ओवरलोडिंग वसूली जांच में अफसरों ने ली अचानक छुट्टी:एसटीएफ की कार्रवाई तेज, जिलों के दर्जन अधिकारी अवकाश पर, फोन भी किया ऑफ

📅 Published: November 24, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

ओवरलोडिंग वाहनों से होने वाली अवैध वसूली के बड़े सिंडिकेट की जांच में जुटी एसटीएफ की कार्रवाई ने परिवहन विभाग में हलचल मचा दी है। जांच की गर्माहट बढ़ते ही वाहनों की चेकिंग और प्रवर्तन से जुड़े कई अफसर अचानक चिकित्सकीय अवकाश पर चले गए हैं। एसटीएफ अब ऐसे अफसरों को भी शक की नजर से देख रही है, जिनके बारे में विभागीय अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है। सिंडिकेट पर शिकंजा, आरटीओ दफ्तरों में दस्तावेज खंगाले प्रदेश में ओवरलोडिंग से वसूली का संगठित नेटवर्क सक्रिय होने के संकेत मिलते ही एसटीएफ ने कार्रवाई तेज की। मड़ियांव थाने में दर्ज एफआईआर में ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में तैनात एआरटीओ (प्रवर्तन) राजीव कुमार बंसल समेत कई नाम सामने आए हैं। इसके बाद एसटीएफ कई बार आरटीओ दफ्तर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच कर चुकी है। इसी दौरान उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी और फतेहपुर सहित कई जिलों के एआरटीओ छुट्टी पर चले गए, जिनका कार्यभार समान पदस्थ अधिकारियों को सौंपा गया है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने इस संबंध में निर्देश भी जारी किए हैं। अफसरों के फोन बंद, जांच में मुश्किलें एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, प्रवर्तन टीम से जुड़े कई अफसरों के मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ मिल रहे हैं। इससे जांच की प्रक्रिया बाधित हो रही है। विभागीय अधिकारियों के पास भी इन अफसरों के लोकेशन या गतिविधियों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। आइए अब अवकाश पर जानें वाले अधिकारियों के नाम जानते हैं… लखनऊ में ओवरलोडिंग वसूली सिंडिकेट पर एसटीएफ की कार्रवाई तेज होने के साथ परिवहन विभाग में हलचल बढ़ गई है। जांच के दबाव के बीच वाहनों की चेकिंग और प्रवर्तन से जुड़े कई अधिकारी अचानक अवकाश पर चले गए हैं, जिसे एसटीएफ संदिग्ध मानकर अब उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। मड़ियांव थाने में दर्ज एफआईआर में ट्रांसपोर्टनगर के एआरटीओ प्रवर्तन राजीव बंसल सहित कई अफसरों के नाम साफ तौर पर दर्ज हैं। इसी क्रम में उन्नाव के एआरटीओ प्रवर्तन संजीव सिंह और प्रतिभा गौतम, रायबरेली के एआरटीओ प्रवर्तन अंबुज, बाराबंकी की एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला तथा फतेहपुर की एआरटीओ प्रशासन पुष्पांजलि गौतम भी छुट्टी पर जाने वालों की सूची में शामिल हैं। माना जा रहा है कि विभाग के ये अधिकारी ओवरलोडिंग वसूली के संगठित गिरोह से जुड़े थे और जांच की आंच बढ़ते ही खुद को बचाने की कोशिश में अचानक अवकाश पर चले गए। बड़े अफसरों के फंसने की आशंका, दबाव में जांच? सूत्रों की मानें तो ओवरलोडिंग वसूली का यह खेल काफी ऊपर तक फैला हुआ है। एसटीएफ को आशंका है कि जांच के दायरे में कुछ बड़े अधिकारी भी आ सकते हैं। विभागीय गलियारों में चर्चा है कि इसी वजह से जांच को धीमा करने की कोशिशें की जा रही हैं। कई दिनों की कार्रवाई के बावजूद सिंडिकेट की परतें अपेक्षित तेजी से नहीं खुल पा रही हैं।

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