अयोध्या में वर्ष 2022 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश-1 (ASJ-1) की अदालत ने आरोपी पवन पाण्डेय पुत्र रामकरन पाण्डेय को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अयोध्या पुलिस की प्रभावी विवेचना और सशक्त अभियोजन के बाद आया। दोषी पवन पाण्डेय पूराकलंदर थाना क्षेत्र के नंदीग्राम भरतकुंड का निवासी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह जघन्य घटना 13 अक्टूबर 2022 को हुई थी। मृतका की पहचान 64 वर्षीय यशोदा देवी के रूप में हुई थी, जो प्राचीन भरत मंदिर के पुजारी हनुमान दास की पत्नी थीं। मामले के अनुसार, करवा चौथ पर्व के अवसर पर पवन पाण्डेय की पत्नी पूजा सामग्री मांगने यशोदा देवी के पास गई थीं। उस समय यशोदा देवी पूजा-पाठ में व्यस्त थीं, जिसके कारण वे तत्काल सामग्री उपलब्ध नहीं करा सकीं। इसके कुछ समय बाद यशोदा देवी स्वयं सामग्री लेकर पवन पाण्डेय के घर पहुंचीं। अभियोजन के मुताबिक, इसी दौरान किसी बात को लेकर पवन पाण्डेय नाराज हो गया। गुस्से में उसने घर का दरवाजा बंद कर दिया और लोहे की रॉड से यशोदा देवी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के चलते यशोदा देवी की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को एक कमरे में बंद कर दिया, ताकि घटना की जानकारी किसी को न हो सके। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाहों के बयान अदालत में पेश किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी इस निर्णय को कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास का परिणाम बताया है।
अयोध्या में महिला की हत्या, आरोपी को आजीवन कारावास:10 हजार जुर्माना भी, 2022 में नंदीग्राम में घटना हुई थी
📅 Published: January 20, 2026 |
📂 Category: Uncategorized
