मुजफ्फरनगर में कब्रिस्तान भूमि पर कब्जे की कोशिश:पूर्व प्रबंधक पर फर्जी वसीयतनामा बनाने का आरोप, एसडीएम से शिकायत

📅 Published: November 22, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

मुजफ्फरनगर के रामपुरी और लद्धावाला मोहल्ले में स्थित अंसारियान कब्रिस्तान की भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। कब्रिस्तान की जमीन पर कथित तौर पर फर्जी वसीयतनामा तैयार कर निजी कब्जे की कोशिशों के आरोप सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति है। शनिवार को सपा जिलाध्यक्ष और समाज के सैकड़ों लोगों ने एसडीएम सदर प्रवीण द्विवेदी से मिलकर मामले की शिकायत की। सदर तहसील के अंतर्गत आने वाले इन मोहल्लों के निवासियों ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि खसरा नंबर 382/1, 382/3 और 382/4 में दर्ज इस कब्रिस्तान का उपयोग मुस्लिम समाज दशकों से कर रहा है। वर्ष 2012-13 में तत्कालीन राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप ने अपनी निधि से इसकी चारदीवारी भी बनवाई थी। कब्रिस्तान की देखरेख के लिए पूर्व में गठित कमेटी ने मोहम्मद राशिद निवासी लद्दावाला को प्रबंधक नियुक्त किया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि राशिद ने वर्षों तक कब्रिस्तान से होने वाली आय का कोई हिसाब नहीं दिया। इसमें घास कटाई, अमरूद के पेड़ों का ठेका और किराए पर दिए गए एक मकान की रकम शामिल है। उन पर कब्रिस्तान की ईंटें और पेड़ बेचने का भी आरोप है। शिकायत में दर्ज सबसे गंभीर आरोप यह है कि 25 सितंबर 2025 को राशिद ने कथित धोखाधड़ी कर कब्रिस्तान की भूमि (खसरा संख्या 382/1) का फर्जी वसीयतनामा अपने पुत्रों दानिश, नौशाद, फिरोज अहमद, पुत्री फिरोजा परवीन तथा परिचित दिलशाद के नाम कर दिया। इस घटना के बाद समाज ने राशिद को प्रबंधक पद से हटा दिया और कब्रिस्तान की जिम्मेदारी पंजीकृत संस्था अंजुमन ट्रस्ट को सौंप दी। शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो विवाद गंभीर रूप ले सकता है। समाज के लोगों का आरोप है कि प्रबंधन से हटाए जाने के बाद राशिद और उसके परिजन कब्रिस्तान पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। वे लोगों को धमका रहे हैं कि यह निजी संपत्ति है और यहां किसी भी शव को दफन नहीं होने देंगे। इससे स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने किया। सभासद पति नदीम खान ने बताया कि एसडीएम सदर ने भरोसा दिलाया है कि कोर्ट के निर्णय तक किसी भी प्रकार का परिवर्तन या कब्जे का प्रयास नहीं होने दिया जाएगा और यथास्थिति बनाए रखी जाएगी। इस अवसर पर मुख्य रूप से सभासद पति नदीम खान, हाजी इदरीस अंसारी, डा. फुरकान मलिक, काजिम गौर, शहजाद सलमानी, ताहिर त्यागी, जाहिद अंसारी, इंतजार अंसारी, राजा सलमानी, हाजी इस्लाम, फाजिल अंसारी, अरशद सलमानी, शमशेर मालिक, बाबा मूसली, कल्लू, मजीद प्रधान अंसारी, मास्टर दिलशाद इदरीसी, मोहम्मद अब्बास रंगरेज, नवाब मलिक, जरीफ मालिक, नूर मोहम्मद मालिक, अहसान अंसारी, साकिब सैफी, निसार मेंबर रंगरेज, मुरसलीन ठेकेदार, शमशाद अंसारी डीलर सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे

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