पेनपा त्सेरिंग तिब्बत निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री:धर्मशाला में हुए चुनाव में पहले चरण में ही 61% से अधिक वोट, दोबारा सत्ता में आए

📅 Published: February 14, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

धर्मशाला में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) के चुनाव आयोग ने 14 फरवरी, 2026 को 18वीं निर्वासित संसद और सिक्योंग (प्रधानमंत्री) पद के प्रारंभिक चुनाव के नतीजों की घोषणा की। वर्तमान सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने भारी बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखी है। त्सेरिंग को कुल 61.025 प्रतिशत वोट मिले, जिसके बाद उन्हें सीधे 17वें काशाग (मंत्रिमंडल) के लिए निर्वाचित घोषित किया गया। इस चुनाव में कुल 103 उम्मीदवार मैदान में थे, जिसमें मुख्य मुकाबला त्सेरिंग और औकात्सांग के बीच रहा। पेनपा त्सेरिंग को लगभग 31,200 वोट मिले, जबकि केलसांग दोरजी औकात्सांग को 17,843 वोट प्राप्त हुए। त्सेरिंग फुंटसोक को 159 वोट मिले। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दुनिया भर के कुल 51,140 तिब्बती मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 60 फीसदी से ज्यादा वोट मिलने से अगला चरण नहीं चुनाव आयोग ने उन्हें 60 प्रतिशत से अधिक वोट मिलने के कारण सीधे विजेता घोषित कर दिया। निर्वासित तिब्बती चुनाव नियमों के अनुसार, यदि प्रारंभिक चरण में किसी उम्मीदवार को 60 प्रतिशत से अधिक वोट मिलते हैं, तो अंतिम चरण के चुनाव की आवश्यकता नहीं होती है तीन पारंपरिक प्रांतों में 30-30 उम्मीदवार चुने संसद के लिए भी उम्मीदवारों की प्रारंभिक सूची जारी कर दी गई है। तिब्बत के तीन पारंपरिक प्रांतों से 30-30 उम्मीदवार चुने गए हैं। इसके अतिरिक्त, बौद्ध और बोन धर्म के संप्रदायों सहित अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका से 6-6 उम्मीदवार चयनित हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड क्षेत्र से 3 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। 27 तक करनी है उम्मीदवारी को पु​ष्टि संसद के लिए चुने गए सभी उम्मीदवारों को 27 फरवरी तक अपनी उम्मीदवारी की पुष्टि करनी होगी। इसके लिए उन्हें ग्रीन बुक की कॉपी, 300 शब्दों की जीवनी और फोटो के साथ आवेदन करना होगा। जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उन्हें 28 फरवरी तक का समय दिया गया है।

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