आजमगढ़ में 126 महिलाओं को मिला भरण पोषण भत्ता:लंबे समय से कर रही थी संघर्ष, SSP बोले पुलिस ने न्यायालय से समन्वय स्थापित कर महिलाओं की कराई मदद

📅 Published: February 4, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

आजमगढ़ जिले के SSP डॉक्टर अनिल कुमार ने मिशन शक्ति अभियान के तहत बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया है जो न्यायालय से भरण पोषण का आदेश मिलने के बाद भी दशकों से न्यायालय और पुलिस थानों के चक्कर काट रही थी। इस अभियान के तहत कुल 126 मामलों में 23 लाख 400 से अधिक की धनराशि पीड़ित महिलाओं के खातों में पहुंचाई गई। इस अभियान का मुख्य मकसद उन महिलाओं को लाभान्वित करना है जो लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए लगातार लंबी लड़ाई लड़ रही थी। और पुलिस थानों और कचहरी के चक्कर लगा रही थी। न्यायालय से समन्वय स्थापित कर मिली मदद
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए जिले के SSP डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं थी जिन्हें न्यायालय के आदेश मिलने के बाद भी किन्हीं कारणों से आदेशों का अनुपालन नहीं हो पा रहा था। ऐसे में पुलिस ने न्यायालय से समन्वय स्थापित कर इस तरह के मामलों को प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत किया और महिलाओं को न्याय दिलाने का प्रयास किया यही कारण है कि जिले में 126 से अधिक महिलाओं को इस तरह के मामलों में न्याय मिला। और उनके भरण पोषण भत्ते को भी दिलाया गया।
30 दिनों में दिलाए गए 9 लाख 37 हजार से अधिक का भरण पोषण
आजमगढ़ पुलिस ने न्यायालय से समन्वय स्थापित करके 30 दिनों में पीड़ित महिलाओं को 9,37,500/- (नौ लाख सैत्तीस हजार पांच सौ रूपयें) की भरण–पोषण धनराशि दिलाई गई। अब तक कुल 126 मामलों में ₹ 23,00,400/- (तेईस लाख चार सौ रूपयें) की धनराशि पीड़िताओं के खातों में पहुंचाई गई। लंबित मामलों की गहन समीक्षा मिशन शक्ति 5.0 अभियान के शुभारंभ के उपरांत जनपद के सभी थानों में महिलाओं से संबंधित भरण–पोषण के लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। थानों के पैरोकारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक वाद को न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए। जिससे पीड़िताओं को शीघ्र न्याय मिल सके। आजमगढ़ SSP डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस पैरोकारों एवं थाना स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रकरण का सूक्ष्म अध्ययन कर न्यायालय में निरंतर उपस्थिति के माध्यम से सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। वर्षों से भरण–पोषण की धनराशि से वंचित महिलाओं एवं उनके बच्चों को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता रहा।
सामाजिक प्रभाव पारिजनों को राहत
भरण–पोषण की धनराशि प्राप्त होने से आर्थिक संकट से जूझ रही महिलाओं एवं उनके बच्चों को बड़ी राहत मिली है। कई परिवारों के जीवनयापन में स्थायित्व आया है। इस पहल से महिलाओं का न्याय प्रणाली एवं पुलिस प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है, तथा पीड़िताओं के चेहरों पर पुनः मुस्कान लौट आई है। SSP का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि मिशन शक्ति 5.0 अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, न्याय और सम्मान प्रदान करना है। भरण–पोषण से जुड़ी पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाना जनपद पुलिस की प्राथमिकता है। महिला हितों से जुड़े प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता, तत्परता और प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। आजमगढ़ पुलिस महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत महिलाओं से संबंधित अन्य लंबित प्रकरणों को भी चिन्हित कर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है, ताकि प्रत्येक पीड़िता को समयबद्ध न्याय मिल सके। भरण–पोषण प्राप्त पीड़ित महिलाओं द्वारा न्यायालय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ और शासन-प्रशासन के कार्यों की सराहना की गई।

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