वर्ल्ड अपडेट्स:ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय छात्रों के लिए वीजा नियम सख्त किए, भारत को हाई रिस्क कैटेगिरी में डाला

📅 Published: January 13, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय छात्रों के लिए स्टूडेंट वीजा के नियम सख्त कर दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को अब सबसे ज्यादा जोखिम वाली कैटेगरी, यानी असेसमेंट लेवल-3 (AL3) में डाल दिया है। पहले भारत AL2 कैटेगरी में था। यह नया नियम 8 जनवरी 2026 से लागू हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा है कि दस्तावेजों से जुड़ी इस सख्ती का मकसद वीजा सिस्टम में बढ़ रही गड़बड़ियों को रोकना है, लेकिन साथ ही जो छात्र सही तरीके से पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना चाहते हैं, उनके लिए रास्ता खुला रहेगा। ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे करीब 6.5 लाख विदेशी छात्रों में से लगभग 1.4 लाख छात्र भारत से हैं। इसके बावजूद भारत को अब हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। भारत के अलावा नेपाल, बांग्लादेश और भूटान को भी AL3 कैटेगरी में डाला गया है। पाकिस्तान पहले से ही इसी कैटेगरी में शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में असेसमेंट लेवल सिस्टम के तहत AL1 को सबसे कम जोखिम और AL3 को सबसे ज्यादा जोखिम वाला स्तर माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मंत्री जूलियन हिल ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया अब बड़े स्टडी डेस्टिनेशन देशों में“सबसे कम खराब विकल्प बन गया है। उनके मुताबिक बाकी तीन देश अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा हैं। नए नियमों के तहत अब छात्रों को पहले से ज्यादा दस्तावेज देने होंगे। उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति, अंग्रेजी भाषा की योग्यता और यह साबित करना होगा कि वे सच में पढ़ाई के लिए ही ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी अबुल रिजवी ने कहा कि हाई-रिस्क कैटेगरी में आने वाले देशों के छात्रों के दस्तावेजों की डिटेल जांच होती है। अधिकारी कॉलेजों से संपर्क कर पढ़ाई से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि कर सकते हैं और बैंकों से भी फाइनेंशियल डिटेल्स चेक कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जयशंकर ने ब्रिक्स 2026 का नया लोगो लॉन्च किया, कहा- इसमें परंपरा और आधुनिकता का मेल विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को भारत की BRICS 2026 की आधिकारिक वेबसाइट और लोगो लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस साल भारत की BRICS अध्यक्षता का मकसद सदस्य देशों की ताकत को एक साथ लाकर दुनिया की भलाई के लिए काम करना होगा। जयशंकर ने कहा कि साल 2026 BRICS के लिए एक अहम साल होगा, क्योंकि इस साल इस संगठन के 20 साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन सालों में BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के बीच सहयोग का एक बड़ा मंच बन गया है। बदलते ग्लोबल हालात के साथ BRICS ने अपने काम और सदस्यता का दायरा बढ़ाया है, लेकिन इसका ध्यान हमेशा लोगों से जुड़े विकास, बातचीत और व्यावहारिक सहयोग पर रहा है। BRICS 2026 के लोगो के बारे में जयशंकर ने कहा कि यह विकास सबके लिए होने की बात को दर्शाता है। लोगो में परंपरा और आधुनिकता दोनों का मेल है। इसमें फूल की पंखुड़ियों के जरिए सभी BRICS सदस्य देशों के रंग दिखाए गए हैं, जो एकता, विविधता और साझा उद्देश्य को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोगो बताता है कि BRICS अपने सभी सदस्यों की अलग पहचान का सम्मान करते हुए उनकी सामूहिक ताकत से आगे बढ़ता है। वेनेजुएला 32 क्यूबाई सैनिकों का शव लौटाएगा, अमेरिकी हमले में मारे गए थे वेनेजुएला में अमेरिकी हमले में मारे गए 32 क्यूबाई सैनिकों के शव गुरुवार को क्यूबा भेजे जाएंगे। क्यूबा सरकार ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। सरकारी बयान के मुताबिक, इन शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीरों को राजधानी हवाना के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रिसीव किया जाएगा। इस दौरान सैन्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान देशभर से लोग आएंगे। इसके बाद मार्च की शुरुआत की जाएगी। बाद में इन सैनिकों के शवों को उनके-उनके होमटाउन के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल युवक को मौत की सजा का ऐलान ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच पहली बार किसी प्रदर्शनकारी को फांसी दिए जाने की तैयारी की जा रही है। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, 26 वर्षीय एरफान सोलतानी को बुधवार को फांसी दी जा सकती है। उसे हाल ही में तेहरान के पास कराज में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। नॉर्वे स्थित एनजीओ ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने कहा है कि सोलतानी को बिना निष्पक्ष सुनवाई के मौत की सजा सुनाई गई। संगठन के अनुसार, उसके परिवार को बताया गया है कि 14 जनवरी को सजा पर अमल किया जाएगा। हालांकि, ईरान में संचार बंद होने के कारण इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। मानवाधिकार समूहों के मुताबिक, एरफान सोलतानी पर “खुदा के खिलाफ जंग छेड़ने” का आरोप लगाया गया है, जो ईरान में फांसी की सजा वाला अपराध है। नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान (NUFD) का दावा है कि सोलतानी को वकील तक की पहुंच नहीं दी गई। IHR ने कहा है कि प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 648 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें नौ नाबालिग भी शामिल हैं। साथ ही करीब 10,000 लोगों की गिरफ्तारी की बात भी कही गई है। अमेरिका ने 2025 में 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए, इनमें 8 हजार स्टूडेंट वर्क वीजा अमेरिका ने 2025 में अब तक 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द कर दिए हैं। इनमें करीब 8 हजार छात्र और 2,500 स्पेशल वर्क वीजा शामिल हैं। यह कार्रवाई आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर इमिग्रेशन पर सख्ती के तहत की गई है। जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दी। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे लोगों को देश से बाहर किया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक जिन विदेशी नागरिकों के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले सामने आए, उनके वीजा रद्द किए गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रिंसिपल डिप्टी स्पोक्सपर्सन टॉमी पिगॉट ने कहा कि एक साल से भी कम समय में ट्रम्प प्रशासन 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द कर चुका है। इनमें हमला करने, चोरी और शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे अपराधों में आरोपी या दोषी ठहराए गए लोग शामिल हैं। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में रद्द किए गए वीजा की संख्या 2024 के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा है। 2024 में करीब 40 हजार वीजा रद्द किए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में ज्यादातर बिजनेस और टूरिस्ट वीजा थे, जिनमें ओवरस्टे के मामले सामने आए। वहीं 8 हजार छात्रों और 2,500 स्पेशल वीजा धारकों के वीजा कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के चलते रद्द किए गए। स्पेशल वर्क वीजा धारकों में से करीब 50% वीजा शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में रद्द हुए। 30% मामलों में हमला या मारपीट जैसे आरोप थे। बाकी 20% वीजा चोरी, बाल उत्पीड़न, नशा तस्करी, धोखाधड़ी और गबन जैसे मामलों में रद्द किए गए। ट्रम्प बोले- ईरान से व्यापार किया तो 25% टैरिफ लगाएंगे:नियम तत्काल लागू, इसमें भारत भी शामिल; ईरानी करेंसी की वैल्यू लगभग जीरो हुई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने सोमवार रात ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। हालांकि व्हाइट हाउस की तरफ से इस टैरिफ को लेकर आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में 600 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। दूसरी तरफ ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू अब लगभग जीरो के बराबर पहुंच चुकी है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत सिर्फ 0.000079 रुपए रह गई है। ईरान पर अमेरिका पहले ही कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान से व्यापार करने वालों में प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। टैरिफ लागू होने पर इन देशों के अमेरिका के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *