मुरादाबाद। दीवान का बाज़ार स्थित अशरफ़ी बैंक्वेट हॉल में जश्ने मखदूम अशरफ़ और इस्लाहे मुआशरा का आयोजन अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस रूहानी जलसे में दूर-दराज़ से आए बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में दरगाह किछौछा शरीफ़ के सज्जादानशीन हज़रत सैयद महमूद अशरफ अशरफी जीलानी किछौछवी मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने अपने सरल और प्रभावी संबोधन में कहा कि औलिया-ए-किराम की शिक्षाएं आज भी इंसान को सही राह दिखाती हैं। उन्होंने अमन, मोहब्बत और आपसी भाईचारे को समाज की असली ताकत बताया। सज्जादानशीन ने लोगों से नफरत और बुराई से दूर रहकर एक-दूसरे की मदद करने का आह्वान किया। हज़रत ने विशेष रूप से नौजवानों से अपील की कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, गलत संगत और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें और अपने माता-पिता का सम्मान करें। उन्होंने जोर दिया कि नौजवान ही देश और समाज का भविष्य हैं, इसलिए उनका सही दिशा में रहना अत्यंत आवश्यक है। महफ़िल के दौरान नातख्वानों ने नात और मनक़़बत पेश कीं, जिससे पूरा माहौल रूहानियत से भर गया। उपस्थित लोग बड़ी तन्मयता से नातें सुनते रहे। कार्यक्रम में आए सामाजिक और धार्मिक व्यक्तियों ने ऐसे आयोजनों को आपसी प्रेम और एकता बढ़ाने वाला बताया। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि जश्ने मखदूम अशरफ़ का यह आयोजन हर साल दीवान के बाज़ार में किया जाता है, ताकि औलिया की शिक्षाएं नई पीढ़ी तक पहुंचती रहें। इस रूहानी जलसे का समापन दुआ, सलाम और लंगर के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर ग्रहण किया।
दीवान का बाजार में मुआशरा:बड़ी संख्या में अकीदतमंद हुए शामिल, अमन और भाईचारे का दिया संदेश
📅 Published: November 21, 2025 |
📂 Category: Uncategorized
