बाराबंकी जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बिजली विभाग के कार्यालय को कुर्क कर लिया गया है। यह कार्रवाई शुक्रवार दोपहर रामनगर स्थित विद्युत वितरण खंड-II के कार्यालय पर की गई। यह मामला 2016 में बिजली के खुले तारों की चपेट में आने से एक किसान की मौत से जुड़ा है। मृतक किसान कैलाश मसौली थाना क्षेत्र के बाद गांव के निवासी थे। 2016 में ट्रांसफॉर्मर के पास खुले पड़े बिजली के तारों की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद से उनके परिवार को न्याय और मुआवजे के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। कैलाश की पत्नी शिवदेवी और बेटे अशोक कुमार 2017 से लगातार अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें न तो मुआवजा मिला और न ही उनकी सुनवाई हुई। अंततः परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुर्की का आदेश दिया। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे तहसील प्रशासन की टीम, जिसमें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल और रामनगर पुलिस शामिल थी, बिजली विभाग के कार्यालय पहुंची। टीम ने कोर्ट द्वारा निर्धारित लगभग 10 लाख रुपये की कुर्की प्रक्रिया पूरी की। मृतक के बेटे अशोक कुमार ने बताया कि वे 9 साल से न्याय के लिए भटक रहे थे और आज पहली बार उन्हें लगा कि उनकी आवाज अदालत तक पहुंची है। वहीं, बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सफाई देते हुए कहा कि यह दुर्घटना 2016 की है, जब रामनगर डिवीजन अस्तित्व में नहीं था और पूरा क्षेत्र बाराबंकी डिवीजन के अंतर्गत आता था। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर हुई कार्रवाई और बिजली विभाग के दफ्तर की कुर्की का यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
बाराबंकी में बिजली विभाग का दफ्तर कुर्क:करंट से किसान की हुई थी मौत, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
📅 Published: November 21, 2025 |
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