रामपुर में एक महिला के मशरूम स्टार्टअप को बिजली विभाग ने कथित तौर पर बर्बाद कर दिया है। संचालिका रचना चौहान का आरोप है कि उनसे 15 हजार रुपये प्रति माह की मांग की गई। यह राशि न देने पर विभाग ने मशरूम की खेती को औद्योगिक श्रेणी में घोषित कर बिजली कनेक्शन काट दिया, जिससे करीब 25 लाख रुपये की फसल बर्बाद हो गई। पीड़ित महिला के अनुसार, बिजली विभाग ने शैल मशरूम एग्रीकल्चर फार्म के कृषि श्रेणी में चल रहे बिजली कनेक्शन को मनमाने तरीके से औद्योगिक श्रेणी में बदल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध वसूली की मांग पूरी न करने पर कनेक्शन काटा गया, जिससे उनकी पूरी खेती नष्ट होने की कगार पर है। रचना चौहान ने बताया कि उनके मशरूम फार्म का बिजली कनेक्शन वर्ष 2022-23 से ए.एम.वी.-5 कृषि श्रेणी में 23 किलोवाट का था। पूर्व के बिजली अधिकारियों ने सभी जांचों के बाद यह कनेक्शन जारी किया था। वह लगातार बिल जमा करती रही हैं और उन पर वर्तमान में कोई बकाया भी नहीं है। चौहान का आरोप है कि वर्तमान अधिशासी अभियंता डिवीजन-1, एस.डी.ओ., अजीतपुर बिजली घर के जेई दुर्गेश यादव और बाबू डिवीजन-1 प्रेम प्रकाश ने मिलीभगत कर कृषि श्रेणी के कनेक्शन को बगैर उनका पक्ष जाने एल.एम.वी.-6 औद्योगिक श्रेणी में बदल दिया। इसके साथ ही उनसे अवैध धन की मांग की गई। पीड़ित महिला ने इस मामले में न्यायालय में वाद दाखिल किया है। रचना चौहान ने बताया कि इस रंजिश के चलते उनके कृषि फार्म की बिजली काट दी गई, जिससे सिंचाई के अभाव में उनकी फसल नष्ट हो गई। विभाग ने मनमाने तरीके से कनेक्शन की तारीख से 11 लाख रुपये का औद्योगिक श्रेणी का बिल भी बना दिया है, जबकि उन पर कृषि श्रेणी का कोई बिल बकाया नहीं था। पीड़ित महिला के वाद को न्यायालय में विचाराधीन होने के बाद भी बिजली विभाग द्वारा कृषि की श्रेणी को मनमाने तरीके से बदलकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। न्यायालय से भी इनके द्वारा औद्योगिक श्रेणी अभी साबित नहीं की गयी है।रचना चौहान ने मांग कि है कि इन अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुये उनके कनेक्शन को पहले की तरह बहाल किया जाये तथा उनकी बिजली कृषि श्रेणी में जोड़ी जाये।
रामपुर: महिला के मशरूम स्टार्टअप का बिजली कनेक्शन कटा:15 हजार न देने पर कृषि को उद्योग बताया, 25 लाख की फसल बर्बाद
📅 Published: December 7, 2025 |
📂 Category: India Up
