गोंडा में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हिरासत में हुई संजय सोनकर (35) की मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। घटना को 16 दिन बीत जाने के बावजूद हत्या जैसे गंभीर आरोपों में नामजद तीनों निलंबित पुलिसकर्मी अभी भी फरार हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रही, जबकि इन accused के खिलाफ हत्या की धाराओं के साथ SC/ST Act के तहत भी मुकदमा दर्ज है। 4 नवंबर दोपहर 11:30 बजे RPF के तीन पुलिसकर्मी सब-इंस्पेक्टर करण सिंह यादव सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार, सिपाही अमित ने संजय सोनकर को “पूछताछ” के नाम पर हिरासत में लिया था। देर रात 4 नवंबर को ही संजय की हिरासत में मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद तीनों पुलिसकर्मी शव को मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्युरी में छोड़कर फरार हो गए। FIR और कार्रवाई की स्थिति 5 नवंबर को परिजनों ने नगर कोतवाली में हंगामा कर तीनों के खिलाफ मर्डर (हत्या) की FIR दर्ज कराई। मृतक की जाति के आधार पर SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं। RPF ने तीनों पुलिसकर्मियों को 6 नवंबर को निलंबित कर दिया। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। लेकिन 16 दिन बाद भी तीनों की गिरफ्तारी नहीं हुई। परिजन लगातार गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। जांच अधिकारी सीओ नगर आनंद राय के अनुसार मामले की विस्तृत जांच चल रही है। बिसरा रिपोर्ट अभी नहीं आया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने परिजनों को यह भी कहा कि जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। परिजन लगातार प्रदर्शन और मांग के बावजूद आरोपी पुलिसकर्मी लापता हैं। परिजनों का मानना है कि पुलिस मामले को दबाने या धीमा करने की कोशिश में है। वे चाहते हैं कि आरोपी पुलिसकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
गोंडा में RPF हिरासत में युवक की मौत:16 दिन बाद भी आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार नहीं, परिजनों में आक्रोश
📅 Published: November 21, 2025 |
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