18 थाना क्षेत्र में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन:डीएम की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

📅 Published: November 20, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में संपन्न हुई। बैठक में डीएम ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने एवं हादसों में होने वाली मृत्यु को कम करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये। टीम को दिया गया प्रशिक्षण
डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार ने बताया कि अधिक सड़क दुर्घटना वाले 18 थाना क्षेत्र में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में एक एसआई और चार सिपाही रहेंगे। जनपद में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 60 प्रतिशत इन्हीं 18 थाना क्षेत्र अंतर्गत होती हैं। इन टीमों का प्रशिक्षण कराया जा चुका है। ये टीमें फर्स्ट एड चिकित्सा, दुर्घटना से संबंधित जांच, फोरेंसिक सबूत एकत्र करने एवं विवेचना संबंधी कार्य करेगी तथा दोषी को सजा दिलाएगी। 264 स्थानों पर हुईं सबसे ज्यादा मौतें
डीसीपी ने बताया कि सेव लाइफ फाउंडेशन और मिनिस्ट्री आफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे द्वारा वर्ष 2023 में जनपद के सड़क हादसों का व्यापक अध्ययन किया गया। उस रिपोर्ट में जनपद के 264 क्रिटिकल क्रैश लोकेशंस चिन्हित किए गए, जहां 500 मीटर के दायरे में दो से अधिक मृत्यु हुई। ये क्रैश लोकेशंस सड़क हादसों में होने वाली 72 प्रतिशत मृत्यु के जिम्मेदार हैं। इनमें से अधिकांश लोकेशंस एनएच-19, एनएच-34, स्टेट हाईवे-46 और स्टेट हाईवे-68 पर स्थित हैं। इंजीनियरिंग कार्य करने के निर्देश
डीएम ने एनएच के परियोजना निदेशक तथा पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि इन मार्गों पर व्यापक स्तर पर इंजीनियरिंग कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि चिन्हित स्थलों पर आवश्यकतानुसार क्रिटिकल कॉरिडोर की रोड मार्किंग, अनधिकृत कट बंद करना, स्पीड ब्रेकर, रोड की बनावट में सुधार, रंबल स्ट्रिप्स, चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, साइन एज, क्रैश बैरियर से संबंधित कार्य कराए जाएं। हैवी व्हीकल बीच सड़क पर खड़ा ना हो
डीएम ने निर्देश दिए कि मौसम में बदलाव के साथ शीत ऋतु का प्रारंभ हो गया है। कोहरे के दृष्टिगत यातायात में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी हैवी व्हीकल कोहरे की स्थिति में बीच सड़क पर खड़ा न हो। बिना हेलमेट के सबसे ज्यादा चालान
बैठक में बताया गया कि 1 जनवरी से 31 अक्टूबर के मध्य जनपद में कुल 4,57,123 प्रवर्तन कार्रवाई की जा चुकी है। इसमें बिना हेलमेट के 1,71,250 चालान, विपरीत दिशा में ड्राइविंग के 58,933 चालान, तीन सवारी के 26,885, तेज गति से ड्राइविंग के 35,688, मोबाइल वार्ता के 2,116, सीट बेल्ट के 4,594, ड्रिंक एंड ड्राइव के 702 और बिना डीएल के 9,449 प्रकरण शामिल हैं। घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा ईनाम
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को राहवीर योजनान्तर्गत 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। डीएम ने नागरिकों से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने की अपील की, जिससे उनकी जान बचाई जा सके। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति किसी घायल को अस्पताल में पहुंचाएगा उसे किसी प्रकार से परेशान नहीं किया जाएगा। उसे अस्पताल द्वारा अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर इत्यादि बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। न ही उससे इलाज के संबंध में किसी प्रकार की धनराशि की मांग की जाएगी। घायल व्यक्ति का संबंधित अस्पताल में ड्यूटी पर उपस्थित डॉक्टर द्वारा तत्काल इलाज शुरू किया जाएगा।

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