बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ के राजनीति विज्ञान विभाग में शुक्रवार को ‘नैनतारा चौधरी स्मृति व्याख्यान’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख रचनाकारों और शिक्षाविदों ने स्मृतियों, साहित्य और समाज के संबंधों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। व्याख्यान में सुप्रसिद्ध कथाकार और ‘तद्भव’ पत्रिका के संपादक अखिलेश, साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त कवयित्री अनामिका, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर व स्त्रीवादी आलोचक डॉ. सुप्रिया पाठक और कवि मनीष यादव मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। यह व्याख्यान विद्यार्थियों को जोड़ने का माध्यम कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. प्रीति चौधरी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने बताया कि यह व्याख्यान विद्यार्थियों को समकालीन महत्वपूर्ण रचनाकारों से जोड़ने का एक माध्यम है। इसके बाद कवि मनीष यादव ने अपनी कविताओं का पाठ किया। डॉ. सुप्रिया पाठक ने ‘फेमिनिस्ट मेथडॉलजी’ के संदर्भ में स्मृतियों की भूमिका को सामाजिक विज्ञान की शोध पद्धतियों से जोड़ा। कवयित्री अनामिका ने विषय के दार्शनिक आयामों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय परंपरा की किंवदंतियों और उद्धरणों के माध्यम से स्मृतियों की वैचारिक गहराई को समझाया।
बाबा साहेब अंबेडकर यूनिवर्सिटी में 'नैनतारा चौधरी स्मृति व्याख्यान':स्मृतियों, साहित्य और समाज पर रचनाकारों ने रखे विचार
📅 Published: November 21, 2025 |
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