जरूरत की खबर- आप नकली ORS तो नहीं खरीद रहे:फ्रूट ड्रिंक्स पर ORS का लेबल, FSSAI सख्त, खरीदते हुए लेबल पढ़ें, 6 बातें ध्यान रखें

📅 Published: November 22, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

हाल ही में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एक सख्त निर्देश जारी किया है। FSSAI ने बाजार में बिक रहे सभी फ्रूट-बेस्ड ड्रिंक्स, रेडी-टू-सर्व ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और इलेक्ट्रोलाइट बेवरेजेज में ‘ORS’ शब्द के इस्तेमाल को तुरंत रोकने और ऐसे प्रोडक्ट्स को बिक्री से हटाने का आदेश दिया गया है। FSSAI ने साफ किया है कि ‘ORS’ शब्द सिर्फ WHO-अप्रूपव्ड और मेडिकल-ग्रेड ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन के लिए ही मान्य है। इसे ब्रांड नेम या बेवरेजेज में इस्तेमाल करना ग्राहकों को गुमराह करने वाला और कानून का उल्लंघन है। अक्सर लोग बाजारों से ‘ORS’ लिखे एनर्जी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस को हेल्दी समझकर खरीद लेते हैं। जबकि हकीकत यह है कि इनमें ज्यादातर प्रोडक्ट न तो मेडिकली अप्रूव्ड होते हैं और न ही शरीर को रिहाइड्रेट करते हैं। ऐसे में ये ड्रिंक्स फायदा पहुंचाने के बजाय कई बार सेहत को नुकसान भी पहुंचाते हैं। तो चलिए आज जरूरत की खबर में हम ORS के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- ORS क्या है? जवाब- ORS यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन एक तरह का घोल है, जिसमें सही अनुपात में ग्लूकोज, सोडियम, पोटेशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं। इसका काम शरीर में पानी और साल्ट्स की कमी को तेजी से पूरा करना है। सवाल- ORS ड्रिंक शरीर में जाकर क्या काम करता है? जवाब- ORS शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स को तेजी से पूरा करता है। इसमें मौजूद ग्लूकोज और सोडियम एक साथ मिलकर आंतों में पानी के अवशोषण को तेज करते हैं। यही वजह है कि ORS डिहाइड्रेशन, दस्त और उल्टी जैसी स्थिति में तुरंत असर दिखाता है। नीचे दिए ग्राफिक से शरीर में ORS का काम समझिए- सवाल- FSSAI ने किन प्रोडक्ट्स से ORS का लेबल हटाने का आदेश दिया है? जवाब- FSSAI ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि बाजार में बिक रहे ऐसे सभी ड्रिंक्स को तुरंत हटाया जाए, जो अपने नाम, ब्रांड या लेबल पर ‘ORS’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। FSSAI का कहना है कि इनका फॉर्मूला WHO के मानक के मुताबिक नहीं है। इनमें फ्रूट-बेस्ड बेवरेज, रेडी-टू-सर्व ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स और अन्य ड्रिंक्स (जो ‘ORS’ शब्द अपने नाम, ब्रांड या लेबल में इस्तेमाल करते हैं) शामिल हैं। सवाल- FSSAI ने ये आदेश क्यों दिया है? जवाब- बाजार में कई कंपनियां ऐसे फ्रूट जूस, एनर्जी ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड बेवरेज बेच रही थीं, जिन पर ‘ORS’ लिखा होता था। जबकि वे असल में मेडिकल-ग्रेड ORS नहीं होते थे। इससे ग्राहक भ्रमित हो रहे थे और गलत प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे थे, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए FSSAI ने स्पष्ट किया कि केवल वही प्रोडक्ट ‘ORS’ का नाम इस्तेमाल कर सकते हैं, जो WHO के मानक फॉर्मूले को फॉलो करते हों। सवाल- ORS के नाम पर नकली ड्रिंक पीने से क्या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं? जवाब- नकली ‘ORS’ ड्रिंक पीने से शरीर को सही ग्लूकोज और इलेक्ट्रोलाइट्स नहीं मिलते, जिससे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। ज्यादा चीनी वाले ये ड्रिंक ब्लड शुगर बढ़ाते हैं और उल्टी-दस्त की स्थिति में हालत और खराब कर सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसका जोखिम ज्यादा होता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- ORS खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- ORS खरीदते समय पैकेट पर मौजूद सभी लेबल, फॉर्मूला, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को ध्यान से पढ़ना चाहिए। ये सभी बातें सुनिश्चित करती हैं कि ORS पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- घर पर ORS कैसे बनाया जा सकता है? जवाब- घर पर भी WHO फॉर्मूला वाला बेसिक ORS तैयार किया जा सकता है। ध्यान रहे मात्रा बिल्कुल सही होना जरूरी है। ज्यादा चीनी या नमक नुकसान पहुंचा सकता है। घर पर बना ORS केवल अस्थायी समाधान है और इसे 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल कर लेना चाहिए। नीचे दिए ग्राफिक से इसे घर पर बनाने की विधि समझिए- सवाल- किन स्थितियों में ORS घोल पीने की सलाह दी जाती है? जवाब- शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने पर ORS घोल पिलाने की सलाह दी जाती है। यह खासतौर पर डिहाइड्रेशन रोकने और उल्टी–दस्त जैसी स्थितियों में सबसे प्रभावी प्राथमिक उपचार माना जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य स्थितियों में भी ORS का घोल दिया जा सकता है। जैसेकि- सवाल- क्या रोजाना ORS घोल पीना नुकसानदायक भी हो सकता है? जवाब- हां, बिना जरूरत ORS पीना नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि यह सिर्फ डिहाइड्रेशन या इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की स्थिति में ही लिया जाना चाहिए। ORS में सोडियम, ग्लूकोज और इलेक्ट्रोलाइट्स की एक निश्चित मात्रा होती है। इन्हें रोज पीने से शरीर में सोडियम बढ़ सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर घट-बढ़ सकता है। इसके अलावा सामान्य स्थिति में ORS पीने से किडनी पर प्रेशर, शुगर और इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन होने का जोखिम रहता है। रोजमर्रा की हाइड्रेशन जरूरतें सामान्य साफ पानी, नींबू पानी या बिना शक्कर वाले फ्लुइड्स से ही पूरी हो जाती हैं। इसलिए डॉक्टर खास परिस्थितियों में ही ORS लेने की सलाह देते हैं। सवाल- ORS घोल खोलने के बाद कितनी देर तक सुरक्षित रहता है? जवाब- ORS घोल को पानी में मिलाने के बाद यह सिर्फ 24 घंटे तक ही सुरक्षित रहता है। इसके बाद इसमें बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा होता है, इसलिए अगले दिन बचा हुआ घोल हमेशा फेंक देना चाहिए। अगर घोल कमरे के तापमान पर रखा है तो 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल कर लें और फ्रिज में रखने पर भी इसकी अधिकतम सुरक्षित अवधि एक दिन ही होती है। ताजा ORS बनाकर इस्तेमाल करना सबसे बेहतर और सुरक्षित है। …………………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- बढ़ रहे वायरल इन्फेक्शन केस- ICMR स्टडी: बचाव के लिए डेली लाइफ में ये 12 सावधानियां जरूरी, बता रहे हैं डॉक्टर हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक नई स्टडी ने भारत में वायरल इन्फेक्शन के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताई है। स्टडी के मुताबिक, देश में हर 9 में से 1 व्यक्ति किसी-न-किसी इन्फेक्शियस डिजीज से पीड़ित पाया गया। यानी वायरल इन्फेक्शन अब एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। पूरी खबर पढ़िए…

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