बार काउंसिल पंजाब हरियाणा व चंडीगढ़ चुनाव मार्च में:उम्मीदवारों की फाइनल सूची जारी, 157 उम्मीदवार, आठ साल के बाद होंगे इलेक्शन

📅 Published: February 15, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा के चुनाव इस साल मार्च में होंगे। 17 मार्च को चंडीगढ़ व 18 मार्च को पंजाब और हरियाणा राज्यों में चुनाव आयोजित किए जाएंगे। वहीं, अब काउंसिल की तरफ से इलेक्शन में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की फाइनल सूची जारी कर दी है। यह सूची बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा चुनाव नियम 1968 के नियम 12(क) के तहत जारी की गई है। यह चुनाव हर पांच साल साल के बाद होते हैं। लेकिन इस बार यह चुनाव आठ साल बाद करवाए जा रहे हैं। क्योंकि 2023 में किन्हीं कारणों से इलेक्शन नहीं हुआ था। कुल 157 उम्मीदवारों की सूची फाइल जो सूची फाइनल की गई है। दो हिससों में बांआ गया । पहली श्रेणी में 129 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनकी नामांकन तिथियां 1968 से 2015 तक की हैं। इनमें से कई वरिष्ठ वकील हैं, जैसे अमरीक सिंह कालरा, सुखदीप सिंह भिंडर बठिंडा, नरिंदर सिंह जालंधर और राकेश गुप्ता, पटियाला शामिल है। जबकि महिला उम्मीदार भी है। जबकि 10 वर्ष से कम प्रैक्टिस वाले उम्मीदवार (कुल 28) जिनकी एनरोलमेंट तिथियां 2016 से 2025 तक की हैं। इनमें अधिकांश युवा वकील हैं, इनमें दीपिका खन्ना, रणजीत सिंह, ज्योत्सना शामिल है। इस कुल सदस्य चुने जाने वाले 25 है। वोटिंग केलिए इन नियमों का पालन करना होगा बार काउंसिल चुनाव में 25 सदस्य चुने जाते हैं और वोटिंग सिंगल ट्रांसफरेबल प्रेफरेंस वोट के तरीके से होती है। मतदाता को वोटिंग पेपर पर अपनी पहली पसंद के उम्मीदवार के सामने ‘1’ अंकित करना अनिवार्य है। इसके बाद अपनी दूसरी, तीसरी और आगे की पसंद के अनुसार ‘2’, ‘3’, ‘4’ आदि अंक लगा सकते हैं (जितने चाहें उतने उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे सकते हैं)। अंक (1, 2, 3) या रोमन अंकों (I, II, III) या अंग्रेजी शब्दों (ONE, TWO, THREE) में लिखे जा सकते हैं, बशर्ते इरादा स्पष्ट हो और कोई अस्पष्टता न हो। यदि ‘1’ नहीं लगाया गया, एक से अधिक उम्मीदवारों के सामने ‘1’ लगा, या वही उम्मीदवार के सामने ‘1’ और दूसरा अंक दोनों लगे, या कोई ऐसा निशान लगा जिससे मतदाता की पहचान हो सके, या कोई कटिंग-फटिंग से पहली पसंद अस्पष्ट हो गई, तो वोट अमान्य माना जाएगा। मतदाता को वोटिंग पेपर पर हस्ताक्षर या कोई पहचान चिह्न नहीं लगाना चाहिए। वोट डालने के बाद पेपर को बैलट बॉक्स में डालना होता है। पहचान सत्यापन के लिए बार काउंसिल की मूल आईडी कार्ड, एनरोलमेंट सर्टिफिकेट (फोटो वाला), वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट अनिवार्य है; फोटोकॉपी मान्य नहीं होगी।

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