आगरा दीवानी परिसर में अधिवक्ताओं के गुटों के बीच में चला आ रहा विवाद खत्म नहीं हो रहा है। गुरुवार को दो बार विवाद हुआ। दूसरी बार तो पुलिस की मौजूदगी में भााकियू नेता पर जानलेवा हमले का आरोप है। भाकियू नेता द्वारा एफआईआर के बाद अब आरोपी पक्ष ने भी आरोप लगाए हैं। भाकियू नेता पर पुलिस के संरक्षण में बाहरी लोगों के साथ हमले का आरोप लगाया गया है। आगरा बार एसोसिएशन ने भी हमले की निंदा की है। वहीं, गिरफ्तारी पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
आगरा दीवानी में 17 नवंबर से अधिवक्ताओं के दो गुटों में मारपीट चल रही है। गुरुवार सुबह वकीलों के गुटों में लगातार तीसरे दिन मारपीट हुई थी। इसके बाद न्यायालय प्रशासन की मौजूदगी में दीवानी में तैनात एसएसएफ और पुलिस के साथ वकीलों के चैंबरों की तलाशी ली गई। लाठी-डंडे और सरिया बरामद की गई थीं। दीवानी परिसर में पुलिस फोर्स मौजूद था। इसके बाद दोबारा बवाल हो गया। आरोप लगा कि अधिवक्ता ऋषि चौहान, विकास पचौरी व उनके साथियों ने भाकियू नेता पवन समाधिया पर जानलेवा हमला बोला। इसमें पवन समाधिया को चोटें आई। इस घटना के बाद दीवानी में पीएसी तक आ गई। पवन समाधिया की ओर से अधिवक्ताओं के खिलाफ संगीन धाराओं में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया गया। एफआईआर के बाद दूसरा पक्ष आया सामने
भाकियू नेता पर हमले के बाद दर्ज हुई एफआईआर के बाद शुक्रवार को दूसरा पक्ष सामने आया। दीवानी परिसर में आगरा बार एसोसिएशन के साथ एफआईआर में नामजद विकास पचौरी, ऋषि चौहान ने अपना पक्ष रखा। उनका आरोप है कि भाकियू नेता पवन समाधिया बाहरी लोगों के साथ अवैध हथियार लेकर आया था। दोपहर में जिला जज द्वारा अधिवक्ताओं के दोनों पक्षों के बीच सुलह के लिए बैठक बुलाई गई थी। बैठक में सुलह हो गई थी। इसके बाद पवन समाधिया ने अपने साथ आए लोगों के साथ हमला बोला। इससे पहले भी अधिवक्ता अरुण शर्मा व पवन समाधिया द्वारा उनके साथियों के साथ मारपीट और अभद्रता की गई। उनकी ओर से न्यू आगरा थाने में तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। भाकियू के दवाब में गलत मुकदमा
अधिवक्ता ऋषि चौहान ने आरोप लगाया कि पवन समाधिया आपराधिक प्रवृत्ति का है। भाकियू की आड़ में अनैतिक काम करता है। अधिवक्ताओं के मामले में बाहरी लोग दखल दे रहे हैं। पुलिस भी दबाव में काम कर रही है। अगर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की तो वकील आंदोलन पर बाध्य होंगे। आगरा बार एसोसिएशन के सचिव ने कहाकि अधिवक्ताओं के मामले में बाहरी तत्व का हमला बर्दाश्त नहीं है। ये निंदनीय है।
आगरा दीवानी अधिवक्ता विवाद में दूसरा पक्ष सामने आया:बोले-पुलिस ने दवाब में काम किया, कार्रवाई हुई तो आंदोलन करेंगे
📅 Published: November 21, 2025 |
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