कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने पराली जलाने की घटनाओं पर रोकथाम के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समिति की बैठक की। उन्होंने जनपद में ‘पराली दो, खाद लो’ मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में पराली जलाने की एक भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया। डीएम ने बताया कि इस मॉडल के लागू होने से खेतों की उर्वरता बढ़ेगी और पराली जलाने की घटनाओं में कमी आएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे तीन दिनों के भीतर हर गांव में किसान चौपाल आयोजित करें। इन चौपालों में किसानों को पराली न जलाने के दंड, पर्यावरणीय हानि, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों और खाद प्राप्त होने की जानकारी दी जाए। बैठक में बताया गया कि अब क पराली जलाने की 219 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से 161 घटनाएं निगरानी के माध्यम से और 19 बिना दृश्य प्रमाण के दर्ज हुईं। 39 मामलों में दंडात्मक कार्रवाई करते हुए 1 लाख 95 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है। बैठक में फार्मर रजिस्ट्री पर विशेष ध्यान देने की बात भी कही गई। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन अमित कुमार, एएसपी राजेश पांडेय, उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव और जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कानपुर देहात में लागू होगा 'पराली दो, खाद लो' मॉडल:डीएम ने पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई और किसान चौपाल के निर्देश दिए
📅 Published: November 21, 2025 |
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