अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प

📅 Published: January 12, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। अमेरिकी राजदूत ने राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती को असली बताया। उन्होंने कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं। गोर ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले एक से दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं। अपने पहले संबोधन की शुरुआत गोर ने ‘नमस्ते’ के साथ की और कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने भारत को एक असाधारण राष्ट्र बताया और यहां काम करने को सम्मान की बात कहा। गोर ने कहा- यह दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का संगम है। गोर बोले- भारत बड़ा देश, ट्रेड डील आसान नहीं अमेरिकी राजदूत ने कहा कि कई लोग उनसे ट्रेड डील पर अपडेट पूछ रहे थे। उन्होंने साफ किया कि दोनों पक्ष लगातार संपर्क में हैं और बातचीत आगे बढ़ रही है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए यह प्रक्रिया आसान नहीं है, लेकिन दोनों देश इसे पूरा करने के लिए कोशिश कर रहे हैं। गोर ने कहा कि ट्रेड भारत-अमेरिका रिश्तों का अहम हिस्सा है, लेकिन सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देश सुरक्षा, काउंटर-टेररिज्म, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम कर रहे हैं। गोर को भारत का राजदूत चुनने में ट्रम्प ने 7 महीने लिए जनवरी 2025 में राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने कई देशों के लिए राजदूत की नियुक्ति की थी लेकिन भारत के लिए गोर को राजदूत पद पर चुनने के लिए उन्होंने 7 महीने लगा दिए। ट्रम्प ने अगस्त 2025 में गोर को भारत का राजदूत चुना था। वे ट्रम्प के खास माने जाते हैं उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के कट्टर समर्थक हैं। गोर ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रम्प के लिए फंड जुटाने में भी बड़ी भूमिका निभाई थी। जूनियर ट्रम्प के दोस्त हैं गोर गोर, ट्रम्प के बेटे ट्रम्प जूनियर के दोस्त हैं। दोनों ने मिलकर ‘विनिंग टीम पब्लिशिंग’ नाम की कंपनी शुरू की थी, जो ट्रम्प की किताबें प्रकाशित करती है। इस कंपनी की किताबें महंगी मानी जाती है। सबसे सस्ती किताब की कीमत भी करीब 6500 रुपए है। इसी कंपनी के जरिए ट्रम्प ने अब तक तीन किताबें छपवाई हैं, जिनमें एक किताब में उनकी वह मशहूर तस्वीर है जब पेनसिल्वेनिया में रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था और खून से लथपथ हालत में उन्होंने मुट्ठी बांधकर ताकत दिखाने वाला पोज दिया था। गोर को ट्रम्प की टीम बनाने में जिम्मा मिला था गोर व्हाइट हाउस में नियुक्तियों की जांच-परख में भी शामिल रहे हैं। उन्हें ट्रम्प की टीम में पर्दे के पीछे सबसे ताकतवर शख्सियतों में से एक माना जाता है। दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने गोर को प्रेसिडेंसियल पर्सनल ऑफिस का डायरेक्टर बनाया था। यह पद बहुत ताकतवर माना जाता है, क्योंकि इसके जरिए यह तय होता है कि सरकार में कौन-कौन लोग अहम पदों पर आएंगे। इस बार ट्रम्प ने सबसे ज्यादा ध्यान खुद में निष्ठा रखने वाले शख्स को चुनने पर दिया। दरअसल, पिछले टर्म में ट्रम्प की टीम में कई ऐसे लोग आ गए थे जो उनके हिसाब से वफादार नहीं थे और बाद में यही उनकी सबसे बड़ी गलती मानी गई। ट्रम्प ने इस बार यह गलती नहीं की। उन्होंने अपनी टीम के लिए जरूरी पदों को चुनने के लिए सर्जियो गोर को चुना जो उनके ‘दाएं हाथ’ कहे जाते हैं। गोर ने मस्क के करीबी शख्स को मिलने वाली जिम्मेदारी छीनी
मार्च 2025 में व्हाइट हाउस की एक कैबिनेट मीटिंग के दौरान मस्क और गोर के बीच बहस हो गई थी। मस्क ने कहा था कि गोर जिस तरह से लोगों को व्हाइट हाउस में नौकरी पर ला रहे हैं, वह ठीक नहीं है। यह बात सुनकर गोर नाराज हो गए और उन्होंने गुस्से में कहा कि वे मस्क से बदला लेंगे। इसके बाद मस्क ने साफ कह दिया कि वे गोर के साथ व्हाइट हाउस में काम नहीं करेंगे। इसके बाद 30 मई को मस्क ने अपने बनाए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) से इस्तीफा दे दिया। इसके दो दिन बाद गोर सीधे ट्रम्प के पास गए और उन्हें बताया कि मस्क के करीबी कारोबारी जैरेड इसाकमैन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और संगठनों को पैसे दिए हैं। गोर ने ट्रम्प से कहा कि इसाकमैन भरोसेमंद नहीं हैं, इसलिए उन्हें NASA का प्रमुख नहीं बनाया जाना चाहिए। गोर की बात सुनकर ट्रम्प ने उसी दिन मस्क से इस मुद्दे पर बात की और अगले ही दिन इसाकमैन का नाम वापस ले लिया। मस्क की नाराजगी और बढ़ गई। उन्हें लगा कि गोर ने उनके खिलाफ खेल खेला है और ट्रम्प ने भी उनकी राय को नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद मस्क ने एक्स पर लिखा कि वे एक सांप हैं। पैदा होने की जगह को लेकर झूठ कहा सर्जियो गोर पहली बार अमेरिकी राजनीति और मीडिया में 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान चर्चा में आए थे। ट्रम्प ने उन्हें कैंपेन एडवाइजर बनाया था। बाद में वे ट्रम्प के पर्सनल चीफ बने।
तब गोर की जिम्मेदारी थी कि अगर ट्रम्प जीतते हैं तो नए प्रशासन में किसे-किसे नियुक्त किया जाए। यानी उनका काम था हजारों पदों के लिए नाम चुनना और यह जांचना कि उनकी ट्रम्प में कितनी निष्ठा है।
जैसे ही गोर को यह जिम्मेदारी मिली अमेरिकी और यूरोपीय मीडिया ने उनकी ‘जन्मकुंडली’ खंगालनी शुरू की। तब पता चला कि उनका असली नाम सर्जियो गोरोखोव्सकी है। उनका जन्म 1986 में ताशकंद, उज्बेकिस्तान में हुआ था, यह तब सोवियत संघ का हिस्सा था।
हैरानी की बात ये थी कि गोर हमेशा दावा करते आए हैं कि वे माल्टा (यूरोपीय देश) में जन्मे हैं। जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो माल्टा सरकार खुद एक्शन में आई और कहा कि उनके पास गोर के जन्म का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
इसके बाद गोर की जन्म से जुड़े ताशकंद वाले रिकॉर्ड सामने आ गए। तब गोर ने पहली बार माना कि वे माल्टा में पैदा नहीं हुए थे। उनके वकील रॉबर्ट गार्सन ने मीडिया को बताया कि सर्जियो गोर का जन्म ताशकंद में हुआ था, लेकिन वे कुछ ही समय बाद माल्टा आ गए थे। उनकी पढ़ाई वहीं से हुई है इसलिए अपनी पहचान माल्टा से बताते हैं। ————————– अमेरिका से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति बताया:सोशल मीडिया पर पोस्ट किया; जनवरी 2026 से पद संभालने का जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद को वेनेजुएला का एक्टिंग प्रेसिडेंट बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट की है। इसमें ट्रम्प की तस्वीर के साथ एक्टिंग प्रेसिडेंट ऑफ वेनेजुएला ( वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति) लिखा है। पोस्ट में जनवरी 2026 से पद संभालने का जिक्र है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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