कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में एक ई-रिक्शा चालक पर हमला कर उसका गला घोंटने का प्रयास किया गया। पुलिस द्वारा सुनवाई न करने पर पीड़ित ने चार महीने बाद कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीएसी मोड गंगागंज निवासी अल्लू यादव ने अपनी शिकायत में बताया कि 17 अक्टूबर 2025 की रात करीब 9:30 बजे वह एक बीमार सांड के लिए गौशाला में डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी नरेंद्र, शैलेंद्र, जितेंद्र, वीरेंद्र, करण और आकाश नशे की हालत में वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। अल्लू यादव ने जब इसका विरोध किया, तो सभी आरोपियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। उन्हें लात-घूसों से पीटा गया और फिर गमछे से गला कसकर जान से मारने का प्रयास किया गया। शोर सुनकर आसपास के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे, जिसके बाद आरोपी रुपये छीनकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने चकेरी थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। कई बार थाने और चौकी के चक्कर लगाने के बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की, केवल मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद अल्लू यादव ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
ई-रिक्शा चालक पर हमला, गला घोंटकर मारने का प्रयास:4 महीने बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज
📅 Published: February 11, 2026 |
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