गाजियाबाद में इंस्पेक्टर 4 लाख की रिश्वत के साथ अरेस्ट:CP जे. रविंद्र के निर्देश पर IPS धवल ने बिछाया जाल, करोड़ों के कफ सिरप में ली घूस

📅 Published: November 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

गाजियाबाद पुलिस ने 4 लाख रुपये की रिश्वत के साथ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रमेश सिंह सिंधु को अरेस्ट किया है। जिनसे पुलिस ने 4 लाख रुपये कैश बरामद किया गया है। इनके अलावा पैसे देने वाले राहुल को भी भागते समय अरेस्ट कर लिया। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड के निर्देश पर IPS अधिकारी धवल जायसवाल की टीम ने पूरा छाल बिछाया। पुलिस इंस्पेक्टर से पूछताछ कर रही है। 3 नवंबर को गाजियाबाद पुलिस ने करोड़ों रुपये का कफ सिरप पकड़ा था, इसी मामले में आरोपियों को बचाने के लिए इंस्पेक्टर ने 4 लाख रुपये की घूस ली। 3 नवंबर को पकड़ा था 4 ट्रक कफ सिरप गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब 18 अक्टूबर को सोनभद्र पुलिस ने दो ट्रक कफ सिरप पकड़े थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सिरप गाजियाबाद के गोदामों में स्टॉक किए जाते हैं और यहां से देशभर में सप्लाई की जाती है। जानकारी मिलने पर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने एडिशनल डीसीपी पीयूष सिंह और क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल राजपूत को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। 3 नवंबर को गाजियाबाद पुलिस ने करोड़ों रुपये का सिरप पकड़ा। जांच में झारखंड में भी एक और ट्रक पकड़ा गया, जिसके बाद गाजियाबाद के मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम से 4 ट्रक सील किए गए। ट्रकों में चूने की बोरियों के बीच छिपाया गया था कफ सिरप पुलिस के अनुसार, जब गोदाम की तलाशी ली गई तो 12-टायरा के दो ट्रक और दो आयशर कैंटर मिले, जिनमें 1,57,350 शीशियां Eskuf और Phensedyl कफ सिरप की भरी थीं। जिसमें 850 पेटी Eskuf ब्रांड की थी जबकि 300 पेटी Phensedyl ब्रांड की। हर पेटी में 100 मिलीलीटर की शीशियां थीं। कुल मात्रा लगभग 15,735 लीटर निकली। एक शीशी की कीमत 210 से 212 रुपए के बीच है, यानी कुल कीमत 3.40 करोड़ रुपए से अधिक। जहां शराब बंद, वहां सबसे ज्यादा मांग पुलिस ने बताया कि इन सिरप में कोडीन नामक तत्व होता है, जो मादक पदार्थ की श्रेणी में आता है। आरोपी इन सिरप की बांग्लादेश और अन्य देशों में तस्करी करते थे। भारत में यह 210 रुपए की शीशी 600 से 1000 रुपए तक बांग्लादेश में बिकती थी। सूत्रों के मुताबिक, जहां-जहां शराब प्रतिबंधित है, वहां यह सिरप नशे के रूप में इस्तेमाल होता है। गाजियाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सोमवार रात गोदाम में छापेमारी कर 4 ट्रक कफ सिरप बरामद किया है। 3 साल में 550 से ज्यादा ट्रक सिरप खपाया पूछताछ में सामने आया कि गैंग के मास्टरमाइंड सौरव त्यागी और संतोष भड़ाना ने पिछले तीन साल में 550 से ज्यादा ट्रकों से कफ सिरप की सप्लाई की।गाजियाबाद के गोदाम में एक ट्रक खड़ा करने के 20 हजार रुपए रोज़ दिए जाते थे। मुख्य आरोपी सौरव त्यागी ने पुलिस को बताया कि ये सिरप दिल्ली से यूपी, बिहार, झारखंड के रास्ते बांग्लादेश तक भेजे जाते थे। दुबई से ऑपरेट हो रहा है नेटवर्क इस सिंडिकेट का सरगना आसिफ है, जो मेरठ निवासी है और दुबई से पूरी गैंग को ऑपरेट करता है। उसके साथ मेरठ का ही वसीम और वाराणसी का शुभम जायसवाल भी शामिल है। तीनों फिलहाल फरार हैं।आसिफ और वसीम की मदद से सौरव त्यागी कफ सिरप को एनसीआर में इकट्ठा करता था और फिर देशभर में सप्लाई कराता था। प्रतिबंधित कफ सीरप की यह खेप गाजियाबाद से यूपी, दिल्ली, बिहार, झारखंड और बंगाल होते हुए बांग्लादेश भेजी जानी थी। फर्जी फार्मा कंपनियों के जरिए होता था कारोबार सौरव त्यागी के पास RS फार्मा, इंदिरापुरम गाजियाबाद का लाइसेंस है। उसने कई फर्जी फर्मों-जैसे वान्या इंटरप्राइजेज, लेबोरेट फार्मा (पोंटा साहिब) और एबॉट फार्मा (बद्दी) के नाम पर सिरप खरीदा।इन सिरप को मछली गोदाम परिसर, गाजियाबाद में रखकर वहां से ट्रकों में लोड कर झारखंड, बंगाल, असम भेजा जाता था। हर बार ट्रकों में सिरप को छिपाने का तरीका बदल दिया जाता था ताकि पकड़ा न जा सके।

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