गोरखपुर फुटबॉल संघ ने टीम घोसी एकादश को तत्काल प्रभाव से आगामी सूचना तक सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कड़ा कदम गोरखपुर फुटबॉल लीग के दूसरे सेमीफाइनल में घोसी एकादश के खिलाड़ियों द्वारा दिखाई गई हिंसक और अनुशासनहीन हरकतों के कारण उठाया गया है। जानें क्या है मामला? दरअसल, 8 नवंबर को वैलेंटाइन फुटबॉल क्लब और घोसी एकादश के बीच खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मैच के दौरान घोसी एकादश के खिलाड़ी विपक्षी टीम और निर्णायकों के साथ हिंसक और आक्रामक बने रहे। जर्सी नंबर 12 सैफ ने निर्णायक के हाथ से कार्ड छीनकर तोड़ दिया और अपशब्दों का प्रयोग किया। इस दौरान उनके अन्य खिलाड़ी और समर्थक भी आक्रोशित होकर अपशब्दों का प्रयोग कर रहे थे, जिससे मैच का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। खेल की मर्यादा के लिए है गंभीर खतरा संघ के अनुसार, घोसी एकादश के खिलाड़ियों का यह आचरण खेल और खेल भावना के खिलाफ था। उनका आक्रामक रवैया और समर्थकों की हिंसक प्रतिक्रिया ने निर्णायकों और विरोधी टीम के खिलाड़ियों के लिए मानसिक दबाव पैदा किया। संघ ने इसे लीग की प्रतिष्ठा और खेल की मर्यादा के लिए गंभीर खतरा माना। संघ की नोटिस को भी किया नजरअंदाज घटना के बाद संघ ने घोसी एकादश के अध्यक्ष और सचिव को स्पीड पोस्ट के माध्यम से नोटिस भेजा, जिसमें खिलाड़ियों के अनुशासनहीन व्यवहार पर जवाब मांगा गया। लेकिन अध्यक्ष और सचिव ने नोटिस लेने से इंकार कर दिया, जिससे संघ ने सख्त और तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया। संघ के सचिव हमजा खान और आयोजन सचिव डॉक्टर अमिल हयात खान ने बताया कि यह निर्णय लीग में अनुशासन बनाए रखने और खेल की मर्यादा की रक्षा के लिए आवश्यक था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे किसी भी अनुशासनहीन और हिंसक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संघ सख्त कार्रवाई करता रहेगा।
गोरखपुर फुटबॉल संघ ने घोसी एकादश पर लगाया प्रतिबंध:सेमीफाइनल हिंसा के बाद लिया कड़ा फैसला, अन्य टीमों को भी चेतावनी
📅 Published: November 21, 2025 |
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