नोएडा में गिरफ्तार किए गए फर्जी रॉ अधिकारी मामले की जांच तेज हो गई है। उसके 10 बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। दो साल का ब्यौरा बैंकों से मांगा गया है। हवाला कारोबार का एंगल भी सामने आ रहा है। एसटीएफ ने बताया कि उसकी उम्र 37 साल है और उसने क्लीनिकल साइकोलॉजी में कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर से 2012 में पोस्ट ग्रेजुएट किया है। जाहिर है वो किसी के दिमाग के साथ आसानी से खेल सकता है। जैसा उसने किया भी। पूछताछ में सामने आया कि उसने तीन कंपनियां बनाई। जिसमें HAPPU MENTAL HEALTH SERVICE 2, FESTUM 24 TECHONOLOGIES PRIVATE LTD और LOKALLY TECHNOLOGIES PRIVETE LIMITED कंपनी बनाई है। जिसमें वो खुद और इसकी मौसी की बहन डायरेक्टर है। बताया गया कि जिन खातों को उसने खोला था। उन्ही खातों से HAPPU METAL HEALTH SERVICE कंपनी के अकाउंट में ट्रांजेक्शन करता था। इसकी कंपनी की वैल्यू बढ़ सके। 10 महीने में 3 करोड़ का ट्रांजैक्शन
एसटीएफ इसके सोर्स ऑफ इनकम तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। खातों से जानकारी मिली की 10 महीने में सुनीत ने 3 करोड़ से अधिक का ट्रांजैक्शन उक्त कंपनी में किया। इसका उद्देश्य कंपनी की वैल्यू बढ़ाना और कंपनी को पब्लिक कंपनी के रूप में शेयर मार्केट में लिस्ट कराना था। ताकि आईपीओ लाकर भारी इंवेस्ट मिल सके। दो खातों में फ्रीज कराए 81 लाख एसटीएफ ने बताया कि सुनीत ने अमित कुमार के नाम से आरबीएल बैंक में खाता खोला था। जिसमें 40 लाख रुपए और कोटक महिंद्र बैंक में 41 लाख रुपए को फ्रीज कराया गया है। ये पैसा कहा से आया। कयास लगाए जा रहे है इसके पीछे हवाला कारोबार भी हो सकता है। एसटीएफ इसका कनेक्शन खंगाल रही है। साथ ही इस मामले में और गिरफ्तारी हो सकती है। दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित वीडियो मिला
आरोपी के टैब से दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित छह वीडियो भी बरामद हुए। इसके खिलाफ थाना सूरजपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2),318(4),338,336(3), 340, 66 डी (सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ये हुआ बरामद
इसके पास से काफी फर्जी अभिलेख बरामद हुए हैं। जिनमें मुख्य रूप से दो फर्जी आईडी, 20 चेक बुक, दिल्ली पुलिस की फर्जी वेरिफिकेशन लेटर,8 क्रेडिट/ डेबिट कार्ड, एक डायरी, 17 एग्रीमेंट, 5 पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, तीन वोटर आईडी कार्ड, दो फार्म वोटर आईडी कार्ड, दो कंपनी संबंधित रजिस्ट्रेशन कागजात, आईटीआर के कागजात, बैंक स्टेटमेंट, 3 लैपटॉप, दो टैबलेट आदि बरामद हुआ है।
नोएडा से गिरफ्तार फर्जी रॉ अधिकारी, दिमाग पढ़ने में महिर:क्लीनिकल साइकोलॉजी में है PG, 10 महीने में 3 करोड़ का ट्रांजैक्शन, खंगाला जा रहा हवाला कनेक्शन
📅 Published: November 21, 2025 |
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