इथियोपिया में 12 हजार साल बाद ज्वालामुखी फटा:15 किलोमीटर ऊंचा गुबार उठा; भारत तक राख आने की आशंका, 2 उड़ानें रद्द

📅 Published: November 24, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

इथियोपिया में एक ज्वालामुखी 12 हजार साल बाद अचानक रविवार को फट गया। इस विस्फोट से उठने वाला धुआं करीब 15 किमी ऊंचाई तक पहुंच गया और लाल सागर पार करते हुए यमन और ओमान तक फैल गया। यह विस्फोट अफार इलाके में हेली गुब्बी ज्वालामुखी में हुआ। यह इतना पुराना और शांत ज्वालामुखी था कि आज तक इसका कोई रिकॉर्ड नहीं था। इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई है लेकिन यमन और ओमान की सरकार ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है, खासकर जिन्हें सांस की तकलीफ रहती है। आसमान में फैले राख की वजह से हवाई जहाजों को भी दिक्कत हो रही है। भारत के ऊपर भी राख आने की आशंका है, इसलिए दिल्ली-जयपुर जैसे इलाकों में उड़ानों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ज्वालामुखी विस्फोट के कारण सोमवार को कोच्चि हवाई अड्डे से रवाना होने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। राख के कण इंजन को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इस लिए इंटरनेशनल विमानन प्रोटोकॉल के तहत सतर्कता बरती जा रही है। हेली गुब्बी ज्वालामुखी फटने से जुड़ीं 3 तस्वीरें… DGCA ने गाइडलाइन जारी की अनुमान है कि राख का यह बादल सोमवार रात तक दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के इलाकों में भी पहुंच सकता है। इस बीच भारत के DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने एयरलाइनों के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं। निर्देशों में कहा गया है कि एयरलाइंस राख से प्रभावित क्षेत्रों और फ्लाइट लेवल्स से हर हाल में बचें, और ताजा एडवाइजरी के हिसाब से रूटिंग, फ्लाइट प्लानिंग और फ्यूल मैनेजमेंट में बदलाव करें। DGCA ने यह भी कहा है कि अगर किसी विमान को राख के संपर्क में आने का जरा भी संदेह हो, जैसे इंजन की परफॉर्मेंस में गड़बड़ी, केबिन में धुआं या बदबू तो एयरलाइन को इसकी जानकारी तुरंत देनी होगी।अगर राख हवाईअड्डे के संचालन को प्रभावित करती है, तो संबंधित एयरपोर्ट को रनवे, टैक्सीवे और एप्रन की तुरंत जांच करनी होगी।

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