करनाल के रिटायर्ड दरोगा का इकलौता बेटा था वीरेंद्र सांभी:5 साल पहले गया अमेरिका, पत्नी-बच्चे भी बुलाए; लॉरेंस गैंग में आया नाम, गोली मारी

📅 Published: January 14, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

अमेरिका के इंडियाना के ग्रीनवुड में रिहायशी इलाके में जन्मदिन पार्टी के दौरान 2 पक्षों में हुई फायरिंग की घटना में करनाल के वीरेंद्र सांभी की मौत हुई, जबकि दूसरा युवक कुलदीप पंजाब का रहने वाला बताया जा रहा है। अमेरिकन मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अमेरिकी समय के अनुसार 10 जनवरी की रात को करीब साढ़े 11 बजे फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के मुताबिक, पार्टी के दौरान हुए आपसी विवाद के बाद हथियार निकाले गए और गोलियां चलीं। घर में चल रही थी बड़ी पार्टी, विवाद के बाद चली गोलियां
पुलिस के अनुसार, 10 जनवरी की रात को बेंट ब्रांच सर्कल के 900 ब्लॉक में एक घर में बड़ी जन्मदिन पार्टी आयोजित की गई थी। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर 2 युवकों के बीच बहस हो गई। बहस बढ़ते ही दोनों ने गन निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो 4 लोग गोली लगने से घायल मिले। इनमें से एक 37 वर्षीय व्यक्ति को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। अन्य घायलों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां इलाज शुरू किया गया। ग्रीनवुड निवासी वीरेंद्र सिंह की अस्पताल में मौत
घायलों में ग्रीनवुड के रहने वाले 38 वर्षीय वीरेंद्र सिंह को मेथोडिस्ट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तीसरे घायल युवक को एसकेनाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस को सेंट फ्रांसिस अस्पताल से भी सूचना मिली कि वहां एक युवक गोली लगने के बाद पहुंचा है। पुलिस ने अस्पताल में 23 वर्षीय युवक से बात की, जिसने बताया कि उसे भी बेंट ब्रांच सर्कल के 900 ब्लॉक में गोली लगी थी और उसका दोस्त उसे अस्पताल लेकर आया। पड़ोसियों ने कहा, इलाका हमेशा शांत रहता है
घटना स्थल से कुछ घर दूर रहने वाले स्थानीय निवासी जिम बुशर ने मीडिया को बताया कि यह इलाका आमतौर पर बहुत शांत रहता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी वहां रहने वाले लोगों को देखा है और उनके पास एक कुत्ता भी है, लेकिन कभी शोर-शराबा नहीं हुआ। एक अन्य पड़ोसी सरबगिद सिंह ने भी बताया कि उनके इलाके में आमतौर पर ऐसी घटनाएं नहीं होतीं और माहौल हमेशा शांत रहता है। रिटायर्ड थानेदार का बेटा था वीरेंद्र सांभी, परिवार का इकलौता बेटा
इस गैंगवार में मारे गए युवक की पहचान करनाल (हरियाणा) के रहने वाले वीरेंद्र सांभी के रूप में भी सामने आई है। वह रिटायर्ड थानेदार मुलतान सिंह का बेटा था और परिवार का इकलौता बेटा बताया गया है। जानकारी के अनुसार, वह करीब 5 साल पहले डंकी रूट से अमेरिका गया था। 2 साल पहले उसकी पत्नी और बेटा भी डंकी रूट से अमेरिका पहुंच गए थे। घटना वाली रात वह ग्रीनवुड में आयोजित जन्मदिन पार्टी में बुलाया गया था, जहां फायरिंग हुई। पंजाब निवासी कुलदीप की भी गई जान, एक अन्य घायल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जिसकी पहचान पंजाब के रहने वाले कुलदीप के रूप में हुई है। फायरिंग में कुलदीप को भी गोली लगी और उसकी भी मौत हो गई। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ाव की बात आई सामने
जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र सांभी का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। इसी गैंग से जुड़ाव को लेकर इस हमले को गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं। हमले की जिम्मेदारी प्रतिद्वंद्वी रोहित गोदारा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले गए संदेश में बालजोत सिंह ने दावा किया कि इस वारदात को उसने और जस्सा ने अंजाम दिया है। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई को निशाना बनाते हुए चेतावनी दी गई और आगे और हमलों की धमकी भी दी गई। अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहीं
घटना के बाद अमेरिका के संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभागों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान साझा नहीं किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और हमलावरों की पहचान व लोकेशन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। पहले साथ था नेटवर्क, बाद में अलग होकर बनाया गिरोह
रोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। वह पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने अलग होकर अपना गिरोह बना लिया। रिपोर्ट के अनुसार, उसका नेटवर्क कनाडा और अजरबैजान जैसे देशों में भी सक्रिय बताया जाता है। सूत्रों के अनुसार, रोहित गोदारा गैंग पर उगाही, चुनकर की जाने वाली हत्याएं और हथियारों की तस्करी जैसे मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। इसी नेटवर्क के जरिए विदेशों से भी गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं। हरियाणा में पहले भी पकड़े जा चुके सदस्य
पिछले साल नवंबर में हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम से इस गैंग के 2 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान नारनौल जिले के सैदपुर गांव के नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव के रूप में हुई थी। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, संजय पर दस और नरेश पर 4 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें गंभीर अपराध भी शामिल थे।

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