेदारी मुझे निभाने दीजिए।’ हुमायूं मस्जिद का कंस्ट्रक्शन प्लान बताते हुए कहते हैं, ‘6 दिसंबर को नींव रखी जाएगी। 3 महीने का वक्त DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) अप्रूवल में लगेगा। 3 साल में मस्जिद बनकर तैयार हो जाएगी।’ आप अभी किसी को जमीन का एग्रीमेंट नहीं दिखाएंगे क्या? इसके जवाब में हुमायूं कहते हैं, ‘क्यों दिखाऊं, मैं अपना प्लान तो बता रहा हूं। जो दिखाना चाहिए, वो दिखा रहा हूं और बता रहा हूं।’ TMC बोली- हुमायूं BJP का एजेंट, शुभेंदू अधिकारी के कॉन्टैक्ट में था
TMC प्रवक्ता मानव जायसवाल से जब इस बारे में पूछा गया तो वो कहते हैं, ‘पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस मामले को लेकर जांच बैठाई है। हुमायूं कबीर ने ये ऐलान क्यों किया, किसके कहने पर किया, वो BJP का एजेंडा किसके उकसाने पर चला रहा है, क्या इसके पीछे शुभेंदू अधिकारी हैं? इन सबको लेकर जांच की जा रही है।’ अब तक की जांच में क्या निकला? मानव बताते हैं, ‘अभी जांच चल रही है। हालांकि BJP लीडर शुभेंदू अधिकारी हुमायूं के संपर्क में थे।’ फिर क्या ये सब BJP ने करवाया? इस पर मानव कहते हैं, ‘हुमायूं BJP का पुराना साथी रहा है, लेकिन इंटरनल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हम कुछ स्पष्ट कह पाएंगे।’ मानव ये भी साफ करते हैं कि पार्टी का मस्जिद बनाने के ऐलान से कोई लेना-देना नहीं है। वे आगे कहते हैं, ‘हम मस्जिद बनाने के समर्थक नहीं हैं। मस्जिद या मंदिर बनाना सरकार का काम नहीं है। ये सब संस्थाओं का जिम्मा है।‘ इसके साथ ही मानव कुछ मंदिरों के नाम भी गिनवाते हैं और कहते हैं, ‘दीघा में जगन्नाथ मंदिर हमने बनवाया, कालीघाट कॉरिडोर रि-डेवलप कराया, दक्षिणेश्नवर कॉरिडोर बनवाया और शांति निकेतन को भी रि-डेवलप किया। हम हर तरह की संस्था के लिए काम करते हैं।’ बाबरी के नाम पर मस्जिद बनाने के ऐलान को लेकर TMC ने हुमायूं कबीर को पार्टी से बाहर कर दिया है। 2015 में भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उसे TMC ने 6 साल के लिए निष्कासित किया था। लिहाजा 2018 में वो BJP में शामिल हो गए। 6 साल का निष्कासन पूरा होने के बाद वो फिर TMC में आ गए और भरतपुर सीट से विधायक बने। BJP बोली- विधायक ने ऐसा ऐलान क्यों किया, TMC जवाब दे
TMC के आरोपों पर BJP प्रवक्ता श्रीरूपा भट्टाचार्या कहती हैं, ‘जवाब तो TMC को देना चाहिए। उनके विधायक रहते हुए कोई इतना विवादित ऐलान कैसे कर सकता है। उसे क्यों सस्पेंड किया गया, ये सब पहले उन्हें बताना है।‘ ‘BJP या शुभेंदु अधिकारी पर आरोप लगाने की बात करें तो इस पर किसी का जोर नहीं है। कोई भी कुछ भी कह सकता है।‘ ये कितना अजीब आरोप है कि उनका विधायक BJP के संपर्क में था इसलिए ऐसा काम किया और फिर उसे सस्पेंड करना पड़ा। BJP ऐसे आरोपों पर जवाब नहीं देगी। मस्जिद को लेकर विवाद साल भर पुराना
पूरा विवाद नवंबर 2024 में शुरू हुआ। तब TMC विधायक हुमायूं कबीर ने अयोध्या वाली बाबरी मस्जिद की छोटी प्रतिकृति बनाने की बात कही थी। जब बाबरी नाम के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया, तब उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद मुसलमानों के लिए भावनात्मक मुद्दा है। इसके बाद दिसंबर 2024 में ही BJP ने मुर्शिदाबाद में राम मंदिर बनाने की बात कही। हालांकि तब भी BJP नेता शंकर घोष का कहना था कि राम मंदिर को मस्जिद के जवाब के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मंदिर संस्कृति का हिस्सा है, जबकि बाबरी मस्जिद का एक खराब इतिहास है, ये बंगाल में कैसे बन सकती है। ‘100 मुसलमान शहीद होंगे तो 500 को ले जाएंगे‘
इसके बाद 25 नवंबर को TMC विधायक हुमायूं कबीर ने फिर कहा कि हम 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे। बाबरी मस्जिद बनाने को लेकर 28 नवंबर 2025 को हुमायूं कबीर ने एक और विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘जो कोई उन्हें रोकने की कोशिश करेगा, उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। अगर 100 मुसलमान शहीद होंगे तो वे अपने साथ 500 लोगों को ले जाएंगे।‘ हुमायूं कबीर पहले भी विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के समय मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर में हुमायूं कबीर ने एक जनसभा में कहा, ‘मैं राजनीति छोड़ दूंगा अगर दो घंटे में तुम्हें (हिंदुओं को) भागीरथी नदी में डुबो न दिया। तुम 30% हो, हम 70% (मुस्लिम) हैं। मैं तुम्हें शक्तिपुर में रहने नहीं दूंगा।‘ इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था। वहीं TMC ने इस बयान से दूरी बना ली थी। ………………………..
ये खबर भी पढ़ें… ’मुर्शिदाबाद में बाबरी बनना तय, हिम्मत है तो गिराओ’ ‘6 दिसंबर (2025) को 12 बजे ही बाबरी मस्जिद का शिलान्यास होगा। मुसलमानों का सेंटिमेंट टूटा है, कुछ तो करना पड़ेगा। 1992 में जिन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़ी, उनमें हिम्मत है तो मुर्शिदाबाद में आकर गिरा दें।‘ मुर्शिदाबाद के भरतपुर से TMC विधायक हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल में बाबरी नाम से मस्जिद बनाने का दावा कर रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर…

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