सोनभद्र में नाबालिग लड़की के अपहरण के सात वर्ष पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी विशाल सोनकर (28) को तीन साल के साधारण कारावास और 30 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कुल अर्थदंड राशि में से 20 हजार रुपए पीड़िता को प्रदान किए जाएंगे। क्या था मामला… अभियोजन के अनुसार यह मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र का है।पीड़िता की मां ने 24 सितंबर 2018 को पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 11 सितंबर 2018, शाम करीब 4:30 बजे, पुसौली निवासी विशाल सोनकर अपने 3–4 साथियों के साथ आया और उसकी 15 वर्षीय बेटी का जबरन अपहरण कर ले गया। पिता की सूचना देने के बावजूद रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। अगले दिन 12 सितंबर की शाम 7 बजे विशाल और उसके साथियों ने लड़की को एक चौकी के पास छोड़ दिया।डरी सहमी पीड़िता ने बताया कि उसका वीडियो क्लिप बनाया गया और धमकी दी गई कि शोर मचाया तो वीडियो वायरल कर देंगे। इसके बाद 20 सितंबर 2018 को लड़की फिर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई।परिजनों ने इसकी सूचना दोबारा पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने स्वयं तलाश करने को कहा। विशाल के घर पूछताछ करने पर उसके भाई ने परिजनों को हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी दी। पीड़िता की मां की तहरीर पर 27 सितंबर 2018 को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। जांच अधिकारी ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विशाल सोनकर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, सात गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशाल को अपहरण का दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
नाबालिग के अपहरण मामले में दोषी को 3-साल की सजा:कोर्ट ने लगाया 30 हजार का जुर्माना, 7 साल बाद आया फैसला
📅 Published: November 24, 2025 |
📂 Category: Uncategorized
