पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी अपने गैंगस्टर टेरर मॉड्यूल के जरिए भारत के खिलाफ खतरनाक साजिश रच रहा है। ये वही शहजाद है, जो कभी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी दोस्त था। पहलगाम हमले के बाद लॉरेंस ने हाफिज सईद को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद से शहजाद भट्टी लॉरेंस बिश्नोई और उसकी गैंग का दुश्मन बन गया। अभी नवंबर में शहजाद ने लॉरेंस के भाई अनमोल को जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा, ‘बुलेटप्रूफ गाड़ी भी नहीं बचा पाएगी, वो जो चाहे कर ले।’ सोर्स बताते हैं कि शहजाद अब ISI के इशारे पर डिएक्टिवेट हो चुके स्लीपर सेल को एक्टिव करने में जुट गया है। लॉरेंस गैंग के साथ काम करके शहजाद उसी के तरीके इस्तेमाल कर गैंगस्टर-टेटर मॉड्यूल ऑपरेट कर रहा है। वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर भारतीय युवाओं को टारगेट कर रहा है। उसके निशाने पर कम पढ़े-लिखे और गरीब तबके के लोग हैं। ये खुलासा 30 नवंबर को पकड़े गए शहजाद भट्टी के तीन गुर्गों और इसके नेटवर्क की जांच में हुआ है। अब इंटेलिजेंस ब्यूरो भी स्लीपर सेल को एक्टिव करने वाले एंगल से शहजाद भट्टी की जांच में जुटी है। शहजाद का ये मॉड्यूल कैसे काम कर रहा है? वो कैसे सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई की तर्ज पर वीडियो और हथियार डालकर यूथ को टारगेट कर रहा है। दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की। सोशल मीडिया पर कोडवर्ड 333 से कई अकाउंट, वीडियो कॉल पर फॉलोअर्स से बात
शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिए यूथ को टारगेट कर रहा है। इसका खुलासा उसके 3 गुर्गों ने किया है, जिन्हें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पिछले महीने अरेस्ट किया था। ये तीनों इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी के संपर्क में आए थे। शहजाद के इंस्टाग्राम अकाउंट पर ज्यादातर फॉलोअर्स भारत के युवा हैं। पड़ताल के दौरान हमें शहजाद भट्टी के नाम से कई इंस्टाग्राम अकाउंट मिले। उसके कुछ अकाउंट एक्टिव हैं, लेकिन हाल में उसने कई अकाउंट बंद कर दिए हैं। कई अकाउंट पर वो अलग-अलग नाम से है। सोशल मीडिया पर ज्यादातर अकाउंट 333 कोडवर्ड से हैं। शहजाद अक्टूबर 2025 से एक्टिव एक अकाउंट पर लगातार युवाओं को गैंगस्टर टेरर मॉड्यूल में शामिल करने के लिए पोस्ट कर रहा है। युवाओं के लिए उसने ‘ट्यूशन बदमाशी का’ जैसे गानों पर रील बनाकर पोस्ट की है। इसी अकाउंट से उसने लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई को धमकी देने वाला वीडियो भी पोस्ट किया था। इसके बाद ही 27 अक्टूबर को अनमोल ने वकील के जरिए कोर्ट में एप्लिकेशन लगाई। उसने दावा किया था कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से उसे जान का खतरा है। हथियार और महंगी गाड़ियां दिखाकर युवाओं को फंसा रहा
शहजाद भट्टी ने खुद को UAE का रील क्रिएटर बताकर इंस्टाग्राम प्रोफाइल बना रखा है। इसमें दुबई के नंबर वाली लग्जरी गाड़ियों में रील बनाते हुए वीडियो पोस्ट किए हैं। इसके साथ ही हथियारों के भी वीडियोज पोस्ट किए हैं। टिकटॉक पर भी वो वीडियो पोस्ट करता है। हमें कई ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें शहजाद वीडियो कॉल पर बात करता दिख रहा है। वो खासकर यूथ को हथियार दिखाकर नेटवर्क का हिस्सा बनाने के लिए जाल फेंक रहा है। युवा इसके अलग-अलग सोशल मीडिया प्रोफाइल पर मैसेज कर संपर्क कर रहे हैं। अब जानिए दिल्ली पुलिस के सोर्स क्या कह रहे…
शहजाद और उसका गैंग लोगों को कैसे टारगेट करता है, इसे समझने के लिए हमने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में अपने सोर्स और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसरों से बात की। हमने शहजाद की भारत के यूथ को टारगेट करने की मोड्स ऑपरेंडी समझी। हमें दो मुख्य टारगेट समझ आए। पहला टारगेट
गरीब, कम पढ़े-लिखे नौजवान, छोटे धमाकों से स्लीपर सेल एक्टिव करना मकसद
शहजाद भट्टी भारत में गरीब और कम पढ़े-लिखे हर धर्म के युवाओं को टारगेट कर रहा है, जो क्राइम नेटवर्क से जुड़ने की इच्छा दिखाते हैं। उन्हें 4-5 हजार रुपए और हथियार देकर कहीं भी हैंड ग्रेनेड फिंकवाया जा सके। शहजाद भट्टी इन युवाओं का इस्तेमाल सिर्फ एक या दो बार ही करता है। पुलिस सोर्स इसका मकसद बताते हैं, ‘शहजाद भट्टी की टेरर मॉड्यूल में मौजूदगी और खौफ की चर्चा हो। इसके बाद भारत में ISI के कई साल पुराने डिएक्टिवेट हो चुके स्लीपर सेल भी संपर्क में आएं, जिन्हें आने वाले दिनों में बड़े टारगेट के लिए एक्टिव किया जा सके। दूसरा टारगेट
लॉरेंस-अनमोल बिश्नोई को चैलेंज कर नया गैंगस्टर-टेरर मॉड्यूल खड़ा करना
सोर्स बताते हैं कि लॉरेंस से अलग होने के बाद शहजाद भट्टी भारत में नेटवर्क खड़ा करना चाहता है। इसकी एक वजह ये भी है कि ISI अब बांग्लादेशियों को नेटवर्क बढ़ाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहती क्योंकि भारत में घुसपैठियों और बांग्लादेशियों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहे हैं। लिहाजा ISI भी शहजाद भट्टी के जरिए भारत के यूथ का इस्तेमाल करना चाहती है। पाकिस्तान ने भारतीय सीमा में हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई कराने के लिए पहले शहजाद भट्टी के जरिए लॉरेंस गैंग का इस्तेमाल किया। अब दोनों के अलग होने के बाद शहजाद सोशल मीडिया के जरिए खुद ये नेटवर्क चला रहा है। उसने क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले यूथ को जोड़ने के लिए आसान तरीका तलाशा है। वो लॉरेंस और उसके भाई अनमोल को सीधे धमकी देता है ताकि चर्चा में रहे। दूसरी बात ऐसे यूथ को लॉरेंस गैंग का विकल्प भी मिल रहा है। इसलिए शहजाद भट्टी लगातार सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो पोस्ट कर रहा है। 17 से 25 साल का यूथ शहजाद भट्टी के टारगेट पर
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 30 नवंबर को शहजाद भट्टी के लिए भारत में एक्टिव तीन गुर्गों को अरेस्ट किया। इन तीनों की उम्र 19 से 23 साल के बीच है। तीनों अलग-अलग राज्य से थे। तीनों के धर्म भी अलग-अलग हैं, लेकिन इनमें दो बातें कॉमन रहीं। पहली: इनकी गरीबी और कम पढ़ा-लिखा होना। इनमें से एक मजदूर है।
दूसरी: तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद के संपर्क में आए। ऐसे टारगेट को शहजाद सिर्फ डिस्पोजेबल फुट सोल्जर्स की तरह इस्तेमाल करता है। यानी इन्हें एक बार इस्तेमाल करके छोड़ देता है। इसलिए ऐसे लोगों की तलाश करता है, जिन्हें तुरंत पैसे की जरूरत होती है। अमृतसर में जासूसी कराई, गुरदासपुर पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड अटैक कराया
स्पेशल सेल के एडिशनल पुलिस कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि विकास प्रजापति मध्य प्रदेश के दतिया जिले की एक अनाज मंडी में पहले मजदूरी करता था। इसे दिहाड़ी पर पैसे मिलते थे। वो कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के लालच में गैंगस्टर बनना चाहता था। उसने पहले लॉरेंस गैंग से भी संपर्क किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उसने शहजाद भट्टी से इंस्टाग्राम के जरिए कॉन्टैक्ट किया। फिर वो शहजाद भट्टी से टेलीग्राम और दूसरे सोशल नेटवर्किंग एप पर चैट करने लगा। शहजाद ने उसे जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर हथियारों की सप्लाई और अटैक करने के लिए तैयार कर लिया। इसके लिए महज 4 से 5 हजार रुपए में बात तय हुई। उसे बताया गया कि गुरदासपुर में एक पार्सल मिलेगा। वहां एक पुराने नेटवर्क से विकास को पार्सल मिला, जिसमें ग्रेनेड था। इसके बाद शहजाद भट्टी ने उसे खुद वीडियो कॉल पर ग्रेनेड को एक्टिवेट करने का तरीका समझाया। फिर उसे करीब 5 हजार रुपए भी दिए गए। उससे गुरदासपुर और टाउन हॉल पुलिस थाने के साथ अमृतसर में जासूसी कराई गई। इसके बाद दूसरे गुर्गे हरगुनप्रीत सिंह और उसके साथी को हैंड ग्रेनेड देकर गुरदासपुर पुलिस स्टेशन के बाहर फेंकने की जानकारी दी। हरगुनप्रीत 12वीं तक पढ़ा है। वो भी सोशल मीडिया के जरिए ही शहजाद के संपर्क में आया था। उसी ने 25 नवंबर को गुरदासपुर पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका था। एडिशनल पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, यूपी के बिजनौर का रहने वाला आसिफ करीब ढाई महीने पहले ही इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था। शहजाद ने विकास प्रजापति से उसका कॉन्टैक्ट कराया। उसे कुछ और बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दबोच लिया। कौन है खुद को पाकिस्तान का सिपाही बताने वाला शहजाद
शहजाद भट्टी खुद को पाकिस्तान का सिपाही बताता है। वो ISI के इशारे पर भारत विरोधी एक्टिविटी करता है। पहले लॉरेंस के लिए काम करता था। फिर गैंगस्टर फारूक खोखर से जुड़ा। लॉरेंस से दुश्मनी के बाद ISI के संपर्क में आया। ISI के इशारे पर शहजाद भारत में हथियारों की तस्करी कराने लगा। 2022-23 में ये ज्यादा एक्टिव हुआ और फिलहाल दुबई में है। वो ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारत की सीमा में अवैध हथियार, हैंड ग्रेनेड से लेकर ड्रग्स की सप्लाई में शामिल है। उसका भारत के अलावा अमेरिका और कनाडा में भी नेटवर्क है। पिछले साल ही इसने वीडियो कॉल पर लॉरेंस को ईद की बधाई दी थी। 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई करने का आरोप शहजाद भट्टी पर ही है। मुंबई में बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की साजिश में शामिल जीशान अख्तर को भारत से भागने में शहजाद भट्टी ने मदद की। उसे अजरबैजान पहुंचाकर सेटल कराया। पिछले ही महीने इसने अनमोल बिश्नोई को धमकी दी थी और कहा, ‘बुलेटप्रूफ गाड़ी भी नहीं बचा पाएगी, वो जो चाहे कर सकता है।’ इस धमकी को सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीरता से लिया। NIA अब अनमोल बिश्नोई को पटियाला कोर्ट नहीं ले जा रही है। कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही कोर्ट में उसकी सुनवाई करा रही है। अनमोल बिश्नोई के गैंगस्टर-टेरर नेटवर्क में सफेदपोशों के शामिल होने का शक
अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत लाया गया। यहां वो NIA की कस्टडी में है। उसकी मर्डर और रंगदारी वसूलने वाले केसों में जांच हो रही है। खासकर फंडिंग और गैंगस्टर-टेरर मॉड्यूल की जांच हो रही है। इनमें मुंबई में बाबा सिद्दीकी मर्डर केस, सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस और सलमान खान के घर फायरिंग कराने की घटना की भी जांच शामिल है। अनमोल पर 22 से ज्यादा केस हैं। वो 2022 में ही भारत से फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग गया था। तभी से NIA ने उसे वांटेड घोषित कर रखा था। इसके बाद 19 नवंबर 2025 में अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया। तब से लेकर अब तक की जांच में NIA को हवाला के जरिए अमेरिका, कनाडा, थाईलैंड और भारत के बीच गैंगस्टर-टेरर फंडिंग के नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारी मिली है। इसी के जरिए इनके नेटवर्क से जुड़े ऐसे लोगों की पहचान हो रही है, जो सफेदपोश हैं। इन सफेदपोशों से जुड़ी सीक्रेट जानकारी भी जांच एजेंसियां जुटा रही हैं। आने वाले दिनों में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच, पंजाब पुलिस और फिर मुंबई पुलिस भी अनमोल बिश्नोई को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती हैं।
…………………. ये खबर भी पढ़ें… अभिजीत कातिल नहीं तो मॉडल दिव्या पाहूजा को किसने मारा 2 जनवरी 2024, शाम करीब 6 बजे का वक्त था। गुरुग्राम के एक होटल में 27 साल की मॉडल दिव्या पाहूजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में घटना सिटी पॉइंट होटल के कमरा नंबर-111 में होने का दावा किया गया। हत्या का आरोप बिजनेसमैन अभिजीत पर लगा। अब इस वारदात के करीब 2 साल पूरे होने वाले हैं। मॉडल की बहन नैना पाहूजा और मां सोनिया पाहूजा अब अभिजीत पर हत्या के आरोप से पलट गई हैं। पढ़िए पूरी खबर…
लॉरेंस और पाकिस्तानी डॉन शहजाद क्यों बने दुश्मन:बोला- बुलेटप्रूफ कार नहीं बचा पाएगी; गैंगस्टर-आतंकी फिर साथ, ISI का टारगेट स्लीपर सेल
📅 Published: December 14, 2025 |
📂 Category: India National
