मेरठ में दस वर्षीय बच्चे के अपहरण से जुड़े मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। दरअसल, बच्चे का अपहरण हुआ ही नहीं था। मां ने एक युवक पर रुपये का दबाव बनाने के लिए सहयोगी के साथ मिलकर यह ड्रामा रचा था। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया। पहले एक नजर डालते हैं वारदात पर
सरधना थाने के दबथुआ की रहने वाली सोनिया पुत्री जगमोहन ने गुरुवार को थाने पहुंचकर कुछ लोगों पर बेटे के अपहरण का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने बच्चे की बरामदगी के लिए दो टीमों का गठन किया और कुछ घंटे बाद ही उसे गौतमबुद्धनगर से सकुशल बरामद कर लिया। छानबीन में सामने आया कि बच्चा अपनी नानी के यहां था। सोनिया ने एक युवक पर रुपये देने का दबाव बनाया था लेकिन जब रुपया नहीं मिला तो उसने अपहरण की साजिश रच दी और बेटे को अपनी मां के यहां भेज दिया। युवक पर लगाया था दुष्कर्म का आरोप
पुलिस लाइन में पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात अभिजीत सिंह ने बताया कि सोनिया पति से अलग रहती है। कुछ समय पहले वह गांव के मोहित नाम के युवक से संपर्क में आई। उसने मोहित पर शादी करने का दबाव बनाया लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद महिला उस पर एक लाख रुपये का दबाव बनाने लगी। एक लाख रुपया ना मिलने पर महिला ने मोहित पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने मोहित को जेल भेज दिया। जेल में जाकर मोहित से मिली सोनिया
एसपी देहात ने बताया कि मोहित को जेल भिजवाने के बाद सोनिया एक दिन उससे मिलने जेल पहुंची। उसने फिर से मोहित के सामने रुपये की डिमांड की। कहा- अगर रुपये मिल जाएंगे तो वह कोर्ट के सामने बयान बदल देगी। ऐसा ही हुआ। रुपये मिलते ही सोनिया ने कोर्ट में बयान बदल दिया और मुकदमा खारिज हो गया। जेल से बाहर आने के बाद सोनिया ने रुपये के लिए मोहित पर फिर से दबाव बनाया। इसको लेकर उसकी मोहित से नोकझोंक तक हो गई। इस बार अपहरण का लगाया आरोप
मोहित से विवाद होने के बाद सोनिया षड्यंत्र रचने लगी। उसने अपने साथ गौतमबुद्धनगर के गिरधरपुर छपरौला निवासी संजय को अपने साथ मिला लिया। अपने 10 वर्षीय बेटे को सोनिया ने संजय के साथ नोएडा भेज दिया और सरधना थाने आकर अपहरण का शोर मचा दिया। उसने मोहित व उसके परिवार पर आरोप लगाया। मामला संवेदनशील था। इसलिए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरु कर दी। मोहित की मां ने कराया रंगदारी का मुकदमा
सोनिया के व्यवहार पर पुलिस को पहले से शक था। रात में ही सर्विलांस टीम को लेकर पुलिस की दो टीमें निकल गईं। कई नंबरों की सीडीआर खंगाली और फिर रात में ही नोएडा उस जगह पहुंच गई, जहां सोनिया ने अपने बेटे को रखा हुआ था। बच्चे को बरामद कर पुलिस मेरठ ले आई। इसके बाद सोनिया व संजय को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को मोहित की मां इंद्रेश ने तहरीर देकर सोनिया व संजय पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज करा दिया।
मां ने ही रच दिया बेटे के अपहरण का ड्रामा:सरधना पुलिस ने महिला व उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का किया खुलासा
📅 Published: November 21, 2025 |
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