ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का आज 16वां दिन है। इस बीच विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिसवालों को मारने और जिंदा जलाने का आरोप लगाया है। अराघची ने इसे इजराइली की खुफिया एजेंसी मोसाद की साजिश बताया। बीते दो हफ्तों से जारी इन प्रदर्शनों में अब तक 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। न्यूज एजेंसी AP ने प्रदर्शनकारियों के हवाले से बताया कि मरने वालों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी हैं। वहीं अल जजीरा की रिपोर्ट में 109 सुरक्षाकर्मियों को मारे जाने का दावा किया गया है। अराघची ने पुलिसवालों पर हमले का वीडियो भी शेयर किया है। ईरान में प्रदर्शन से जुड़ी 4 तस्वीरें… ट्रम्प बोले- ईरान ने बातचीत का प्रस्ताव दिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान ने अमेरिका से संपर्क कर बातचीत का प्रस्ताव रखा है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने बताया कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ बैठक तय करने को लेकर बातचीत कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में हालात को देखते हुए उन्हें पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है, क्योंकि मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है और गिरफ्तारियां जारी हैं। ईरान में भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर झूठी ईरान में प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी की खबरों को ईरान ने खारिज कर दिया है। भारत में ईरान के राजदूत ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही यह जानकारी पूरी तरह गलत है। राजदूत मोहम्मद फथाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि कुछ विदेशी अकाउंट्स द्वारा ईरान के हालात को लेकर फैलाई जा रही खबरें भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी प्रदर्शनों के बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला किया तो वह अमेरिकी सैनिकों और इजराइल को निशाना बनाएगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ ने रविवार को कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो इलाके में मौजूद सभी अमेरिकी मिलिट्री बेस, शिप्स और इजरायल हमारे टारगेट पर होंगे। यह बयान संसद के लाइव सत्र के दौरान दिया गया, जहां सांसद ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे लगा रहे थे। कालीबाफ ने ईरान की सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हालात में मजबूती से काम किया है। प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि गिरफ्तार किए गए लोगों से सबसे सख्त तरीके से निपटा जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। ईरानी संसद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है… ट्रम्प को ईरान पर हमले का प्लान बताया गया ईरान में जारी प्रदर्शन के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों की ब्रीफिंग दी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करती है तो ट्रम्प सैन्य कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है। ट्रम्प ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।’ वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर गालीबाफ ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान पर हमला किया तो दोनों को सख्ती से जवाब देंगे। ईरानी राष्ट्रपति बोले- अमेरिका-इजराइल दंगे भड़का रहे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने रविवार को कहा कि अमेरिका और इजराइल ईरान में दंगे भड़काकर अराजकता और अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं। उन्होंने ईरानियों से दंगाइयों और आतंकवादियों से दूर रहने को कहा। पजशकियान का कहना है कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों की बात सुनेंगे। लेकिन दंगाइयों की नहीं, जो पूरे समाज को तबाह करने की कोशिश कर रहे हैं। पजशकियान ने कहा, ‘हम लोगों की समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन दंगाइयों को पूरे समाज को खत्म करने की इजाजत नहीं दे सकते।’ ईरान के सरकारी टेलीविजन ने रविवार को राष्ट्रपति का एक इंटरव्यू टेलीकास्ट किया, जिसमें पजशकियान ने यह बातें कहीं। ब्रिटेन में ईरानी दूतावास का झंडा उतारा ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भी ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुए। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने ईरानी दूतावास का इस्लामी गणराज्य का झंडा हटाकर 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले इस्तेमाल होने वाला झंडा फहरा दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी ने शेर और सूरज के निशान वाला तिरंगा झंडा लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह झंडा कई मिनट तक दूतावास पर लगा रहा, जिसके बाद उसे हटा दिया गया। यह झंडा ईरान में शाह के शासनकाल के दौरान इस्तेमाल किया जाता था। प्रदर्शन के दौरान ‘डेमोक्रेसी फॉर ईरान’ और ‘फ्री ईरान’ जैसे नारे लगे। लंदन पुलिस ने कहा कि झंडा हटाने की घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकी जा सके और ईरानी दूतावास की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी है। क्राउन प्रिंस को सत्ता सौंपने की मांग ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी सत्ता में आए। वे 1979 से 1989 तक 10 साल सुप्रीम लीडर रहे। उनके बाद सुप्रीम लीडर बने अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से अब तक 37 साल से सत्ता में हैं। ईरान आज आर्थिक संकट, भारी महंगाई, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, बेरोजगारी, मुद्रा गिरावट और लगातार जन आंदोलनों जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। 47 साल बाद अब मौजूदा आर्थिक बदहाली और सख्त धार्मिक शासन से नाराज लोग अब बदलाव चाहते हैं। इसी कारण क्राउन प्रिंस रजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग उठ रही है। प्रदर्शनकारी उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं। युवाओं और जेन जी को लगता है कि पहलवी की वापसी से ईरान को आर्थिक स्थिरता, वैश्विक स्वीकार्यता और व्यक्तिगत आजादी मिल सकती है। देश लौटने की तैयारी कर रहे रजा पहलवी
रजा पहलवी ने शनिवार को बताया था कि वह देश लौटकर चल रहे प्रदर्शनों में शामिल होंगे। 65 साल के रजा पहलवी करीब 50 साल से अमेरिका में निर्वासन में रह रहे हैं। शनिवार सुबह उन्होंने कहा कि वह अपने देश लौटने की तैयारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट में रजा पहलवी ने लिखा- मैं भी अपने देश लौटने की तैयारी कर रहा हूं ताकि हमारी राष्ट्रीय क्रांति की जीत के समय मैं आप सबके साथ, ईरान की महान जनता के बीच खड़ा रह सकूं। मुझे पूरा भरोसा है कि वह दिन अब बहुत करीब है। ईरान में महंगाई से आम लोगों में नाराजगी बढ़ी देशभर में GenZ आक्रोश में है। इसका कारण आर्थिक बदहाली रही है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। साल की शुरुआत से रियाल की कीमत लगभग आधी हो चुकी है। यहां महंगाई चरम पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा सरकार द्वारा 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। —————– ये खबर भी पढ़ें… ईरान हिंसा– अबतक 538 लोगों की मौत, 10 हजार अरेस्ट:ईरान की अमेरिका-इजराइल को धमकी, कहा- हमला किया तो पलटवार करेंगे ईरान में 15 दिन से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन में अब तक 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। न्यूज एजेंसी AP ने प्रदर्शनकारियों के हवाले से बताया कि मरने वालों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा कर्मी हैं। इन प्रदर्शनों के बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला किया, तो वह अमेरिकी सैनिकों और इजराइल को निशाना बनाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ईरानी विदेश मंत्री बोले- प्रदर्शनकारियों ने पुलिसवालों को जिंदा जलाया:इजराइल पर साजिश का आरोप; हिंसा में 538 की मौत, 10 हजार से ज्यादा हिरासत में
📅 Published: January 12, 2026 |
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