कन्नौज के सौरिख में आशा बहू की नियुक्ति के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोपी अपर शोध अधिकारी ने सफाई में एक वीडियो जारी किया है। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता युवक का आरोप है कि उसके पास नौकरी के बदले पैसे मांगने की ऑडियो रिकॉर्डिंग और पैसे लेते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग है, जिसे वह मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पेश करेगा। सौरिख सीएचसी में अपर शोध अधिकारी के पद पर तैनात वीरपाल का रिश्वत लेते हुए एक वीडियो दो दिन पहले वायरल हुआ था। 24 घंटे तक मोबाइल बंद रखने के बाद गुरुवार देर रात उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना सफाई वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने बताया कि नगला दरियाव गांव की राजेश्वरी आशा बहू थी और रिश्ते में भी आती थी। राजेश्वरी ने उनसे 60 हजार रुपए उधार लिए थे, जिनकी कुछ समय बाद हत्या हो गई थी। वीरपाल के अनुसार, जब उन्होंने राजेश्वरी के बेटे अभिषेक से पैसे वापस मांगे तो उसने गलत तरीके से वीडियो बना लिया। अपर शोध अधिकारी वीरपाल सिंह ने यह भी बताया कि अभिषेक अपनी मां की मृत्यु के बाद अपनी पत्नी को आशा बहू बनवाना चाहता था। हालांकि, उसकी पत्नी के दस्तावेजों में जन्मतिथि गलत दर्ज थी, जिस कारण उसका चयन आशा बहू के पद पर नहीं हो पा रहा था। उधर रिश्वत देने का आरोप लगाने वाले अभिषेक का कहना है कि अपर शोध अधिकारी वीरपाल सिंह उसकी पत्नी की नियुक्ति के लिए लगातार पैसों की मांग कर रहे थे। अभिषेक ने बताया कि वे भूमिहीन हैं और पत्नी की नियुक्ति के लिए गांव के लोगों से उधार लेकर 30 हजार रुपए एकत्र किए थे। लेकिन अधिकारी चयन के लिए पूरे 60 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। अभिषेक के अनुसार, रिश्वत देने में असमर्थता जताने पर अधिकारी दूसरी महिला के चयन की धमकी दे रहे थे। अभिषेक का दावा है कि इसकी कॉल रिकॉर्डिंग साक्ष्य के तौर पर उसके पास मौजूद है। उसने यह भी कहा कि यदि जिले के अधिकारी रिश्वतखोर अपर शोध अधिकारी पर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो वह लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष सभी साक्ष्य प्रस्तुत करेगा।
अधिकारी ने वीडियो जारी कर रिश्वत लेने पर दी सफाई:कहा- नहीं मांगी कोई रिश्वत, युवक का दावा- मेरे पास ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग
📅 Published: November 21, 2025 |
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