मंडी सुपरवाइजर का चंडीगढ़ में बोर्ड से हुआ पोस्टमॉर्टम:परिजनों को सौंपा शव, आज करनाल में होगा दाह संस्कार, धान घोटाले में जिला जेल में था बंद

📅 Published: November 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

करनाल में धान घोटाले व फर्जी गेटपास मामले में आरोपी सुपरवाइजर मृतक पंकज तुली का पीजीआई चंडीगढ़ में बोर्ड से पोस्टमॉर्टम हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया है। करनाल के माडल टाउन श्मशान घाट में ही उनका दाह संस्कार किया जाएगा। पंकज तुली की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। पंकज तुली के पिता सुरेंद्र तुली की करीब 18 साल पहले मौत हो गई थी, उनके स्थान पर पंकज तुली को मार्किट कमेटी में नौकरी पर रखा गया था। पंकज तुली के परिवार में अब उसकी मां सुदेश और पत्नी मनजीत कौर के साथ-साथ दो बच्चे भी है, जिसमें एक लड़का और एक लड़की है। धान घोटाले में हुई थी गिरफ्तारी धान घोटाले के मामले में 4 नवंबर को एक मामला दर्ज हुआ था। जिसमें मार्किट कमेटी सचिव आशा रानी, मंडी कर्मचारी राजेंद्र कुमार, अजय कुमार व अमित के नाम सामने आए थे। इनमें से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई। 11 दिन बाद आशा रानी को सस्पेंड कर दिया गया था। इस मामले में मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली और दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इनसे हुई पूछताछ में फर्जी तरीके से गेट पास काटने और धान घोटाले संबंधित मामले का खुलासा हुआ था। 12 नवंबर को किया गया था गिरफ्तार आरोपी पंकज तुली को पुलिस ने बुधवार 12 नवंबर को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सीआईए 2 ने पंकज को दो दिन के रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान कई खुलासे भी हुए और आरोपी से 5 लाख रुपए भी बरामद किए गए थे।आरोपी पंकज की तरफ से जिन डेटा एंट्री ओपरेटरों से फर्जी तौर पर गेट पास काटे गए थे। उन दो आरोपी अंकुश व अंकित को डकलौका यूपी से गिरफ्तार किया जा चुका है और इनको एक दिन के रिमांड पर भी लिया गया था। 14 नवंबर शुक्रवार को पंकज का रिमांड पूरा हो गया था और पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। उसके बाद से जेल में था। जिसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। पीजीआई में तोड़ा दम जिला जेल में बद पंकज तुली को मंगलवार देर शाम को ब्रेन हेमरेज हुआ था। जिसके बाद उनको करनाल अस्पताल में भर्ती करवाया था। उसकी हालत को देखते हुए बुधवार को उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया था। जिनकी 20 नवंबर की शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद आज शुक्रवार को करनाल पुलिस ने पीजीआई में पहुंचकर बोर्ड से उनके शव का पोस्टमॉर्टम करा शव परिजनों को सौंपा आज करनाल में मृतक का दाह संस्कार होगा। पहले भी हुआ था सस्पेंड बता दे कि करीब 5 माह पहले पंकज तुली की ड्यूटी कुरूक्षेत्र डीएमईओ ऑफिस में चल रही थी। इस दौरान करनाल में उनपर आरोप लगा कि उन्होंने करनाल सब्जी मंडी में दुकान अलॉटमेंट में गड़बड़ की है। जिसके बाद विभाग द्वारा जांच की गई तो पंकज तुली को दोषी पाया गया। इसी के चलते विभाग द्वारा उन्हें 5 माह पहले सस्पेंड कर दिया गया। अब पंकज तुली ने सस्पेंड रहते हुए मार्किट कमेटी सचिव आशा रानी के साथ मिलकर फर्जी तौर पर गेटपास काटे। धान सीजन में वह अवैध तौर पर करनाल में सचिव के साथ मिलकर काम कर रहा था। फर्जी गेटपास घोटाले में भी बड़ा एक्शन करनाल अनाज मंडी में हुए फर्जी गेटपास घोटाले में नई कार्रवाई की गई है। इस मामले में मंडी सचिव आशा रानी व ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल को मुख्यालय ने निलंबित कर दिया था। भले ही उसका नाम प्रारंभिक एफआईआर में नहीं था, लेकिन पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि निलंबित मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली, सचिव आशा रानी और यशपाल ने मिलकर फर्जी गेटपास बनवाए थे।अब इस मामले में मंडी सचिव आशा रानी ने हाईकोर्ट से अग्रीम जमानत ले ली है। जबकि यशपाल अभी फरार चल रहा है। पुलिस की दबिश, कई कर्मचारी फरार फर्जी गेटपास घोटाले की जांच सीआईए टू कर रही है। पुलिस के मुताबिक, एफआईआर में आरोपी मंडी कर्मचारी राजेंद्र, अजय कुमार और अमित कुमार भी अब तक पकड़ में नहीं आए हैं। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और उम्मीद है कि सभी आरोपी जल्द गिरफ्तार होंगे।

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