दो पैनकार्ड मामले में अब्दुल्ला आज़म की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सेशन कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। बुधवार को अभियोजन पक्ष की बहस का पहला दिन रहा। सरकार की ओर से एडीजीसी सीमा राणा ने सजा को बरकरार रखने के लिए अपनी दलीलें पेश कीं। इससे पहले, बचाव पक्ष की ओर से आज़म खान के वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर सुल्तान अब्दुल्ला आज़म को राहत दिए जाने की मांग करते हुए अपनी बहस पूरी कर चुके हैं। अब सेशन कोर्ट में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों के बाद यह तय होगा कि अब्दुल्ला आज़म को सजा में राहत मिलती है या निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है। इस मामले की सुनवाई 12 जनवरी 2026 को शुरू हुई थी, जब एडीजीसी सीमा राणा ने अब्दुल्ला आज़म की अपील पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उस दिन आंशिक बहस हुई थी, जिसके बाद कई तारीखें तय की गईं।
लगातार सुनवाई के बाद, 2 फरवरी 2026 को बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी बहस पूरी की। इसके बाद अभियोजन पक्ष की बहस के लिए बुधवार की तारीख तय की गई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार, एडीजीसी सीमा राणा सेशन कोर्ट पहुंचीं और अभियोजन की ओर से सजा को सही ठहराने के लिए बहस शुरू की। गौरतलब है कि रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को अब्दुल्ला आज़म को दो पैनकार्ड रखने के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2019 में भाजपा के नगर विधायक आकाश सक्सेना द्वारा रामपुर की सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा है। राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस फैसले को लेकर खासा इंतजार किया जा रहा है।
अब्दुल्ला आजम की सजा पर अपील, सुनवाई शुरू:रामपुर में दो पैनकार्ड मामले में सरकारी वकील ने सजा बरकरार रखनी की दलील दी
📅 Published: February 4, 2026 |
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