ग्रुप के दो साल पूरे होने पर किताब रिलीज करने के साथ मनाया जश्न

📅 Published: February 4, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

इससे खूबसूरत क्या हो सकता है, जहां महिलाएं एक-दूसरे के लिए खड़ी रहती हैं। साथ निभाती हैं आैर हर मुश्किल समय में एक-दूसरे से कहती हैं हम संभाल लेंगे। इसके साथ ही एक-दूसरे को आगे बढ़ते देख खुश होती हैं। महिलाएं, महिलाओं की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। ऐसा ही उदाहरण स्थापित कर रही हैं वुमानी ग्रुप की महिलाएं। इस ग्रुप के दो साल पूरे होने के मौके पर 13 महिलाओं की कहानियों को प्रकाशित किया गया। इस ग्रुप को लवलीन धालीवाल आैर कंचन गुप्ता चलाती हैं। शुरुआत में यह अॉनलाइन ग्रुप था, बाद में अॉफलाइन कार्यक्रम होने लगे। किताब वुमानी को लेकर लवलीन धालीवाल ने बताया – हमने एक पहल की थी, जिसमें अपने ग्रुप की महिलाओं को टास्क दिया। सभी को 30 दिन में 20 कहानियां लिखनी थी। जिन महिलाओं ने एक महीने में 20 कहानियां लिखी, हमने उन्हें चुना आैर उन कहानियों में से 13 को फाइनल किया। किताब में सुषमा यादव, अल्का गर्ग, अमिता कुचिया, डॉ. मधु कश्यप, संजू कुशवाह, निशा जैन, कमलेश अहूजा, उर्मिला सिन्हा, प्रवीण महाजन, अरवीना गहलोत, भाविनी उपाध्याय, पूनम भारद्वाज, यशोदा, शाहीन खान, कंचन गुप्ता आैर मेरी कहानियां शामिल हैं। उम्मीद की लौ लवलीन धालीवाल ने बताया कि हर कहानी में हिम्मत, उम्मीद, हौसले की बात है। बेबाक, बेखौफ कहानियां इसमें शामिल हैं। जीवन की भागदौड़ में कितना कुछ गुम जाता है, उसकी तलाश भी कहानियों में है। पहली कहानी मेरी है, जो सिखाती है कैसे एक विचार, जब विश्वास आैर मेहनत से सींचा जाता है तो एक सपना बनकर हकीकत में बदल जाता है। शाहीन खान की कहानी में बताया कि कैसे चुनौतियां इंसान में रचनात्मक आैर कलात्मक लौ को जगाने का काम भी करती हैं। इन कहानियों में एक उम्मीद दर्ज है जो बताती है कि कभी भी, किसी भी मोड़ पर कुछ भी हो सकता है। जब कुछ ना होने की संभावना हो, तब भी कुछ भी हो सकता है। New Book

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