डेनमार्क की PM बोलीं-ग्रीनलैंड पर हमला किया तो NATO खत्म:ट्रम्प की धमकी के खिलाफ 7 यूरोपीय देश, कहा- ग्रीनलैंड का भविष्य उसके लोग तय करेंगे

📅 Published: January 6, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने कहा है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की तो यह सैन्य गठबंधन NATO का अंत होगा। एक टीवी इंटरव्यू में फ्रेडरिकसन ने कहा कि अगर अमेरिका किसी NATO सदस्य देश पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो NATO की पूरी व्यवस्था ही खत्म हो जाएगी। कुछ भी नहीं बचेगा। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने रविवार को दिए एक बयान में ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कही थी। वे वेनेजुएला पर किए हमले को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान ट्रम्प ने कहा था कि वह 20 दिन में ग्रीनलैंड पर बात करेंगे। इससे पहले भी वह कई बार ग्रीनलैंड को अमेरिका के कंट्रोल में लाने की बात कर चुके हैं। ग्रीनलैंड, डेनमार्क का एक स्वायत्त इलाका है, जो नाटो का हिस्सा भी है। ट्रम्प ने सैन्य कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। डेनमार्क और अमेरिका दोनों ही NATO मेंबर डेनमार्क और ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा हैं। डेनमार्क साम्राज्य और अमेरिका दोनों ही NATO के सदस्य देश हैं। इन देशों की संप्रभुता और सुरक्षा की गारंटी NATO की है। इसके तहत किसी एक सदस्य देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को पूरे गठबंधन के देशों पर हमला माना जाता है। अमेरिका का डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ करीबी रिश्ता रहा है। डेनमार्क नाटो का संस्थापक सदस्य है। 1951 के रक्षा समझौते से अमेरिका को ग्रीनलैंड में मिलिट्री बेस रखने की अनुमति है। दोनों देश सुरक्षा, विज्ञान, पर्यावरण और व्यापार में सहयोग करते हैं। ग्रीनलैंड PM बोले- हमारा देश बिकने वाला नहीं ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा है कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रीनलैंड को वेनेजुएला से जोड़कर सैन्य हस्तक्षेप की बात करते हैं, तो यह न केवल गलत है बल्कि हमारे लोगों के प्रति अनादर है। नीलसन ने 4 जनवरी को बयान जारी कर कहा- मैं शुरू से ही शांत और स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता हूं कि घबराहट या चिंता का कोई कारण नहीं है। केटी मिलर के पोस्ट से, जिसमें ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे में लिपटा हुआ दिखाया गया है, इससे कुछ भी नहीं बदलता। अमेरिकी अधिकारी की पत्नी के पोस्ट से भड़का विवाद वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के ठीक बाद व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी स्टीफन मिलर की पत्नी कैटी मिलर ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड का नक्शा अमेरिकी झंडे के रंग में रंगा हुआ पोस्ट किया। इससे यह विवाद और बढ़ गया। मिलर ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा “जल्द ही”। इससे ग्रीनलैंड और डेनमार्क में अमेरिकी कब्जे की आशंकाएं बढ़ गईं। ट्रम्प लंबे समय से ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात करते रहे हैं। जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, खनिज संसाधनों और आर्कटिक क्षेत्र में रूस-चीन की गतिविधियों का हवाला दिया है। इससे पहले मार्च में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने ग्रीनलैंड के एक अमेरिकी सैन्य अड्डे का दौरा किया था और डेनमार्क पर वहां कम निवेश करने का आरोप लगाया था। जानिए अमेरिका को ग्रीनलैंड से क्या फायदा ट्रम्प ने वेनेजुएला पर हमले के लिए मोनरो डॉक्ट्रिन का हवाला दिया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोनरो डॉक्ट्रिन का जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की दो सौ साल पुरानी विदेश नीति के मुताबिक है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि मोनरो डॉक्ट्रिन अब पुरानी हो चुकी है और अमेरिका इससे भी आगे जाकर कार्रवाई कर रहा है। मोनरो डॉक्ट्रिन की शुरुआत साल 1823 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जेम्स मोनरो ने की थी। इसका मकसद यूरोपीय देशों को उत्तर और दक्षिण अमेरिका के मामलों में दखल देने से रोकना था। इस नीति के तहत अमेरिका ने पूरे लैटिन अमेरिका को अपना प्रभाव क्षेत्र माना। बाद में इसका इस्तेमाल कई बार लैटिन अमेरिकी देशों में अमेरिकी हस्तक्षेप को सही ठहराने के लिए किया गया।

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