बाराबंकी जिले के सफेदाबाद स्थित मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एक बार फिर विवादों में घिर गया है। शुक्रवार को हॉस्टल की बदहाली और घटिया खाने की शिकायत करने पहुंचे एमबीबीएस के एक छात्र को चीफ वार्डन और उनके साथियों ने बेरहमी से पीटा। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में तनाव बढ़ गया। पीड़ित छात्र सुबह अपनी समस्याओं को लेकर चीफ वार्डन के पास गया था। आरोप है कि समस्या सुलझाने के बजाय वार्डन ने छात्र के साथ अभद्रता की और देखते ही देखते अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर दिया। लाठी-डंडों से लैस वार्डन और उसके सहयोगियों ने छात्र को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। बीच-बचाव करने आए अन्य छात्रों को भी गालियां दी गईं और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सैकड़ों छात्र-छात्राओं में आक्रोश फैल गया। उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे परिसर में हंगामा मच गया। छात्रों के हंगामे की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस समेत कई थानों की फोर्स और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कॉलेज की डायरेक्टर मधुरिका सिंह ने लाउडस्पीकर से छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने घोषणा की कि विवादित चीफ वार्डन को तत्काल हटाया जा रहा है और एक नया वार्डन नियुक्त किया जाएगा। डायरेक्टर ने छात्रों को आश्वासन दिया कि जो भी पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे कॉलेज से बर्खास्त किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट और प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संस्थान पर पूर्व में भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। पहले एक छात्रा के उत्पीड़न और सरकारी नियमों से अधिक फीस वसूलने की शिकायत सही पाई गई थी। वर्ष 2021-22 में भी छात्रों ने लाखों रुपए का जुर्माना थोपने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के विरोध में धरना दिया था। इसके अतिरिक्त, संस्थान पर डॉक्टरों के वेतन काटने और कोविड काल के दौरान लापरवाही के भी आरोप लगे हैं। दो घंटे तक चले भारी हंगामे के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि मेयो जैसे निजी मेडिकल कॉलेज में लाखों रुपए की मोटी फीस वसूली जाती है, लेकिन इसके बदले में न तो हॉस्टल में रहने लायक सुविधाएं हैं और न ही मेस में पौष्टिक खाना दिया जाता है। जब भी छात्र अपनी आवाज उठाते हैं तो उन्हें प्रबंधन द्वारा डराया-धमकाया जाता है। पहला मौका नहीं है जब मेयो मेडिकल कॉलेज अपनी अव्यवस्थाओं के लिए चर्चा में आया है। पिछले साल भी यह संस्थान तब सुर्खियों में था जब महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) की जांच में यहां के प्रबंधन को छात्रों से अवैध वसूली और अवैध निलंबन का दोषी पाया गया था।
घटिया खाने की शिकायत पर वार्डन ने छात्र को पीटा,VIDEO:बाराबंकी के मेयो इंस्टीट्यूट में रॉड से हमला किया, हंगामे के बाद वार्डन पर एक्शन
📅 Published: January 23, 2026 |
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