शहर के ऐतिहासिक प्रयाग नारायण मंदिर (शिवाला) में 165वां ब्रह्मोत्सव माघ मेला चल रहा है। इस दौरान भगवान लक्ष्मी नारायण दिव्य श्रृंगार के साथ घोड़े पर सवार होकर निकले। उनकी भव्य सवारी ने मंदिर प्रांगण की परिक्रमा की, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़े। परिक्रमा के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय लक्ष्मी नारायण’ के उद्घोष से गूंज उठा। इस अवसर पर भक्तों ने भगवान के साथ रंगों की होली खेली। चारों ओर गुलाल और फूलों की वर्षा हुई, जिससे उत्सव का माहौल बन गया। यह मंदिर उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा मंदिर है जो दक्षिण भारतीय (द्रविड़) पद्धति से निर्मित है। दक्षिण भारत की वास्तुकला और परंपराओं को समेटे हुए यह ‘शिवाला’ नाम से विख्यात है। इसे उत्तर और दक्षिण की संस्कृतियों के मिलन का प्रतीक माना जाता है। यह ऐतिहासिक मेला बसंत पंचमी से शुरू हुआ है और माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के साथ संपन्न होगा। मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हाल ही में छोटे बच्चों द्वारा एक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसकी सराहना की गई। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए प्रयाग नारायण शिवाला के प्रबंधक मुकुल नारायण तिवारी, अभिनव तिवारी और राघव तिवारी ने उन्हें सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़े रखते हैं। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति और मीडिया जगत की हस्तियाँ भी मौजूद रहीं। इनमें वरिष्ठ पत्रकार कुमार त्रिपाठी, ज्योति शुक्ला, श्रुति शुक्ला, ऋषभ मिश्रा और अमित द्विवेदी प्रमुख थे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, माघ पूर्णिमा तक चलने वाले इस मेले में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
भगवान लक्ष्मी नारायण घोड़े पर सवार होकर निकले:प्रयाग नारायण मंदिर में 165वें ब्रह्मोत्सव का आयोजन, भक्तों की भीड़ उमड़ी
📅 Published: January 31, 2026 |
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