चंडीगढ़ पुलिस के दो केस में CBI की चार्जशीट दायर:डॉक्टर के अपहरण और सबूतों से छेड़छाड़ मामला, इंस्पेक्टर सेखों, रामरतन समेत कई नाम शामिल

📅 Published: January 20, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस से जुड़े 2 गंभीर मामलों में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। एक मामला नामी डॉक्टर के कथित अपहरण से जुड़ा है, जबकि दूसरा केस एक आरोपी को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ का है। दोनों मामलों में चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। अदालत के बाहर से डॉक्टर का अपहरण सीबीआई ने इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों समेत क्राइम ब्रांच के कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 365 और 34 के तहत चार्जशीट दाखिल की है। करीब एक साल की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में पहले जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, उनमें इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों, सब-इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, कांस्टेबल विकास हुड्डा, कांस्टेबल सुभाष और कॉन्स्टेबल नीरज कुमार शामिल हैं। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी जोड़े गए हैं। मामले की शिकायत सेक्टर-21 निवासी डेंटिस्ट डॉ. मोहित धवन ने की थी। आरोप है कि सात जनवरी 2022 को वह एक आपराधिक मामले में अदालत में पेश होने के लिए सेक्टर-43 जिला अदालत पहुंचे थे, लेकिन एंट्री गेट पर ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अगवा कर लिया। आरोप है कि उन्हें कई घंटों तक गैरकानूनी हिरासत में रखा गया ताकि वह अदालत में पेश न हो सकें। अगले दिन पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर सात दिन का रिमांड लिया। डॉ. मोहित धवन करीब दो महीने तक जेल में रहे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को सौंपी गई जांच जमानत पर रिहा होने के बाद डॉ. मोहित धवन ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने जांच के लिए विशेष टीम गठित करने के आदेश दिए थे। इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2024 में हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव करते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी थी। आरोपी को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ दूसरे मामले में सीबीआई ने इंस्पेक्टर रामरतन शर्मा और सब-इंस्पेक्टर सत्यवान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि इन दोनों ने एक आरोपी को बचाने के लिए केस फाइल में सबूतों से छेड़छाड़ की। सीबीआई के मुताबिक चार अप्रैल 2022 को इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने एक महिला से यौन उत्पीड़न के आरोप में शहर के एक बड़े मॉल के जीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच के दौरान आरोपी के घर से आईफोन-12 जब्त किया गया था, लेकिन पुलिस ने उस मोबाइल को सील करने के बजाय उसकी जगह आईफोन-7 को सील कर दिया। आरोप है कि असली मोबाइल और सिम आरोपी को वापस कर दिए गए और बिना सिम वाला मोबाइल केस फाइल में रख दिया गया। सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की और अब दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है।

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