यूपी बार काउंसिल के 25 सदस्यों के चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया 19 नवंबर को पूरी हो गई। पूरे प्रदेश से कुल 334 अधिवक्ताओं ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार अब 20 और 21 नवंबर को नामांकन पत्रों की विधिवत गोपनीय तरीके से जांच की जाएगी। जांच के दौरान जिन प्रत्याशियों के कागज सही पाए जाएंगे, उनकी सूची तैयार की जाएगी, जिसे 28 नवंबर को जारी किया जाएगा। वहीं, प्रत्याशी 27 नवंबर तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। प्रदेशभर में कुल 2,49,808 अधिवक्ता इस चुनाव में मतदान करने के पात्र हैं। यूपी बार काउंसिल ने मतदान की प्रक्रिया चार चरणों में संपन्न कराने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार 16 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से मतदान कराया जाएगा। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की भागीदारी को देखते हुए बार काउंसिल ने मतदान केंद्रों और व्यवस्था को लेकर विस्तृत योजना तैयार कर ली है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इस बार की नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह न्यायिक निगरानी में संपन्न हुई है। यूपी बार काउंसिल के सचिव राम किशोर शुक्ल ने बताया कि चुनाव की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया दो वरिष्ठ न्यायाधीशों की देखरेख में आयोजित की जा रही है। इसके तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। चुनावी माहौल के बीच अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। अधिवक्ता संघों में चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है। प्रत्याशियों ने न्यायालय परिसर और अधिवक्ता चेंबरों में जनसंपर्क शुरू कर दिया है। बार काउंसिल चुनाव को प्रदेश के अधिवक्ताओं में प्रतिष्ठा का चुनाव माना जाता है, इसलिए नामांकन से लेकर मतदान तक हर चरण पर अधिवक्ताओं की खास नजर रहती है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब चुनावी गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। 28 नवंबर को घोषित होने वाली अंतिम सूची तय करेगी कि 25 सीटों के लिए मैदान में कितने उम्मीदवार रहेंगे।
UP बार काउंसिल चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच शुरू:20-21 नवंबर तक जांच, 28 नवंबर को तय होगा उम्मीदवारों का नामांकन भाग्य
📅 Published: November 20, 2025 |
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