ISRO का रॉकेट फेल, फिर भी स्पेनिश सैटेलाइट एक्टिव:स्पेस से सिग्नल भेजा; कंपनी बोली- किस रास्ते से पहुंचा, पता लगा रहे

📅 Published: January 13, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

ISRO का PSLV-C62 मिशन सोमवार को फेल हो गया। उड़ान भरने के 8 मिनट बाद PSLV रॉकेट तय रास्ते से भटक गया। इसी रॉकेट से एक सैटेलाइट भेजने वाली स्पेन की कंपनी ने मंगलवार को कहा है कि उसे इसका सिग्नल मिला है। स्पेन की स्टार्टअप कंपनी ऑर्बिटल पैराडाइम ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तकनीकी गड़बड़ी से पहले ही उनका KID (केस्ट्रेल इनिशियल डेमोंस्ट्रेटर) सैटेलाइट रॉकेट से अलग हो चुका था। इसी वजह से उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा। ऑर्बिटल पैराडाइम ने यह भी बताया कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि सैटेलाइट किस रास्ते से अंतरिक्ष में पहुंचा। उसके ट्रैजेक्ट्री से जुड़े पूरे तकनीकी आंकड़े और विश्लेषण बाद में एक विस्तृत रिपोर्ट के रूप में जारी किए जाएंगे। वायुमंडल में दोबारा एंट्री नहीं कर पाया सैटेलाइट मिशन फेल होने के बावजूद कैप्सूल का सक्रिय हो जाना स्पेनिश कंपनी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। यह एक टेस्ट और डेमोंस्ट्रेशन मिशन है, जिसका मकसद भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए तकनीक को परखना था। कंपनी के मुताबिक, KID कैप्सूल का मकसद अंतरिक्ष में कुछ समय तक सक्रिय रहकर सिग्नल और तकनीकी डेटा भेजना था। इसके बाद योजना यह थी कि कैप्सूल धरती के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करे, इस दौरान बनने वाली तेज गर्मी (हीट) को झेले और अंत में समुद्र में गिरकर (स्प्लैशडाउन) अपना मिशन पूरा करे। हालांकि फिलहाल कैप्सूल अंतरिक्ष में ही सक्रिय है। ISRO ने मिशन के फेल होने की क्या वजह बताई ISRO के मुताबिक PSLV-C62 मिशन थर्ड स्टेज के आखिर में गड़बड़ हुआ। टेलीमेट्री डेटा में पता चला कि रॉकेट के रोल रेट (घूमने की गति/कंट्रोल) में डिस्टर्बेंस आ गई, यानी रॉकेट अनियंत्रित होकर घूमने लगा और अपना तय फ्लाइट पाथ छोड़कर भटक गया। ISRO चीफ वी. नारायणन ने कहा कि तीसरे स्टेज के अंत तक प्रदर्शन सामान्य था, उसके बाद रोल रेट में गड़बड़ी और फ्लाइट पाथ में डेविएशन दिखा। फिलहाल ISRO डेटा एनालिसिस कर रहा है। 512km की ऊंचाई पर ऑर्बिट में स्थापित होने थे सैटेलाइट मिशन के 8वें मिनट में गड़बड़ी हुई PSLV-C62 / EOS-N1 मिशन कुल 1 घंटा 48 मिनट 5 सेकेंड का था, लेकिन 8वें मिनट में गड़बड़ी आ गई। इस वजह से: 16 सैटेलाइट लेकर जा रहा था रॉकेट इस मिशन पर जिन 16 सैटेलाइट्स को लॉन्च किया गया था, उनमें 8 भारतीय और 8 विदेशी सैटेलाइट हैं। इसमें फ्रांस, नेपाल, ब्राजील और यूके के सैटेलाइट शामिल हैं… 1. अन्वेषा सैटेलाइट: मिशन का सबसे अहम हिस्सा था- हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक वाली EOS-N1 सैटेलाइट, जिसे अन्वेषा भी कहा जाता है। यह स्पेस से जमीन की बारीक तस्वीरें लेने वाला सैटेलाइट था। इसका इस्तेमाल सेना और डिफेंस के इस्तेमाल के लिए होना था। 2. आयुलसैट: आयुलसैट बेंगलुरु की स्पेस टेक्नोलॉजी स्टार्टअप OrbitAID का बनाया सैटेलाइट था। इस सैटेलाइट का मकसद अंतरिक्ष में ईंधन भरने की तकनीक पर काम करना था। इस तकनीक के जरिए भविष्य में हम स्पेसशिप्स की लाइफ बढ़ा सकते हैं। 3. MOI-1: MOI-1 हैदराबाद की दो स्टार्टअप कंपनियों ‘TakeMe2Space’ और ‘EON Space Labs’ ने मिलकर बनाया था। यह AI इंटीग्रेटेड सैटेलाइट था। इसके पास स्पेस में ही डेटा को प्रोसेस करने की क्षमता है। इससे ग्राउंड स्टेशन पर निर्भरता कम हो सकती थी। MOI-1 में MIRA नाम की एक स्वदेशी स्पेस टेलीस्कोप भी थी। 4. IMJS: भारत–मॉरीशस का संयुक्त सैटेलाइट IMJS का उद्देश्य अंतरिक्ष में खोज और सीमा की निगरानी करना था। 5. KID: केस्ट्रेल इनिशियल डेमॉन्स्ट्रेटर (KID) स्पेन की कंपनी ‘Orbital Paradigm’ का बनाया एक 25 किलो का री-एंट्री कैप्सूल है। इस का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि जीरो ग्रैविटी में किए गए एक्सपेरिमेंट के सैम्पल्स को धरती पर वापस कम खर्च में कैसे लाया जाए। 6. ऑर्बिटल टेंपल: ऑर्बिटल टेंपल 250 ग्राम का पॉकेटक्यूब सैटेलाइट था। इसे अमेरिका की मोरहेड स्टेट यूनिवर्सिटी और केंटकी स्पेस ने मिलकर विकसित किया था। इसके अलावा CGUSAT-1, भारतीय कंपनी ‘Dhruva Space’ का LACHIT और Thybolt-3, नेपाल का Munal सैटेलाइट, SR-2 SAT जैसे अन्य सैटेलाइट भी थे, जो UAE और अमेरिका में बने थे। दुनिया के सबसे भरोसेमंद रॉकेट में शामिल है PSLV PSLV को इसरो का सबसे भरोसेमंद रॉकेट माना जाता है। इसने अब तक 63 उड़ानें पूरी की हैं, जिनमें चंद्रयान-1, मंगलयान (MOM), आदित्य-L1 और एस्ट्रोसैट जैसे बड़े मिशन शामिल हैं। साल 2017 में PSLV ने एक ही मिशन में 104 सैटेलाइट्स लॉन्च करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। ————————————— इसरो का PSLV-C62 रॉकेट रास्ते से भटका, मिशन फेल:तीसरी स्टेज में गड़बड़ी आई; अन्वेषा सहित 16 सैटेलाइट लेकर गया था इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) का साल 2026 का पहला मिशन ‘PSLV-C62’ फेल हो गया है। रॉकेट 12 जनवरी को सुबह 10.18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से 16 सैटेलाइट लेकर उड़ा था। ISRO चीफ डॉ. वी नारायणन ने कहा कि रॉकेट लॉन्चिंग के तीसरे चरण में गड़बड़ी आ गई, जिसके कारण वह रास्ता भटक गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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